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Rewari News: दीपावली से पहले शहर की सुधरेगी सफाई व्यवस्था, गंदगी मिलने पर तय होगी जवाबदेही
Sat, 24 Oct 2026 11:22 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 24 Oct 2026 11:22 PM IST
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पुराना हाउसिंग बोर्ड के पास पड़ा कूड़ा। संवाद
रेवाड़ी। दीपावली को देखते हुए नगर परिषद ने शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की कार्ययोजना तैयार की है। प्रकाश वर्ष से पहले शहर को 27 सर्किलों में बांट कर सफाई व्यवस्था बीट सिस्टम से सुधारी जाएगी। प्रत्येक सफाई कर्मचारी का क्षेत्र निर्धारित होगा। गंदगी मिलने पर संबंधित सफाई कर्मचारी की जवाबदेही तय होगी।
डीएमसी प्रदीप अहलावत की पहल पर सफाई की कार्ययोजना तैयार की गई है। अधिकारियों का लक्ष्य सप्ताहभर में नई व्यवस्था को पूरी तरह लागू करना है।
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक कर्मचारी को अपनी निर्धारित बीट में नियमित सफाई करनी होगी। निगरानी के लिए हर 10 कर्मचारियों पर एक दरोगा यानी सुपरवाइजर नियुक्त किया जाएगा। संबंधित वार्ड के पार्षद भी सफाई व्यवस्था पर नजर रखेंगे।
इससे कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने के साथ सफाई कार्य में लापरवाही पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि बीट सिस्टम लागू होने से जोन और वार्ड के आधार पर कर्मचारियों की संख्या तथा काम के बंटवारे को लेकर होने वाले विवाद भी कम होंगे।
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नगर परिषद के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने के शुरुआती आठ से दस दिनों में कचरा अधिक दिखाई देने और व्यवस्था को व्यवस्थित करने में कुछ परेशानी आ सकती है। अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की संख्या और गलियों के अनुपात को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारियां बांटी गई हैं, ताकि किसी कर्मचारी पर अनावश्यक दबाव न पड़े और प्रत्येक गली की नियमित सफाई सुनिश्चित हो सके।
317 कर्मचारियों की अलग-अलग सर्किलों में लगेगी ड्यूटी
नगर परिषद के पास नियमित और पालिका रोल पर करीब 317 कर्मचारी हैं। इनकी ड्यूटी शहर के अलग-अलग सर्किलों में लगाई जाएगी। सेक्टर-3 और सेक्टर-4 में बनाए गए सर्किलों में ठेकेदार के कर्मचारी सफाई करेंगे, जबकि बाकी शहर में नगर परिषद के कर्मचारी जिम्मेदारी संभालेंगे। सफाई के बाद कचरा निर्धारित कलेक्शन पॉइंट पर पहुंचाया जाएगा। वहां से उठान कर कचरे को रामसिंहपुरा स्थित निस्तारण केंद्र भेजा जाएगा।
जवाबदेही तय करने के लिए बनाई योजना
नई कार्ययोजना तैयार करने के पीछे मुख्य उद्देश्य सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी स्पष्ट करना है। पहले कई बार एक ही क्षेत्र में बार-बार सफाई होने और दूसरे क्षेत्रों में पर्याप्त सफाई नहीं होने की शिकायतें सामने आती थीं। इसके अलावा वार्ड और जोन के हिसाब से कर्मचारियों की संख्या को लेकर भी विवाद होते थे। दिवाली के दौरान कचरे की मात्रा बढ़ने की आशंका के चलते नगर परिषद ने निगरानी और उठान व्यवस्था मजबूत करने का निर्णय लिया है।
वर्जन
दीपावली को देखते हुए शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए 27 सर्किलों में बांटकर बीट सिस्टम लागू किया जा रहा है। इससे प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी तय होगी। शुरुआती दिनों में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं, लेकिन जल्द ही व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी। उन्होंने बताया कि नई योजना को सप्ताहभर में पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।- प्रदीप अहलावत, डीएमसी
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डीएमसी प्रदीप अहलावत की पहल पर सफाई की कार्ययोजना तैयार की गई है। अधिकारियों का लक्ष्य सप्ताहभर में नई व्यवस्था को पूरी तरह लागू करना है।
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक कर्मचारी को अपनी निर्धारित बीट में नियमित सफाई करनी होगी। निगरानी के लिए हर 10 कर्मचारियों पर एक दरोगा यानी सुपरवाइजर नियुक्त किया जाएगा। संबंधित वार्ड के पार्षद भी सफाई व्यवस्था पर नजर रखेंगे।
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इससे कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने के साथ सफाई कार्य में लापरवाही पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि बीट सिस्टम लागू होने से जोन और वार्ड के आधार पर कर्मचारियों की संख्या तथा काम के बंटवारे को लेकर होने वाले विवाद भी कम होंगे।
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नगर परिषद के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने के शुरुआती आठ से दस दिनों में कचरा अधिक दिखाई देने और व्यवस्था को व्यवस्थित करने में कुछ परेशानी आ सकती है। अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की संख्या और गलियों के अनुपात को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारियां बांटी गई हैं, ताकि किसी कर्मचारी पर अनावश्यक दबाव न पड़े और प्रत्येक गली की नियमित सफाई सुनिश्चित हो सके।
317 कर्मचारियों की अलग-अलग सर्किलों में लगेगी ड्यूटी
नगर परिषद के पास नियमित और पालिका रोल पर करीब 317 कर्मचारी हैं। इनकी ड्यूटी शहर के अलग-अलग सर्किलों में लगाई जाएगी। सेक्टर-3 और सेक्टर-4 में बनाए गए सर्किलों में ठेकेदार के कर्मचारी सफाई करेंगे, जबकि बाकी शहर में नगर परिषद के कर्मचारी जिम्मेदारी संभालेंगे। सफाई के बाद कचरा निर्धारित कलेक्शन पॉइंट पर पहुंचाया जाएगा। वहां से उठान कर कचरे को रामसिंहपुरा स्थित निस्तारण केंद्र भेजा जाएगा।
जवाबदेही तय करने के लिए बनाई योजना
नई कार्ययोजना तैयार करने के पीछे मुख्य उद्देश्य सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी स्पष्ट करना है। पहले कई बार एक ही क्षेत्र में बार-बार सफाई होने और दूसरे क्षेत्रों में पर्याप्त सफाई नहीं होने की शिकायतें सामने आती थीं। इसके अलावा वार्ड और जोन के हिसाब से कर्मचारियों की संख्या को लेकर भी विवाद होते थे। दिवाली के दौरान कचरे की मात्रा बढ़ने की आशंका के चलते नगर परिषद ने निगरानी और उठान व्यवस्था मजबूत करने का निर्णय लिया है।
वर्जन
दीपावली को देखते हुए शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए 27 सर्किलों में बांटकर बीट सिस्टम लागू किया जा रहा है। इससे प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी तय होगी। शुरुआती दिनों में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं, लेकिन जल्द ही व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी। उन्होंने बताया कि नई योजना को सप्ताहभर में पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।- प्रदीप अहलावत, डीएमसी