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Rohtak News: होम लोन पर एलआईसी ने लगाया मनमाना ब्याज, आयोग ने ठोका 50 हजार रुपये जुर्माना

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 20 Apr 2026 12:06 AM IST
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LIC Levies Arbitrary Interest on Home Loan Commission Slaps Fine
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रोहतक। जिला उपभोक्ता आयोग ने होमलोन पर मनमाना ब्याज लगाने पर एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड पर 50 हजार रुपये जुर्माना ठोका है। साथ ही पांच हजार रुपये कानूनी खर्च के तौर पर देने के निर्देश दिए हैं।
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आयोग के रिकाॅर्ड के मुताबिक राजीव नगर निवासी राजेंद्र ने 28 मार्च 2025 को याचिका दायर की थी कि उन्होंने 2009 में 15 साल के लिए एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से प्रबंधक के माध्यम से अपनी पत्नी के साथ मिलकर, ''''गृह विकास'''' योजना के तहत 11.75 प्रतिशत सालाना ब्याज दर के माध्यम से 7,75,000 रुपये का आवास ऋण लिया था।
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9,176 रुपये की मासिक किस्त तय की गई। उन्होंने सात मार्च 2025 तक लोन की सभी किस्तें नियमित रूप से चुकाईं। इसके बाद वे लोन के संबंध में एनओसी लेने के लिए गए तो बताया गया कि उनका लोन अभी पूरा नहीं हुआ है। 16.30 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से अतिरिक्त ब्याज लगाया है।
ये लोन सात सितबर 2029 तक पूरा होगा। पीड़ित ने कहा कि उसने इसका विरोध किया और कहा कि राशि चुकाने का समय 15 साल था जो मार्च 2025 में पूरा हो चुका है। जब उन्होंने होम लोन देने वाली कंपनी से सटीक राशि बताने का अनुरोध किया तो कोई ब्यौरा नहीं दिया गया।
आयोग ने होमलोन करने वाली कंपनी को नोटिस दिया तो जवाब मिला कि स्वीकृति पत्र के नियमों के तहत लागू ब्याज दर ''''फ्लोटिंग'''' (परिवर्तनशील) थी। स्वीकृति के समय 11.75 प्रतिशत प्रति वर्ष थी। बाद में ब्याज दर में बदलाव के कारण ''''प्राइम लेंडिंग रेट'''' में परिवर्तन हो गया।
यह मुद्रा बाजार की स्थितियों पर निर्भर है। समय-समय पर कंपनी उपभोक्ताओं को अवगत कराती है। पूरा रिकाॅर्ड मांगा तो आयोग रखे गए तथ्यों से संतुष्ट नहीं हुआ। कहा कि ब्याज दर के अंदर पारदर्शिता होनी चाहिए।
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एनओसी जारी करे कंपनी
आयोग ने अपने निर्णय में कहा है कि शिकायतकर्ता से कोई जुर्माना या अतिरिक्त शुल्क न लिया जाए। अतिरिक्त राशि नौ प्रतिशत ब्याज दर के साथ वापस की जाए। पीड़ित को एनओसी देकर लोन बंद किया जाए और सेवा में कमी पर एक माह में पीड़ित को 50 हजार रुपये मुआवजा व पांच हजार रुपये कानूनी खर्च के तौर पर दिए।
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