{"_id":"69cd7eb4865c6ae2110218ec","slug":"linear-accelerator-machine-to-precisely-attack-cancer-cells-will-come-to-pgi-rohtak-news-c-17-roh1020-833071-2026-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: पीजीआई में आएगी कैंसर कोशिकाओं पर सटीक प्रहार करने वाली लीनियर एक्सीलेटर मशीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: पीजीआई में आएगी कैंसर कोशिकाओं पर सटीक प्रहार करने वाली लीनियर एक्सीलेटर मशीन
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 02 Apr 2026 01:53 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। पीजीआई के कैंसर विभाग को ऐसी मशीन मिलने वाली है जो कैंसर कोशिकाओं पर अचूक निशाना साधेगी। संस्थान को एक लंबे समय के बाद लीनियर एक्सीलेटर व सीटी सिम्यूलेशन मशीन मिलने वाली है। इनकी खरीद हो चुकी है। इंपोर्ट प्रक्रिया चल रही है।
30 करोड़ से अधिक मूल्य की इस लीनियर एक्सीलेटर मशीन से रोज 70 मरीजों को थेरेपी दी जा सकेगी। संस्थान में हर वर्ष करीब 4000 मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। कैंसर विभाग में फिलहाल तीन तरीकों से इलाज किया जा रहा है। इसमें सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी व कोमोथेरेपी शामिल है। लीनियर एक्सीलेटर मशीन का उपयोग रेडिएशन थेरेपी देने के लिए किया जाता है।
पहले विभाग में रेडिएशन थेरेपी के लिए तीन मशीनें थीं। इनमें से एक को कंडम घोषित किया जा चुका है। एक मशीन खराब पड़ी है। इसको सही कराने की कसरत चल रही है। सिर्फ एक मशीन चालू है। इससे थेरेपी दी जा रही है। नई मशीन के लिए विभाग की बगल में ही नई बिल्डिंग भी बनकर तैयार है।
नोडल अधिकारी डॉ. एनपी पटेल ने बताया कि यह एक हाई एडवांस मशीन है जो पहले की मशीनों के मुकाबले अधिक कारगर है। इसके लिए बिल्डिंग को मार्च 2025 में ही हैंडओवर कर दिया था। अब मशीनें जल्द आ जाएंगी। यहां हरियाणा के अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब व दिल्ली से भी लोग पहुंचते हैं।
-- -- --
प्राइवेट सहयोेग से आ रहीं मशीनें
पीजीआई में ये मशीनें ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) के सहयोग से आ रही हैं। ओएनजीसी ने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के तहत मरीजों के बेहतर इलाज के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है।
सीटी सिम्यूलेटर मशीन से ऐसे मिलेगी राहत
ये सीटी स्कैन मशीन है। इसका उपयोग रेडिएशन आंकोलॉजी में किया जाता है। ये मरीज के शरीर में तीन आयामी छवियां बनाता है। इससे डॉक्टर कैंसर ट्यूमर को सटीक रूप से निशाना बना सकेंगे व स्वस्थ ऊतकों को रेडिएशन के प्रभाव से बचा सकेंगे।
संस्थान में जल्द ही सीटी सिम्यूलेटर व लीनियर एक्सीलेटर मशीन आने वाली है। इनकी खरीद हो चुकी है। इंपोर्ट प्रक्रिया चल रही है। करीब दो महीने तक ये पहुंच जाएगी। -डॉ. सुरेश सिंघल, निदेशक, पीजीआई
Trending Videos
30 करोड़ से अधिक मूल्य की इस लीनियर एक्सीलेटर मशीन से रोज 70 मरीजों को थेरेपी दी जा सकेगी। संस्थान में हर वर्ष करीब 4000 मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। कैंसर विभाग में फिलहाल तीन तरीकों से इलाज किया जा रहा है। इसमें सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी व कोमोथेरेपी शामिल है। लीनियर एक्सीलेटर मशीन का उपयोग रेडिएशन थेरेपी देने के लिए किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पहले विभाग में रेडिएशन थेरेपी के लिए तीन मशीनें थीं। इनमें से एक को कंडम घोषित किया जा चुका है। एक मशीन खराब पड़ी है। इसको सही कराने की कसरत चल रही है। सिर्फ एक मशीन चालू है। इससे थेरेपी दी जा रही है। नई मशीन के लिए विभाग की बगल में ही नई बिल्डिंग भी बनकर तैयार है।
नोडल अधिकारी डॉ. एनपी पटेल ने बताया कि यह एक हाई एडवांस मशीन है जो पहले की मशीनों के मुकाबले अधिक कारगर है। इसके लिए बिल्डिंग को मार्च 2025 में ही हैंडओवर कर दिया था। अब मशीनें जल्द आ जाएंगी। यहां हरियाणा के अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब व दिल्ली से भी लोग पहुंचते हैं।
प्राइवेट सहयोेग से आ रहीं मशीनें
पीजीआई में ये मशीनें ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) के सहयोग से आ रही हैं। ओएनजीसी ने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के तहत मरीजों के बेहतर इलाज के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है।
सीटी सिम्यूलेटर मशीन से ऐसे मिलेगी राहत
ये सीटी स्कैन मशीन है। इसका उपयोग रेडिएशन आंकोलॉजी में किया जाता है। ये मरीज के शरीर में तीन आयामी छवियां बनाता है। इससे डॉक्टर कैंसर ट्यूमर को सटीक रूप से निशाना बना सकेंगे व स्वस्थ ऊतकों को रेडिएशन के प्रभाव से बचा सकेंगे।
संस्थान में जल्द ही सीटी सिम्यूलेटर व लीनियर एक्सीलेटर मशीन आने वाली है। इनकी खरीद हो चुकी है। इंपोर्ट प्रक्रिया चल रही है। करीब दो महीने तक ये पहुंच जाएगी। -डॉ. सुरेश सिंघल, निदेशक, पीजीआई