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Rewari News: जेएलएन नहर में डूबे बालक का भी शव 2 दिन बाद मिला
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 02 Jun 2026 06:10 PM IST
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मृतक, दुष्यंत
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संवाद न्यूज एजेंसी
कोसली। क्षेत्र से गुजर रही जेएलएन नहर में नहाने के दौरान बह गए एक और बालक जांट गांव निवासी दुष्यंत(11) का शव मिल गया है। एक दिन पहले झज्जर के बहू गांव निवासी 19 वर्षीय चंद्रकांत का शव मिला था।
लगातार कई घंटों तक चले सर्च अभियान के बाद दुष्यंत का शव 2 दिन बाद सिहोर गांव के पास एक पंप के जाल में फंसा मिला। एक दिन पहले चंद्रकांत का शव करीब 31 घंटे बाद बरामद हुआ था। रविवार सुबह करीब 10 बजे तीन लड़के जेएलएन नहर में नहाने के लिए पहुंचे थे। नहाने के दौरान अचानक पानी का तेज बहाव आने से चंद्रकांत और दुष्यंत संतुलन खो बैठे और नहर में बह गए। इनके साथ मौजूद तीसरा लड़का किसी तरह खुद को बचाकर बाहर निकल आया और घटना की सूचना परिजनों को दी। सूचना मिलने के बाद प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे तथा दोनों की तलाश शुरू की गई।
घटना के समय बच्चों के माता-पिता घर पर नहीं थे। वे किसी काम से दुकान और बाजार गए हुए थे। इसी दौरान तीनों बच्चे बिना बताए घर से निकल गए और नहर की ओर चले गए। चंद्रकांत अपने मामा के यहां आया हुआ था और वह ममेरे भाई दुष्यंत को भी साथ ले गया था। चंद्रकांत मानेसर कंपनी में कार्य करता था। दुष्यंत सातवीं कक्षा का छात्र था। घटना के बाद दोनों परिवारों का रो-रोकर दयनीय हो गई। गांवों में भी शोक की लहर है।
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कोसली। क्षेत्र से गुजर रही जेएलएन नहर में नहाने के दौरान बह गए एक और बालक जांट गांव निवासी दुष्यंत(11) का शव मिल गया है। एक दिन पहले झज्जर के बहू गांव निवासी 19 वर्षीय चंद्रकांत का शव मिला था।
लगातार कई घंटों तक चले सर्च अभियान के बाद दुष्यंत का शव 2 दिन बाद सिहोर गांव के पास एक पंप के जाल में फंसा मिला। एक दिन पहले चंद्रकांत का शव करीब 31 घंटे बाद बरामद हुआ था। रविवार सुबह करीब 10 बजे तीन लड़के जेएलएन नहर में नहाने के लिए पहुंचे थे। नहाने के दौरान अचानक पानी का तेज बहाव आने से चंद्रकांत और दुष्यंत संतुलन खो बैठे और नहर में बह गए। इनके साथ मौजूद तीसरा लड़का किसी तरह खुद को बचाकर बाहर निकल आया और घटना की सूचना परिजनों को दी। सूचना मिलने के बाद प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे तथा दोनों की तलाश शुरू की गई।
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घटना के समय बच्चों के माता-पिता घर पर नहीं थे। वे किसी काम से दुकान और बाजार गए हुए थे। इसी दौरान तीनों बच्चे बिना बताए घर से निकल गए और नहर की ओर चले गए। चंद्रकांत अपने मामा के यहां आया हुआ था और वह ममेरे भाई दुष्यंत को भी साथ ले गया था। चंद्रकांत मानेसर कंपनी में कार्य करता था। दुष्यंत सातवीं कक्षा का छात्र था। घटना के बाद दोनों परिवारों का रो-रोकर दयनीय हो गई। गांवों में भी शोक की लहर है।