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Rohtak News: बदलता मौसम बिगाड़ रहा स्वास्थ्य, पीजीआई की मेडिसिन ओपीडी में 200 मरीज बढ़े
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रोहतक। बदलते मौसम में सुबह ठंड व दोपहर में तेज धूप का असर आमजन के स्वास्थ्य पर भी पड़ना शुरू हो गया हे। पीजीआई में कार्यरत मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. दीपक जैन ने बताया कि मेडिसिन की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या भी करीब 200 बढ़ गई है।
ओपीडी में औसतन 1200 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। मरीज पेट संबंधी समस्या, खांसी व जुकाम जैसी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। इस बार गर्मी का आगमन भी जल्द हो गया है। फरवरी खत्म होते ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाना शुरू कर दिए हैं। इसलिए सावधानियां बरतनी जरूरी है।
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पानी का अधिक सेवन करें
बदलते मौसम में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बचाव के लिए पानी पीएं। इस दौरान प्यास ज्यादा व तीव्रता के साथ लगती है। इस कारण प्यासा पानी पीने की तरफ भागता है। यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि पानी साफ हो। गंदा पानी पीने से ही पेट संंबंधी समस्या या डायरिया जैसी समस्या आती है।
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खाने-पीने पर विशेष ध्यान दें
गर्मी बढ़ने के साथ ही दस्त व डायरिया की दिक्कत भी बढ़ने लगती है। इसलिए बाजार व तले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। खाएं भी तो थोड़ा खाएं। बाहर खाने के लिए साफ-सुथरी जगह का चयन करें।
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वर्जन
गर्मी में शरीर से पानी पसीने के रूप में बाहर निकलता रहता है। इस कारण शरीर को जितने पानी की आवश्यकता होती है उतना नहीं मिल पाता। फिर गला भी सूखने लगता है। बाहर प्रदूषण की वजह से गले तक धूल के कण पहुंचते हैं जिससे गले में खराश होने लगती है। इसकी कमी को पूरा करने के लिए ही शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है। - डॉ. मुंजाल, चिकित्सक, पीजीआई
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ये सावधानियां बरतें
गर्मी में अधिक पानी का सेवन करें
हल्का व्यायाम करते रहें
बाजार में साफ सुथरी जगह खाएं
ज्यादा ठंडे पदार्थों के सेवन से बचें
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ओपीडी में औसतन 1200 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। मरीज पेट संबंधी समस्या, खांसी व जुकाम जैसी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। इस बार गर्मी का आगमन भी जल्द हो गया है। फरवरी खत्म होते ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाना शुरू कर दिए हैं। इसलिए सावधानियां बरतनी जरूरी है।
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पानी का अधिक सेवन करें
बदलते मौसम में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बचाव के लिए पानी पीएं। इस दौरान प्यास ज्यादा व तीव्रता के साथ लगती है। इस कारण प्यासा पानी पीने की तरफ भागता है। यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि पानी साफ हो। गंदा पानी पीने से ही पेट संंबंधी समस्या या डायरिया जैसी समस्या आती है।
खाने-पीने पर विशेष ध्यान दें
गर्मी बढ़ने के साथ ही दस्त व डायरिया की दिक्कत भी बढ़ने लगती है। इसलिए बाजार व तले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। खाएं भी तो थोड़ा खाएं। बाहर खाने के लिए साफ-सुथरी जगह का चयन करें।
वर्जन
गर्मी में शरीर से पानी पसीने के रूप में बाहर निकलता रहता है। इस कारण शरीर को जितने पानी की आवश्यकता होती है उतना नहीं मिल पाता। फिर गला भी सूखने लगता है। बाहर प्रदूषण की वजह से गले तक धूल के कण पहुंचते हैं जिससे गले में खराश होने लगती है। इसकी कमी को पूरा करने के लिए ही शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है। - डॉ. मुंजाल, चिकित्सक, पीजीआई
ये सावधानियां बरतें
गर्मी में अधिक पानी का सेवन करें
हल्का व्यायाम करते रहें
बाजार में साफ सुथरी जगह खाएं
ज्यादा ठंडे पदार्थों के सेवन से बचें