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Rewari News: रिश्तेदारों का बिजनेस चौपट होता देख सोनू ने मोहन को निपटाने की ठानी थी
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रेवाड़ी। 23 दिसंबर 2025 को गांव बहाला निवासी खाद-बीज विक्रेता मोहन की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने एक 10 हजार रुपये के इनामी वांछित आरोपी सोनीपत के गांव नसीरपुर निवासी साहिल को गिरफ्तार किया है।
पुलिस इस मामले में 20 हजार के इनामी सहित दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश करके पूछताछ के लिए तीन दिन के रिमांड पर लिया है।
पुलिस ने 12 जनवरी की रात को एक 20 हजार रुपये के इनामी वांछित आरोपी सोनीपत के गांव पिनाना निवासी जयभगवान उर्फ सोनू महाल को गांव खरखडा से भटसाना के कच्चे रास्ते पर मुठभेड़ के दौरान काबू किया था जिसे पुलिस द्वारा जल्द ही अदालत से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गिरफ्तार किया जाएगा।
जांच में सामने आया है कि हिसार की कंपनी से अलग होकर मोहन दूसरी कंपनी से जुड़ा तो दक्षिण हरियाणा में कंपनी का काम चौपट हो गया था। हिसार की जिस एग्रो कंपनी का मोहन दक्षिण हरियाणा का डिस्ट्रीब्यूटर था, वह कंपनी सोनू के रिश्तेदारों की पूंजी से चलती थी।
कंपनी के एमडी जयवीर का कंपनी में नाममात्र का ही निवेश था। मोहन की डिस्ट्रीब्यूटरशिप में दक्षिण हरियाणा में अच्छा कारोबार करती थी जिससे निवेशकों को अच्छा प्रॉफिट मिलता था। जब से मोहन ने डिस्ट्रीब्यूटरशिप छोड़ी थी तब से कंपनी का कारोबार सिमट रहा था।
निवेशक जयवीर से पहले की तरह प्रॉफिट मांग रहे थे। जयवीर ने निवेशकों को स्पष्ट किया कि जब से मोहन ने कंपनी का साथ छोड़ा है, तब से दक्षिण हरियाणा में कारोबार चौपट हो गया है। मोहन कंपनी की शर्तों पर फिर से जुड़ने को तैयार नहीं है।
ऐसे में अब प्रॉफिट देना उसके बस में नहीं है। कंपनी के निवेशकों ने जब एमडी से पहले की तरह प्रॉफिट मांगा तो मोहन के जाने का हवाला देकर उसने हाथ खड़े कर दिए। रिश्तेदारों का बिजनेस चौपट होता देख सोनू ने मोहन को निपटाने की ठानी।
सोनू और अंकुश ने किया था मर्डर
व्यापारी मोहन का मर्डर सोनू महाल और अंकुश ने किया था। मोहन को गोली मारने के बाद सीसीटीवी में सोनू के साथ कार की तरफ भागने वाला अंकुश ही था। पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद घायल हुए सोनू का पुलिस कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट मांग सकती है।इस मामले में पुलिस अंकुश से पहले कंपनी के एमडी जयबीर और सोनीपत के पिनाना निवासी इनामी बदमाश जयभगवान उर्फ सोनू महाल को गिरफ्तार कर चुकी है। सोनू महाल हत्या, हत्या प्रयास, लूट और रंगदारी व फिरौती जैसे 42 मामलों में नामजद है।
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पुलिस को दी थी ये शिकायत
एसपी कार्यालय की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार गांव बहाला निवासी दुष्यंत ने अपनी शिकायत में बताया था कि उसके पिता ने गांव में मोहन ट्रेडर्स के नाम से एक खाद-बीज की दुकान की हुई है। 23 दिसंबर 2025 को शाम के समय उसके पिता दुकान के बाहर बैठे हुए थे। इसी दौरान एक इंडेवर गाड़ी उनके दुकान के नजदीक चौराहे पर आकर रुकी। गाड़ी से उतरे दो युवक दवाई खरीदने की बात कहते हुए उनकी दुकान में घुस गए। दुकान में घुसते ही एक युवक ने उसके पिता के सिर में गोली मार दी। उसके पिता जमीन पर गिर गए तो दूसरे युवक ने भी उसके पिता पर गोली दाग दी।
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पुलिस इस मामले में 20 हजार के इनामी सहित दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश करके पूछताछ के लिए तीन दिन के रिमांड पर लिया है।
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पुलिस ने 12 जनवरी की रात को एक 20 हजार रुपये के इनामी वांछित आरोपी सोनीपत के गांव पिनाना निवासी जयभगवान उर्फ सोनू महाल को गांव खरखडा से भटसाना के कच्चे रास्ते पर मुठभेड़ के दौरान काबू किया था जिसे पुलिस द्वारा जल्द ही अदालत से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गिरफ्तार किया जाएगा।
जांच में सामने आया है कि हिसार की कंपनी से अलग होकर मोहन दूसरी कंपनी से जुड़ा तो दक्षिण हरियाणा में कंपनी का काम चौपट हो गया था। हिसार की जिस एग्रो कंपनी का मोहन दक्षिण हरियाणा का डिस्ट्रीब्यूटर था, वह कंपनी सोनू के रिश्तेदारों की पूंजी से चलती थी।
कंपनी के एमडी जयवीर का कंपनी में नाममात्र का ही निवेश था। मोहन की डिस्ट्रीब्यूटरशिप में दक्षिण हरियाणा में अच्छा कारोबार करती थी जिससे निवेशकों को अच्छा प्रॉफिट मिलता था। जब से मोहन ने डिस्ट्रीब्यूटरशिप छोड़ी थी तब से कंपनी का कारोबार सिमट रहा था।
निवेशक जयवीर से पहले की तरह प्रॉफिट मांग रहे थे। जयवीर ने निवेशकों को स्पष्ट किया कि जब से मोहन ने कंपनी का साथ छोड़ा है, तब से दक्षिण हरियाणा में कारोबार चौपट हो गया है। मोहन कंपनी की शर्तों पर फिर से जुड़ने को तैयार नहीं है।
ऐसे में अब प्रॉफिट देना उसके बस में नहीं है। कंपनी के निवेशकों ने जब एमडी से पहले की तरह प्रॉफिट मांगा तो मोहन के जाने का हवाला देकर उसने हाथ खड़े कर दिए। रिश्तेदारों का बिजनेस चौपट होता देख सोनू ने मोहन को निपटाने की ठानी।
सोनू और अंकुश ने किया था मर्डर
व्यापारी मोहन का मर्डर सोनू महाल और अंकुश ने किया था। मोहन को गोली मारने के बाद सीसीटीवी में सोनू के साथ कार की तरफ भागने वाला अंकुश ही था। पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद घायल हुए सोनू का पुलिस कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट मांग सकती है।इस मामले में पुलिस अंकुश से पहले कंपनी के एमडी जयबीर और सोनीपत के पिनाना निवासी इनामी बदमाश जयभगवान उर्फ सोनू महाल को गिरफ्तार कर चुकी है। सोनू महाल हत्या, हत्या प्रयास, लूट और रंगदारी व फिरौती जैसे 42 मामलों में नामजद है।
पुलिस को दी थी ये शिकायत
एसपी कार्यालय की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार गांव बहाला निवासी दुष्यंत ने अपनी शिकायत में बताया था कि उसके पिता ने गांव में मोहन ट्रेडर्स के नाम से एक खाद-बीज की दुकान की हुई है। 23 दिसंबर 2025 को शाम के समय उसके पिता दुकान के बाहर बैठे हुए थे। इसी दौरान एक इंडेवर गाड़ी उनके दुकान के नजदीक चौराहे पर आकर रुकी। गाड़ी से उतरे दो युवक दवाई खरीदने की बात कहते हुए उनकी दुकान में घुस गए। दुकान में घुसते ही एक युवक ने उसके पिता के सिर में गोली मार दी। उसके पिता जमीन पर गिर गए तो दूसरे युवक ने भी उसके पिता पर गोली दाग दी।