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Rohtak News: 80 लाख के गबन के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
Fri, 26 Jun 2026 05:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Fri, 26 Jun 2026 05:20 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र कुमार की कोर्ट ने 80 लाख रुपये के गबन के आरोपी शिव कॉलोनी निवासी पवन कुमार की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। आरोपी पुराना गोहाना अड्डा स्थित पूजा सीमेंट स्टोर में 14 साल से मुंशी था।
शिकायतकर्ता रविंदर ने 5 जून को पुरानी सब्जी मंडी थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी कि पवन कुमार लंबे समय से दुकान की खरीद-बिक्री और हिसाब-किताब संभाल रहा था। इसी दौरान उसने बिक्री की रकम का गबन कर दिया।
रकम अपने तथा पत्नी के बैंक खातों में जमा कर दी। जांच में पुलिस ने आरोपी और उसकी पत्नी के खातों में 62.81 लाख से अधिक की राशि मिलने का दावा किया गया है। दोनों के खाते फ्रीज कर दिए गए हैं।
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सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि एफआईआर में किसी ऑडिट रिपोर्ट, स्टॉक सत्यापन या विशिष्ट लेन-देन का उल्लेख नहीं है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि आरोपी से हिरासत में पूछताछ जरूरी है क्योंकि मामले में बड़ी रकम के गबन और विश्वासघात के गंभीर आरोप हैं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
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रोहतक। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र कुमार की कोर्ट ने 80 लाख रुपये के गबन के आरोपी शिव कॉलोनी निवासी पवन कुमार की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। आरोपी पुराना गोहाना अड्डा स्थित पूजा सीमेंट स्टोर में 14 साल से मुंशी था।
शिकायतकर्ता रविंदर ने 5 जून को पुरानी सब्जी मंडी थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी कि पवन कुमार लंबे समय से दुकान की खरीद-बिक्री और हिसाब-किताब संभाल रहा था। इसी दौरान उसने बिक्री की रकम का गबन कर दिया।
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रकम अपने तथा पत्नी के बैंक खातों में जमा कर दी। जांच में पुलिस ने आरोपी और उसकी पत्नी के खातों में 62.81 लाख से अधिक की राशि मिलने का दावा किया गया है। दोनों के खाते फ्रीज कर दिए गए हैं।
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सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि एफआईआर में किसी ऑडिट रिपोर्ट, स्टॉक सत्यापन या विशिष्ट लेन-देन का उल्लेख नहीं है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि आरोपी से हिरासत में पूछताछ जरूरी है क्योंकि मामले में बड़ी रकम के गबन और विश्वासघात के गंभीर आरोप हैं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।