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Rohtak News: रोक के बावजूद घरों में पाल रहे खूंखार किस्म के कुत्ते, पंजीकरण एक भी नहीं
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रोहतक। विदेशी कुत्तों की आक्रामक नस्लें पालना लोगों के लिए स्टेटस सिंबल होने के साथ ही ये सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा भी बन रहे हैं। वहीं नगर निगम कार्रवाई को लेकर पल्ला झाड़ रहा है।
कुत्तों की खतरनाक नस्लों अमेरिकन पिटबुल, रॉटविलर, डोगो अर्जेंटिनो, केन कोरसो, बुल टेरियर और अमेरिकन बुली आदि पालने पर पाबंदी है। रोक के बावजूद घरों में ऐसे खूंखार कुत्तों का पालन किया जा रहा है जबकि नगर निगम के अनुसार इनका पंजीकरण शून्य है।
कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य किए जाने के बावजूद नगर निगम केवल पोर्टल के भरोसे है। जुर्माना तो दूर निगम ने अभी तक किसी को भी नोटिस तक नहीं दिया है।
नगर निगम की ऐसी सुस्त कार्यशैली के चलते लोग मनमानी नस्लों के प्रतिबंधित कुत्ते पाल रहे हैं और पंजीकरण भी नहीं करा रहे। इसी कारण कुत्तों के हमले लोगों पर बढ़ रहे हैं और नगर निगम कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। उधर, पालतू कुत्तों के काटने पर मालिक को जिम्मेदारी लेते हुए मुआवजा देना पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख...
कुत्तों के काटने से होने वाली मौत व चोट पर सुप्रीम कोर्ट का रुख भी सख्त है। ऐसे में मामलों में पीड़ितों को मुआवजा देने के दिए गए गए हैं। रोहतक में अभी तक ऐसे किसी मामले में मुआवजा नहीं मिला है। इसके अलावा, स्थानीय निकायों को कुत्तों को पकड़कर बधियाकरण करने व शेल्टर में रखने के निर्देश भी दिए हैं।
शहर में 10 से अधिक डॉग फार्म
शहर में 10 से अधिक डॉग फार्म जबकि इतने ही डाॅग क्लीनिक भी हैं। डॉग क्लीनिक पर रोजाना चार लोग अपने कुत्तों का टीकाकरण कराने आ रहे हैं लेकिन पंजीकरण के नाम पर नगर निगम का रिकॉर्ड शून्य होना उसकी कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।
कुत्ता पालने के लिए निगम में पंजीकरण कराना अनिवार्य
नगर निगम आयुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि निगम क्षेत्र में कुत्ता पालने के लिए निगम में पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है। पंजीकरण के बाद हर साल उसका नवीकरण होता है। कुत्तों का टीकाकरण, बधियाकरण भी आवश्यक है। खतरनाक कुत्तों के मुंह पर मास्क बांध कर रखना अनिवार्य है। उसे सार्वजनिक स्थालों पर खुला नहीं छोड़ सकते हैं।
पिटबुल कुत्तों के काटने से बच्चा घायल होने का मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराने के बाद नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी। कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाने की प्रक्रिया भी चल रही है।
-डॉ. आनंद कुमार शर्मा, नगर निगम आयुक्त, रोहतक
कुत्तों को लेकर सरकार की गाइडलाइन का न तो लोग पालन कर रहे हैं और न ही नगर निगम इस दिशा में ठोस कार्रवाई कर रहा है। इस कारण घटनाएं बढ़ रही हैं।
- राजकुमार मग्गू, डीएलएफ कॉलोनी निवासी
कुत्तों का पंजीकरण नगर निगम में अनिवार्य रूप से होना चाहिए ताकि यह पता चले कि कितने पालतू कुत्ते हैं। इसके अलावा, आवारा कुत्तों का भी रिकॉर्ड होना चाहिए।
- ईश्वर आहूजा, मानसरोवर कॉलोनी निवासी
पालतू कुत्तों का पंजीकरण होना चाहिए। इससे दुर्घटनाओं पर लगाम लग सकती है। वहीं नगर निगम को भी इस मामले में गंभीरता दिखाने की जरूरत है।
- गुलशन, आदर्श नगर निवासी
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कुत्तों की खतरनाक नस्लों अमेरिकन पिटबुल, रॉटविलर, डोगो अर्जेंटिनो, केन कोरसो, बुल टेरियर और अमेरिकन बुली आदि पालने पर पाबंदी है। रोक के बावजूद घरों में ऐसे खूंखार कुत्तों का पालन किया जा रहा है जबकि नगर निगम के अनुसार इनका पंजीकरण शून्य है।
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कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य किए जाने के बावजूद नगर निगम केवल पोर्टल के भरोसे है। जुर्माना तो दूर निगम ने अभी तक किसी को भी नोटिस तक नहीं दिया है।
नगर निगम की ऐसी सुस्त कार्यशैली के चलते लोग मनमानी नस्लों के प्रतिबंधित कुत्ते पाल रहे हैं और पंजीकरण भी नहीं करा रहे। इसी कारण कुत्तों के हमले लोगों पर बढ़ रहे हैं और नगर निगम कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। उधर, पालतू कुत्तों के काटने पर मालिक को जिम्मेदारी लेते हुए मुआवजा देना पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख...
कुत्तों के काटने से होने वाली मौत व चोट पर सुप्रीम कोर्ट का रुख भी सख्त है। ऐसे में मामलों में पीड़ितों को मुआवजा देने के दिए गए गए हैं। रोहतक में अभी तक ऐसे किसी मामले में मुआवजा नहीं मिला है। इसके अलावा, स्थानीय निकायों को कुत्तों को पकड़कर बधियाकरण करने व शेल्टर में रखने के निर्देश भी दिए हैं।
शहर में 10 से अधिक डॉग फार्म
शहर में 10 से अधिक डॉग फार्म जबकि इतने ही डाॅग क्लीनिक भी हैं। डॉग क्लीनिक पर रोजाना चार लोग अपने कुत्तों का टीकाकरण कराने आ रहे हैं लेकिन पंजीकरण के नाम पर नगर निगम का रिकॉर्ड शून्य होना उसकी कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।
कुत्ता पालने के लिए निगम में पंजीकरण कराना अनिवार्य
नगर निगम आयुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि निगम क्षेत्र में कुत्ता पालने के लिए निगम में पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है। पंजीकरण के बाद हर साल उसका नवीकरण होता है। कुत्तों का टीकाकरण, बधियाकरण भी आवश्यक है। खतरनाक कुत्तों के मुंह पर मास्क बांध कर रखना अनिवार्य है। उसे सार्वजनिक स्थालों पर खुला नहीं छोड़ सकते हैं।
पिटबुल कुत्तों के काटने से बच्चा घायल होने का मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराने के बाद नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी। कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाने की प्रक्रिया भी चल रही है।
-डॉ. आनंद कुमार शर्मा, नगर निगम आयुक्त, रोहतक
कुत्तों को लेकर सरकार की गाइडलाइन का न तो लोग पालन कर रहे हैं और न ही नगर निगम इस दिशा में ठोस कार्रवाई कर रहा है। इस कारण घटनाएं बढ़ रही हैं।
- राजकुमार मग्गू, डीएलएफ कॉलोनी निवासी
कुत्तों का पंजीकरण नगर निगम में अनिवार्य रूप से होना चाहिए ताकि यह पता चले कि कितने पालतू कुत्ते हैं। इसके अलावा, आवारा कुत्तों का भी रिकॉर्ड होना चाहिए।
- ईश्वर आहूजा, मानसरोवर कॉलोनी निवासी
पालतू कुत्तों का पंजीकरण होना चाहिए। इससे दुर्घटनाओं पर लगाम लग सकती है। वहीं नगर निगम को भी इस मामले में गंभीरता दिखाने की जरूरत है।
- गुलशन, आदर्श नगर निवासी