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Rohtak News: न्यूरोसर्जरी और एनेस्थीसिया के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति पर हुई चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 02 Feb 2026 02:45 AM IST
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18...स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में चल रही तीन दिवसीय कांफ्रेस में के समापन पर उपस्थित प
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रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में चल रही तीन दिवसीय इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसियोलिजिस्ट नॉर्थ जोन (आईएसएसीओएन) कॉन्फ्रेंस का रविवार को समापन हुआ। अंतिम दिन न्यूरोसर्जरी और एनेस्थीसिया के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति पर चर्चा की गई।
मुख्य अतिथि पीजीआईएमएस के निदेशक डॉ. एसके सिंघल ने विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस दौरान डॉ. एसके सिंघल को नॉर्थ जोन एसोसिएशन का अध्यक्ष व डॉ. सुशीला तक्षक को सेक्रेटरी चुना गया। रविवार के एक सम्मेलन का विषय न्यूरोसर्जरी फ्रॉम अवेक टू अनस्टेबल मास्टरिंग न्यूरोएनेस्थेसिया रहा।
डॉ. मिहिर पांडिया, डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. जुल्फिकार अली और डॉ. केशव गोयल ने अवेक क्रेनियोटॉमी, न्यूरो प्रोटेक्शन और न्यूरो सर्जरी में आधुनिक मॉनिटरिंग जैसे विषयों पर व्याख्यान दिए। पिडियाट्रिक एनेस्थेसिया पर चर्चा हुई। पीडियाट्रिक सेशन में डॉ. पारुल जिंदल, डॉ. रंजू सिंह और डॉ. भावना गुप्ता ने बच्चों में एनेस्थेसिया की चुनौतियों और नवाचारों पर प्रकाश डाला।
यह खुशी की बात है संस्थान में कॉन्फ्रेंस आयोजित हुई। इससे संस्थान के चिकित्सकों का ज्ञानवर्धन हुआ। इसका फायदा संस्थान के मरीजों को मिलेगा। इस दौरान प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए। इसके विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। -डॉ. एसके सिंघल, निदेशक, पीजीआई।
अब समय बदल रहा है। चिकित्सा क्षेत्र में नई तकनीकें आ रही हैं। ऐसे ही एनेस्थीसिया विभाग में भी नवीनतम मशीनें आ गई हैं जिससे मरीजों को एनेस्थीसिया देने में काफी सहूलियत होती है। -डॉ. सुशीला तक्षक।
दोपहर के पैनल चर्चा में प्रसूति संबंधी जटिलताओं और गर्भावस्था में हाइपरटेंसिव विकारों के प्रबंधन पर विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। मॉडरेटर डॉ. अंजलिना गुप्ता के नेतृत्व में हुए इस सत्र में डॉ. नीरजा भारती, डॉ. बलबिंदर कौर रेखी और डॉ. अनिल कुमार वर्मा ने भाग लिया। डॉ. टीना बंसल।
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मुख्य अतिथि पीजीआईएमएस के निदेशक डॉ. एसके सिंघल ने विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस दौरान डॉ. एसके सिंघल को नॉर्थ जोन एसोसिएशन का अध्यक्ष व डॉ. सुशीला तक्षक को सेक्रेटरी चुना गया। रविवार के एक सम्मेलन का विषय न्यूरोसर्जरी फ्रॉम अवेक टू अनस्टेबल मास्टरिंग न्यूरोएनेस्थेसिया रहा।
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डॉ. मिहिर पांडिया, डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. जुल्फिकार अली और डॉ. केशव गोयल ने अवेक क्रेनियोटॉमी, न्यूरो प्रोटेक्शन और न्यूरो सर्जरी में आधुनिक मॉनिटरिंग जैसे विषयों पर व्याख्यान दिए। पिडियाट्रिक एनेस्थेसिया पर चर्चा हुई। पीडियाट्रिक सेशन में डॉ. पारुल जिंदल, डॉ. रंजू सिंह और डॉ. भावना गुप्ता ने बच्चों में एनेस्थेसिया की चुनौतियों और नवाचारों पर प्रकाश डाला।
यह खुशी की बात है संस्थान में कॉन्फ्रेंस आयोजित हुई। इससे संस्थान के चिकित्सकों का ज्ञानवर्धन हुआ। इसका फायदा संस्थान के मरीजों को मिलेगा। इस दौरान प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए। इसके विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। -डॉ. एसके सिंघल, निदेशक, पीजीआई।
अब समय बदल रहा है। चिकित्सा क्षेत्र में नई तकनीकें आ रही हैं। ऐसे ही एनेस्थीसिया विभाग में भी नवीनतम मशीनें आ गई हैं जिससे मरीजों को एनेस्थीसिया देने में काफी सहूलियत होती है। -डॉ. सुशीला तक्षक।
दोपहर के पैनल चर्चा में प्रसूति संबंधी जटिलताओं और गर्भावस्था में हाइपरटेंसिव विकारों के प्रबंधन पर विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। मॉडरेटर डॉ. अंजलिना गुप्ता के नेतृत्व में हुए इस सत्र में डॉ. नीरजा भारती, डॉ. बलबिंदर कौर रेखी और डॉ. अनिल कुमार वर्मा ने भाग लिया। डॉ. टीना बंसल।
