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Rohtak News: कविता के घर आंगन में महकते हैं फूल, चहचहाते हैं पक्षी
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08 आंगन में बनाई बगिया में पौधों की देखभाल करते हुए प्रेम नगर निवासी कविता। संवाद
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रोहतक। आंगन में बनाई बगिया में महकते फूल और चहचहाते पक्षी हर किसी का ध्यान खींच लेते हैं। ऐसा ही अद्भुत नजारा प्रेम नगर निवासी कविता के घर के आंगन में देखने को मिला। कविता की औषधीय और फूलों से हरी-भरी बगिया घर को महका रही है।
एमए, एमएड पास कविता बताती हैं कि उन्हें पौधे लगाने का शौक मायके से ही है। उनकी शादी 2005 में वीरेंद्र राठी के साथ हुई थी। हालांकि उस समय बगिया में पांच पौधे लगे थे। इसके बाद उन्होंने परिवार के सहयोग से अनेक पौधे लगाए और अब बगिया में 300 से अधिक पौधे लगे हैं।
बगिया में कढ़ी पत्ता, पाम, नीम व बरगद, गुड़हल, गुलाब, लालटेन, चमेली, मधु कामिनी, चंपा, चांदनी, रात की रानी, गिलोय, तुलसी, पुदीना, शतावर, मरवाह, एलोवेरा समेत सजावटी और औषधीय पौधे आंगन को महका रहे हैं।
कविता बताती हैं कि घर में हरियाली से मन को सुकुन मिलता है। पेड़-पौधे और फूल न केवल वातावरण को सुंदर बनाते हैं बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं। आसपास के लोग बगिया की तारीफ करते हैं।
बेटे के जन्म दिन पर लगाती हैं पौधे
गृहिणी कविता बताती हैं कि वे बड़े बेटे नमन राठी के जन्म दिन पर आंगन में बनाई बगिया में पौधे लगाती हैं। छोटा बेटा खुशहाल राठी अपने जन्मदिन पर स्वयं एक पौधा लगाता है। वहीं पौधों को पानी देना, सूखी पत्तियां हटाना, खाद डालना, समय-समय पर उनकी कटिंग करना दिनचर्या का हिस्सा बन गया।
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एमए, एमएड पास कविता बताती हैं कि उन्हें पौधे लगाने का शौक मायके से ही है। उनकी शादी 2005 में वीरेंद्र राठी के साथ हुई थी। हालांकि उस समय बगिया में पांच पौधे लगे थे। इसके बाद उन्होंने परिवार के सहयोग से अनेक पौधे लगाए और अब बगिया में 300 से अधिक पौधे लगे हैं।
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बगिया में कढ़ी पत्ता, पाम, नीम व बरगद, गुड़हल, गुलाब, लालटेन, चमेली, मधु कामिनी, चंपा, चांदनी, रात की रानी, गिलोय, तुलसी, पुदीना, शतावर, मरवाह, एलोवेरा समेत सजावटी और औषधीय पौधे आंगन को महका रहे हैं।
कविता बताती हैं कि घर में हरियाली से मन को सुकुन मिलता है। पेड़-पौधे और फूल न केवल वातावरण को सुंदर बनाते हैं बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं। आसपास के लोग बगिया की तारीफ करते हैं।
बेटे के जन्म दिन पर लगाती हैं पौधे
गृहिणी कविता बताती हैं कि वे बड़े बेटे नमन राठी के जन्म दिन पर आंगन में बनाई बगिया में पौधे लगाती हैं। छोटा बेटा खुशहाल राठी अपने जन्मदिन पर स्वयं एक पौधा लगाता है। वहीं पौधों को पानी देना, सूखी पत्तियां हटाना, खाद डालना, समय-समय पर उनकी कटिंग करना दिनचर्या का हिस्सा बन गया।