{"_id":"6a4e93d3cd74c029bc027e05","slug":"youth-acquitted-of-entering-atm-booth-with-intention-of-stealing-rewari-news-c-198-1-rew1001-241563-2026-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: एटीएम बूथ में चोरी की नीयत से घुसने के आरोप से युवक बरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: एटीएम बूथ में चोरी की नीयत से घुसने के आरोप से युवक बरी
Wed, 08 Jul 2026 11:45 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 08 Jul 2026 11:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेवाड़ी। एटीएम बूथ में चोरी की नीयत से घुसने के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनिल की अदालत ने आरोपी लाडूवास अहीर निवासी अजय कुमार को बरी कर दिया है। कहा कि अभियोजन पक्ष चोरी की नीयत और आपराधिक प्रवेश के आरोपों को साबित नहीं कर पाया।
5 जून 2024 को सर्कुलर रोड स्थित एसबीआई मुख्य शाखा में बैंक बंद होने के बाद एक व्यक्ति एटीएम के पास मिला था। बैंक प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी अजय कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस का आरोप था कि अजय के पास हथौड़ा, छेनी, पेचकस, दस्ताने और मास्क जैसी वस्तुएं मिली थीं और वह चोरी की तैयारी में था।
अदालत ने साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए पाया कि एटीएम से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं हुई थी। गवाहों ने भी माना कि आरोपी ने बैंक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।
विज्ञापन
7 जुलाई को सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि केवल बूथ के अंदर मौजूद होना और बैग में औजार मिलना चोरी की नीयत साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके बाद अदालत ने अजय कुमार को बरी कर दिया।
विज्ञापन
5 जून 2024 को सर्कुलर रोड स्थित एसबीआई मुख्य शाखा में बैंक बंद होने के बाद एक व्यक्ति एटीएम के पास मिला था। बैंक प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी अजय कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस का आरोप था कि अजय के पास हथौड़ा, छेनी, पेचकस, दस्ताने और मास्क जैसी वस्तुएं मिली थीं और वह चोरी की तैयारी में था।
विज्ञापन
अदालत ने साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए पाया कि एटीएम से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं हुई थी। गवाहों ने भी माना कि आरोपी ने बैंक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।
विज्ञापन
7 जुलाई को सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि केवल बूथ के अंदर मौजूद होना और बैग में औजार मिलना चोरी की नीयत साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके बाद अदालत ने अजय कुमार को बरी कर दिया।