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Rewari News: मांगों को लेकर पांच दिन बाद श्रमिकों का फिर प्रदर्शन, उत्पादन ठप
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मांगों को लेकर धरने पर बैठे कंपनी कर्मचारी। संवाद
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भिवाड़ी। सोमवार को टपूकड़ा स्थित भगवती प्रोडक्ट्स लिमिटेड के श्रमिक गेट पर धरने पर बैठ गए। श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की जिससे कंपनी का उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया। ये दूसरा मौका है जब इस कंपनी के कर्मचारी धरने पर बैठे हैं।
पांच दिन पहले भी श्रमिकों ने गेट पर प्रदर्शन किया था इसके बाद प्रबंधन ने पांच दिन का समय मांगा था। हालांकि समय बीतने के बाद भी वेतन में बढ़ोतरी या कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया जिसके कारण सोमवार को कर्मचारी दोबारा धरने पर बैठ गए।
महिला श्रमिकों ने बताया कि वे बिहार से काम करने आई हैं। कुछ को तीन साल तो कुछ को एक साल हो गया है लेकिन उन्हें केवल 9 से 11 हजार रुपये के बीच वेतन मिल रहा है। इस कम वेतन में बढ़ती महंगाई के कारण गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।
श्रमिकों ने कैंटीन में खराब खाने बीमार होने पर गेट पास न मिलने, छोटी-मोटी गलती पर नौकरी से निकालने और 10-15 दिन काम करने के बाद भी वेतन न देकर नौकरी से हटाने जैसी समस्याओं को भी उजागर किया।
श्रमिकों की मुख्य मांगों में 8 घंटे की ड्यूटी के लिए 18 हजार रुपये मासिक वेतन, ओवरटाइम में बढ़ोतरी, कैंटीन में अच्छा खाना और प्रबंधन द्वारा श्रमिकों के साथ अच्छा व्यवहार शामिल है।
श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी उनकी मांगों को नहीं मानती है तो वे चक्का जाम करेंगे और कंपनी में किसी भी तरह का काम नहीं होने देंगे।
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पांच दिन पहले भी श्रमिकों ने गेट पर प्रदर्शन किया था इसके बाद प्रबंधन ने पांच दिन का समय मांगा था। हालांकि समय बीतने के बाद भी वेतन में बढ़ोतरी या कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया जिसके कारण सोमवार को कर्मचारी दोबारा धरने पर बैठ गए।
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महिला श्रमिकों ने बताया कि वे बिहार से काम करने आई हैं। कुछ को तीन साल तो कुछ को एक साल हो गया है लेकिन उन्हें केवल 9 से 11 हजार रुपये के बीच वेतन मिल रहा है। इस कम वेतन में बढ़ती महंगाई के कारण गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।
श्रमिकों ने कैंटीन में खराब खाने बीमार होने पर गेट पास न मिलने, छोटी-मोटी गलती पर नौकरी से निकालने और 10-15 दिन काम करने के बाद भी वेतन न देकर नौकरी से हटाने जैसी समस्याओं को भी उजागर किया।
श्रमिकों की मुख्य मांगों में 8 घंटे की ड्यूटी के लिए 18 हजार रुपये मासिक वेतन, ओवरटाइम में बढ़ोतरी, कैंटीन में अच्छा खाना और प्रबंधन द्वारा श्रमिकों के साथ अच्छा व्यवहार शामिल है।
श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी उनकी मांगों को नहीं मानती है तो वे चक्का जाम करेंगे और कंपनी में किसी भी तरह का काम नहीं होने देंगे।

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