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Rohtak News: प्रदेश केे एचआईवी मरीज कैसे लें पोषण...एक साल से पेंशन अटकी
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रोहतक। प्रदेश सरकार की ओर सेे एचआईवी मरीजों के लिए संचालित एचआईवी पेंशन भत्ता योजना का लाभ मरीजों तक पहुंच नहीं पा रहा है। ऐसे में योजना विफलता की ओर बढ़ रही है। पिछले एक साल से एचआईवी संक्रमित मरीजों को पेंशन का लाभ नहीं मिल पाया है। योजना के तहत एचआईवी संक्रमित मरीज को पेंशन भत्ते के रूप में 2250 रुपये दिए जाते हैं।
पीजीआई के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले एक साल से एचआईवी मरीजों की पेंशन का बजट अटका हुआ है जिससे पेंशन नहीं दी जा रही है। सरकार की ओर से पहले भी तीन महीने तो कभी छह महीने बाद पेंशन बजट जारी किया जाता है। ऐसे में मरीजों तक बजट का लाभ देरी से पहुंचता है। संवाद
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लाभार्थी का हरियाणा का निवासी व 18 वर्ष से अधिक का होना अनिवार्य
राज्य में सरकार की ओर से एचआईवी संक्रमित मरीज को पेंशन भत्ते के रूप में 2250 रुपये दिए जाते हैं। इसका उद्देश्य मरीज को आवश्यक पोषण व सहायता उपलब्ध कराना है। एचआईवी में शरीर की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति के लिए पर्याप्त पोषण आवश्यक है। पेंशन के लिए लाभार्थी का हरियाणा का निवासी व 18 वर्ष से अधिक उम्र होना अनिवार्य है।
एचआईवी मरीज बोले-सीएम विंडो क्लोज करते ही बंद हो गई पेंशन
रोहतक के एक एचआईवी मरीज ने बताया कि 2021 में एचआईवी की पुष्टि हुई। इसके बाद 2023 में सीएम विंडो लगाने के बाद दो साल की पेंशन मिली। फिर कुछ महीने लगातार पेंशन आई। फिर सीएम विंडो को क्लोज करा दिया। फिर से आना बंद हो गई। अप्रैल 2025 के बाद से अब तक एक साल हो गया है। पेंशन अटकी हुई है। अस्पताल में पूछने पर कहा जाता है कि बजट के अभाव में पेंशन नहीं आ रही है। योजना के अनुसार हर माह एचआईवी मरीजों को पेंशन भत्ते के रूप में मिलनी चाहिए लेकिन ये छह से एक साल बाद मिल रही है। ऐसे में योजना का लाभ ही क्या है।
वर्जन
पेंशन न मिलने की शिकायतें मेरे संज्ञान में भी आई हैं। इसका जल्द समाधान किया जाएगा। -डॉ. मुक्ता कुमार, प्रदेश प्रभारी, एचआईवी
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लाभार्थी का हरियाणा का निवासी व 18 वर्ष से अधिक का होना अनिवार्य
राज्य में सरकार की ओर से एचआईवी संक्रमित मरीज को पेंशन भत्ते के रूप में 2250 रुपये दिए जाते हैं। इसका उद्देश्य मरीज को आवश्यक पोषण व सहायता उपलब्ध कराना है। एचआईवी में शरीर की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति के लिए पर्याप्त पोषण आवश्यक है। पेंशन के लिए लाभार्थी का हरियाणा का निवासी व 18 वर्ष से अधिक उम्र होना अनिवार्य है।
एचआईवी मरीज बोले-सीएम विंडो क्लोज करते ही बंद हो गई पेंशन
रोहतक के एक एचआईवी मरीज ने बताया कि 2021 में एचआईवी की पुष्टि हुई। इसके बाद 2023 में सीएम विंडो लगाने के बाद दो साल की पेंशन मिली। फिर कुछ महीने लगातार पेंशन आई। फिर सीएम विंडो को क्लोज करा दिया। फिर से आना बंद हो गई। अप्रैल 2025 के बाद से अब तक एक साल हो गया है। पेंशन अटकी हुई है। अस्पताल में पूछने पर कहा जाता है कि बजट के अभाव में पेंशन नहीं आ रही है। योजना के अनुसार हर माह एचआईवी मरीजों को पेंशन भत्ते के रूप में मिलनी चाहिए लेकिन ये छह से एक साल बाद मिल रही है। ऐसे में योजना का लाभ ही क्या है।
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पेंशन न मिलने की शिकायतें मेरे संज्ञान में भी आई हैं। इसका जल्द समाधान किया जाएगा। -डॉ. मुक्ता कुमार, प्रदेश प्रभारी, एचआईवी

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