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आत्मनिर्भर भारत के लिए कौशल विकास जरूरी : प्रो. अश्विनी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 09 Apr 2026 11:54 PM IST
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रेवाड़ी। आईजीयू में आयोजित हुए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन पर प्रतिभागियों को सम्मानित करते
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रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में कौशल संवर्धन एवं व्यावसायिक विकास केंद्र, वाणिज्य विभाग और पर्यटन एवं प्रबंधन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन वीरवार को हुआ। स्वदेशी शोध संस्थान के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में शोध और कौशल विकास पर जोर दिया गया। मुख्य वक्ता प्रो. अश्विनी महाजन ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए कौशल विकास जरूरी है।
मुख्य अतिथि प्रो. एसएन सचदेवा और प्रो. बीआर कंबोज रहे। विशिष्ट अतिथि प्रो. एसके अग्रवाल और मुख्य वक्ता अर्थशास्त्री प्रो. अश्विनी महाजन उपस्थित रहे। अध्यक्षता कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने की। उन्होंने अतिथियों को स्मृति चिह्न व शॉल भेंट कर सम्मानित किया। कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह ने शोध की नई प्रवृत्तियों पर प्रकाश डाला।
संयोजक प्रो. रितु बजाज ने दो दिवसीय कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रो. एसके अग्रवाल ने उद्योग और शिक्षा के समन्वय से विद्यार्थियों में उद्यमशीलता बढ़ाने पर जोर दिया। प्रो. बी.आर. कंबोज ने शोध में गुणवत्ता और सॉफ्ट स्किल विकास की आवश्यकता बताई।
प्रो. एस.एन. सचदेवा ने शोध को मानव कल्याण से जोड़ने और कृषि क्षेत्र में सुधार पर बल दिया। मुख्य वक्ता प्रो. अश्विनी महाजन ने आत्मनिर्भर भारत के लिए कौशल विकास को जरूरी बताया।
कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने कहा कि ऐसे आयोजनों के विचारों को व्यवहार में लागू करना जरूरी है। सम्मेलन में 230 प्रतिभागियों ने भाग लिया और कुल 140 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें 55 ऑनलाइन और 85 ऑफलाइन थे। कुल 12 सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधरोपण भी किया गया।
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मुख्य अतिथि प्रो. एसएन सचदेवा और प्रो. बीआर कंबोज रहे। विशिष्ट अतिथि प्रो. एसके अग्रवाल और मुख्य वक्ता अर्थशास्त्री प्रो. अश्विनी महाजन उपस्थित रहे। अध्यक्षता कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने की। उन्होंने अतिथियों को स्मृति चिह्न व शॉल भेंट कर सम्मानित किया। कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह ने शोध की नई प्रवृत्तियों पर प्रकाश डाला।
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संयोजक प्रो. रितु बजाज ने दो दिवसीय कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रो. एसके अग्रवाल ने उद्योग और शिक्षा के समन्वय से विद्यार्थियों में उद्यमशीलता बढ़ाने पर जोर दिया। प्रो. बी.आर. कंबोज ने शोध में गुणवत्ता और सॉफ्ट स्किल विकास की आवश्यकता बताई।
प्रो. एस.एन. सचदेवा ने शोध को मानव कल्याण से जोड़ने और कृषि क्षेत्र में सुधार पर बल दिया। मुख्य वक्ता प्रो. अश्विनी महाजन ने आत्मनिर्भर भारत के लिए कौशल विकास को जरूरी बताया।
कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने कहा कि ऐसे आयोजनों के विचारों को व्यवहार में लागू करना जरूरी है। सम्मेलन में 230 प्रतिभागियों ने भाग लिया और कुल 140 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें 55 ऑनलाइन और 85 ऑफलाइन थे। कुल 12 सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधरोपण भी किया गया।