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Rohtak News: पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में सात लाख से बनेगा ब्लड बैंक स्टोर
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एक्सक्लूसिव
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेेडिकल साइंसेज (पीजीआईएमएस) के ट्रॉमा सेंटर में सात लाख रुपये से ब्लड बैंक स्टोर बनाने की तैयारी है। इसके लिए संस्थान की ओर से औपचारिकताएं की जा रही हैं।
एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रागिनी को ब्लड बैंक स्टोर की प्रभारी बनाया गया है। यह स्टोर ट्रॉमा सेंटर की दूसरी मंजिल पर बनेगा। इससे एक्सीडेंट व इमरजेंसी केस हैंडल करने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। ट्रॉमा सेंटर से रोज 15 से 20 मरीजों को ब्लड बैंक विभाग में रक्त लेने के लिए एक किलोमीटर दूर आना पड़ता है।
इसमें समय भी खर्च होता है। खून एक ऐसा तरल पदार्थ है जिसके शरीर के बाहर आने पर जल्द खराब होने का खतरा रहता है। इसे शुरू करने के बाद समय के साथ अपग्रेड किया जाएगा। कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल व निदेशक डॉ. एसके सिंघल के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है।
ब्लड बैंक विभाग ने पिछले वर्ष 37,578 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया था जिसमें से 18,492 यूनिट रक्तदान शिविरों के माध्यम से संग्रहीत किया गया।
वर्जन
संस्थान में हर दिन 200 से अधिक यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है। विभाग मरीजों को विभिन्न प्रकार के रक्त घटक भी देता है, जिनमें थैलीसिमिया, हीमोफीलिया, क्रोनिक किडनी रोग, कैंसर, ट्रॉमा और जटिल सर्जिकल मामलों में रक्त की आवश्यकता होती है।
-डॉ. गजेंद्र सिंह, ब्लड बैंक विभागाध्यक्ष, पीजीआई
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वर्जन
ट्रॉमा सेंटर में ब्लड बैंक स्टोर बनने से इमरजेंसी केसों में मरीजों को तुरंत खून उपलब्ध हो पाएगा। -डॉ. सुरेश सिंघल, निदेशक, पीजीआई
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेेडिकल साइंसेज (पीजीआईएमएस) के ट्रॉमा सेंटर में सात लाख रुपये से ब्लड बैंक स्टोर बनाने की तैयारी है। इसके लिए संस्थान की ओर से औपचारिकताएं की जा रही हैं।
एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रागिनी को ब्लड बैंक स्टोर की प्रभारी बनाया गया है। यह स्टोर ट्रॉमा सेंटर की दूसरी मंजिल पर बनेगा। इससे एक्सीडेंट व इमरजेंसी केस हैंडल करने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। ट्रॉमा सेंटर से रोज 15 से 20 मरीजों को ब्लड बैंक विभाग में रक्त लेने के लिए एक किलोमीटर दूर आना पड़ता है।
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इसमें समय भी खर्च होता है। खून एक ऐसा तरल पदार्थ है जिसके शरीर के बाहर आने पर जल्द खराब होने का खतरा रहता है। इसे शुरू करने के बाद समय के साथ अपग्रेड किया जाएगा। कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल व निदेशक डॉ. एसके सिंघल के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है।
ब्लड बैंक विभाग ने पिछले वर्ष 37,578 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया था जिसमें से 18,492 यूनिट रक्तदान शिविरों के माध्यम से संग्रहीत किया गया।
वर्जन
संस्थान में हर दिन 200 से अधिक यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है। विभाग मरीजों को विभिन्न प्रकार के रक्त घटक भी देता है, जिनमें थैलीसिमिया, हीमोफीलिया, क्रोनिक किडनी रोग, कैंसर, ट्रॉमा और जटिल सर्जिकल मामलों में रक्त की आवश्यकता होती है।
-डॉ. गजेंद्र सिंह, ब्लड बैंक विभागाध्यक्ष, पीजीआई
वर्जन
ट्रॉमा सेंटर में ब्लड बैंक स्टोर बनने से इमरजेंसी केसों में मरीजों को तुरंत खून उपलब्ध हो पाएगा। -डॉ. सुरेश सिंघल, निदेशक, पीजीआई