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Rohtak News: नशा तस्तकी का आरोपी 10 साल बाद बरी
Thu, 16 Jul 2026 05:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 16 Jul 2026 05:30 AM IST
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रोहतक। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राकेश कादियान की कोर्ट ने नशे तस्करी के आरोपी भरत को सोमवार को बरी कर दिया। पुलिस ने भरत को 10 साल पहले शीला बाईपास से गिरफ्तार किया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 10 मई 2016 को सिविल लाइन थाना पुलिस सोनीपत रोड पर गश्त कर रही थी। पुलिस ने शीला बाईपास से आते एक संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी तो उसके पास से छह बोतल कोरेक्स, 50 कैप्सूल स्पास्मोसिप प्लस, 112 कैप्सूल स्पास्मो प्रॉक्सीवॉन प्लस और 60 गोलियां एल्प्रासेफ 0.5 बरामद हुईं थी।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। सुनवाई के दौरान, अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता एएसआई आजाद सिंह, एएसआई नाफे सिंह और ड्रग नियंत्रक के बयानों में गंभीर विरोधाभास थे।
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ये विरोधाभास आरोपी की गिरफ्तारी और मौके पर पहुंचने के समय को लेकर थे। अदालत ने कहा कि ऐसे विरोधाभास अभियोजन की पूरी कहानी को संदेह के घेरे में लाते हैं। बचाव पक्ष ने सबूतों के अभाव की दलील दी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने भरत को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। संवाद
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, 10 मई 2016 को सिविल लाइन थाना पुलिस सोनीपत रोड पर गश्त कर रही थी। पुलिस ने शीला बाईपास से आते एक संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी तो उसके पास से छह बोतल कोरेक्स, 50 कैप्सूल स्पास्मोसिप प्लस, 112 कैप्सूल स्पास्मो प्रॉक्सीवॉन प्लस और 60 गोलियां एल्प्रासेफ 0.5 बरामद हुईं थी।
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पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। सुनवाई के दौरान, अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता एएसआई आजाद सिंह, एएसआई नाफे सिंह और ड्रग नियंत्रक के बयानों में गंभीर विरोधाभास थे।
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ये विरोधाभास आरोपी की गिरफ्तारी और मौके पर पहुंचने के समय को लेकर थे। अदालत ने कहा कि ऐसे विरोधाभास अभियोजन की पूरी कहानी को संदेह के घेरे में लाते हैं। बचाव पक्ष ने सबूतों के अभाव की दलील दी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने भरत को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। संवाद