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विकास की अंधी दौड़ में संसाधनों का हो रहा दोहन : मनोज
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विश्व पृथ्वी दिवस पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राएं।स्रोत:स्कूल
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रेवाड़ी। भाड़ावास स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर प्रार्थना सभा में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण एवं पृथ्वी की महत्ता के प्रति जागरूक किया गया।
साहित्यकार एवं चिंतक मनोज कुमार ने कहा कि विश्व पृथ्वी दिवस आज 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है और यह दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरणीय आंदोलन बन चुका है। उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत वर्ष 1970 में अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन द्वारा की गई थी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की थीम हमारी शक्ति-हमारा ग्रह हमें यह संदेश देती है कि पृथ्वी संरक्षण की शक्ति मानव के भीतर ही निहित है। उन्होंने आगे कहा कि औद्योगिकीकरण और विकास की अंधी दौड़ में प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन हुआ है।
जिससे पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। ऐसे में विद्यार्थियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में व्याख्याता ममता एवं पूजा शर्मा ने भी अपने विचार साझा किए और पौधरोपण तथा प्लास्टिक के कम उपयोग को जीवन में अपनाने की अपील की।
वहीं व्याख्याता सुनीता देवी एवं नम्रता सचदेवा ने विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया। इस दौरान कार्यक्रम में विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
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साहित्यकार एवं चिंतक मनोज कुमार ने कहा कि विश्व पृथ्वी दिवस आज 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है और यह दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरणीय आंदोलन बन चुका है। उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत वर्ष 1970 में अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन द्वारा की गई थी।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की थीम हमारी शक्ति-हमारा ग्रह हमें यह संदेश देती है कि पृथ्वी संरक्षण की शक्ति मानव के भीतर ही निहित है। उन्होंने आगे कहा कि औद्योगिकीकरण और विकास की अंधी दौड़ में प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन हुआ है।
जिससे पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। ऐसे में विद्यार्थियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में व्याख्याता ममता एवं पूजा शर्मा ने भी अपने विचार साझा किए और पौधरोपण तथा प्लास्टिक के कम उपयोग को जीवन में अपनाने की अपील की।
वहीं व्याख्याता सुनीता देवी एवं नम्रता सचदेवा ने विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया। इस दौरान कार्यक्रम में विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।

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