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Rewari News: वार्ड निवासी बोले- कभी भी सीवरेज हो जाता है ओवरफ्लो, लाइटें भी नहीं जलतीं
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- वार्ड में सीवरेज, साफ-सफाई, कूड़ा उठान, स्ट्रीट लाईट, बेसहारा पशुओं का जमावड़ा सहित अनेक समस्याएं
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर के वार्ड नंबर 17 में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी से स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड में सीवरेज व्यवस्था, साफ-सफाई, कूड़ा उठान, स्ट्रीट लाईटें और बेसहारा पशुओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई है।
अब तक समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई-कई दिनों तक सीवरेज की समस्या जस की तस बनी रहती है। नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है।
इस वजह से बदबू और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। वहीं डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था भी पूरी तरह से लचर है। लोगों का आरोप है कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नियमित रूप से वार्ड में नहीं आती जिसके कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लग जाते हैं।
इसके अलावा बेसहारा पशुओं का जमावड़ा भी वार्ड की एक बड़ी समस्या बन चुका है। सड़कों और गलियों में घूमते आवारा पशु न केवल यातायात में बाधा उत्पन्न करते हैं बल्कि दुर्घटनाओं का भी खतरा बढ़ा देते हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
लोगों ने बताया कि वे कई बार संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा चुके हैं। यहां तक कि अपनी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक भी रिपोर्ट भेजी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है कि शिकायतों के बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा।
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क्या बोलीं पार्षद
निवर्तमान पार्षद सुमित्रा चांदना ने बताया कि पिछले पांच वर्षों के कार्यकाल में वार्ड में 65 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्य कराए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई अन्य कार्यों की योजना तैयार थी। उनके अनुसार करीब 20 लाख रुपये की लागत से सड़कों के निर्माण का टेंडर भी जारी किया गया था लेकिन आचार संहिता लागू होने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया। सीवर की समस्या मेरे वार्ड में ही नहीं पूरे शहर में बनी हुई है। पब्लिक हेल्थ के पास पूरे कर्मचारी भी नहीं है। रही बात साफ सफाई की तो नगर परिषद का इसी तरह का हाल है। इनके पास भी पर्याप्त कर्मचारी नहीं है।
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क्या बोले लोग:
मोहल्ले में हर तीसरे दिन सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है। वार्ड में सफाई भी कई दिनों तक नहीं होती है। सीवर ओवरफ्लो से घर में सीलन तक आ गई है।
- बिमला देवी, मुक्तिवाड़ा
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पिछले एक साल से मंदिर के बाहर सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है। आज भी फोन किया है। कर्मचारी आते हैं केवल डंडी मारकर चले जाते हैं। इससे समस्या का समाधान नहीं होता है।
- लक्ष्मी देवी, साईं बाबा मंदिर
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मोहल्ले में कूड़ा उठाने के लिए कोई भी कर्मचारी नहीं आता है। खुद ही कूड़े को एकत्रित कर डालकर आना पड़ता है। लंबे समय से यहां पर समस्या बनी हुई है।
- ममता देवी, मुक्तिवाड़ा
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वार्ड में कई स्थानों पर स्ट्रीट लाईटों का अभाव बना हुआ है। मेरे मोहल्ले में भी तीन दिनों से लाइटें बंद पड़ी हैं। अधिकारियों को भी कई बार अवगत करा चुका हूं।
- भगवानदास, मुक्तिवाड़ा
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर के वार्ड नंबर 17 में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी से स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड में सीवरेज व्यवस्था, साफ-सफाई, कूड़ा उठान, स्ट्रीट लाईटें और बेसहारा पशुओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई है।
अब तक समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई-कई दिनों तक सीवरेज की समस्या जस की तस बनी रहती है। नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है।
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इस वजह से बदबू और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। वहीं डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था भी पूरी तरह से लचर है। लोगों का आरोप है कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नियमित रूप से वार्ड में नहीं आती जिसके कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लग जाते हैं।
इसके अलावा बेसहारा पशुओं का जमावड़ा भी वार्ड की एक बड़ी समस्या बन चुका है। सड़कों और गलियों में घूमते आवारा पशु न केवल यातायात में बाधा उत्पन्न करते हैं बल्कि दुर्घटनाओं का भी खतरा बढ़ा देते हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
लोगों ने बताया कि वे कई बार संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा चुके हैं। यहां तक कि अपनी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक भी रिपोर्ट भेजी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है कि शिकायतों के बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा।
क्या बोलीं पार्षद
निवर्तमान पार्षद सुमित्रा चांदना ने बताया कि पिछले पांच वर्षों के कार्यकाल में वार्ड में 65 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्य कराए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई अन्य कार्यों की योजना तैयार थी। उनके अनुसार करीब 20 लाख रुपये की लागत से सड़कों के निर्माण का टेंडर भी जारी किया गया था लेकिन आचार संहिता लागू होने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया। सीवर की समस्या मेरे वार्ड में ही नहीं पूरे शहर में बनी हुई है। पब्लिक हेल्थ के पास पूरे कर्मचारी भी नहीं है। रही बात साफ सफाई की तो नगर परिषद का इसी तरह का हाल है। इनके पास भी पर्याप्त कर्मचारी नहीं है।
क्या बोले लोग:
मोहल्ले में हर तीसरे दिन सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है। वार्ड में सफाई भी कई दिनों तक नहीं होती है। सीवर ओवरफ्लो से घर में सीलन तक आ गई है।
- बिमला देवी, मुक्तिवाड़ा
पिछले एक साल से मंदिर के बाहर सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है। आज भी फोन किया है। कर्मचारी आते हैं केवल डंडी मारकर चले जाते हैं। इससे समस्या का समाधान नहीं होता है।
- लक्ष्मी देवी, साईं बाबा मंदिर
मोहल्ले में कूड़ा उठाने के लिए कोई भी कर्मचारी नहीं आता है। खुद ही कूड़े को एकत्रित कर डालकर आना पड़ता है। लंबे समय से यहां पर समस्या बनी हुई है।
- ममता देवी, मुक्तिवाड़ा
वार्ड में कई स्थानों पर स्ट्रीट लाईटों का अभाव बना हुआ है। मेरे मोहल्ले में भी तीन दिनों से लाइटें बंद पड़ी हैं। अधिकारियों को भी कई बार अवगत करा चुका हूं।
- भगवानदास, मुक्तिवाड़ा
