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Rohtak News: यमुना को दूषित कर रहा एमडीयू, प्रदूषण विभाग ने जारी किया नोटिस
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17-एमडीयू का बंद पड़ा एसटीपी। अमर उजाला
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विकास सैनी
रोहतक। एमडीयू (महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय) यमुना को दूषित बना रहा है। काफी समय से विवि एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) का वेस्ट बगैर ट्रीटमेंट के ही ड्रेन नंबर आठ में डाल रहा है। शहर के बाहर से गुजरती यह ड्रेन यमुना नदी से मिलकर समाप्त होती है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पिछले माह विवि प्रशासन काे नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
एमडीयू में तीन एमएलडी यानी 30 लाख लीटर प्रति दिन क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट है। यह करीब डेढ़ साल से बंद पड़ा है। इस कारण प्लांट का सारा वेस्ट बगैर ट्रीटमेंट ही ड्रेन नंबर आठ में डाला जा रहा है। यह ड्रेन इस खतरनाक वेस्ट को अपने साथ बहाकर यमुना नदी में डालती है। प्रदूषण बोर्ड ने इसे गंभीरता से लिया है।
यही नहीं, बोर्ड की ओर से ड्रेन नंबर आठ के सैंपल जांचे गए तो इनमें घातक विषाणु पाए गए। यह यमुना के पानी के लिए हानिकारक हैं। बोर्ड ने विवि का एसटीपी प्लांट जांचा तो यह बंद पाया गया। इसके लिए विवि प्रशासन को नोटिस जारी किया गया है।
विवि ने भेजा जवाब, जल्द एसटीपी चलाने का किया दावा
इधर, विवि प्रशासन ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजे जवाब में एसटीपी को जल्द सुचारु रूप से चलाए जाने का दावा किया है। विवि का दावा है कि पुराने ठेकेदार से किसी मामले में विवाद हो गया। यह मुद्दा अदालत में विचाराधीन है। इस कारण डेढ़ साल से एसटीपी बंद है। इसे चलाने के लिए नए सिरे से टेंडर किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। कोर्ट के फैसले के अनुसार अगला कदम उठाया जाएगा।
ड्रेन में प्रदूषित पानी पर नजर रख रही कमेटी
सरकार ने ड्रेन में प्रदूषित पानी पर निगरानी के लिए समिति गठित की है। यह समिति इलाके की कंपनी या संस्थाओं पर नजर रखे हुए है। इस संबंध में फरवरी में डिविजनल कमिश्नर की चेयरमैनशिप में प्रदेशस्तरीय बैठक हुई थी। सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर एसके यादव को समिति का नोडल अधिकारी बनाया गया।
वर्जन
एसटीपी प्लांट फिलहाल बंद है। ठेकेदार के कोर्ट में केस करने के कारण यह स्थिति बनी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जल्द प्लांट शुरू करने के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया चलाने की कार्रवाई से अवगत करा दिया गया है। जल्द ही प्लांट चालू हो जाएगा।
- जेएस दहिया, एक्सईएन, एमडीयू
वर्जन
एमडीयू का एसटीपी काम नहीं कर रहा है। यहां से वेस्ट बगैर ट्रीटमेंट ड्रेन नंबर आठ में डाला जा रहा है। ड्रेन के सैंपल की रिपोर्ट में मानक अनुसार वेस्ट नहीं मिला है इसलिए विवि प्रशासन को नोटिस जारी किया गया है।
- दिनेश कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण विभाग
रोहतक। एमडीयू (महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय) यमुना को दूषित बना रहा है। काफी समय से विवि एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) का वेस्ट बगैर ट्रीटमेंट के ही ड्रेन नंबर आठ में डाल रहा है। शहर के बाहर से गुजरती यह ड्रेन यमुना नदी से मिलकर समाप्त होती है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पिछले माह विवि प्रशासन काे नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
एमडीयू में तीन एमएलडी यानी 30 लाख लीटर प्रति दिन क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट है। यह करीब डेढ़ साल से बंद पड़ा है। इस कारण प्लांट का सारा वेस्ट बगैर ट्रीटमेंट ही ड्रेन नंबर आठ में डाला जा रहा है। यह ड्रेन इस खतरनाक वेस्ट को अपने साथ बहाकर यमुना नदी में डालती है। प्रदूषण बोर्ड ने इसे गंभीरता से लिया है।
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यही नहीं, बोर्ड की ओर से ड्रेन नंबर आठ के सैंपल जांचे गए तो इनमें घातक विषाणु पाए गए। यह यमुना के पानी के लिए हानिकारक हैं। बोर्ड ने विवि का एसटीपी प्लांट जांचा तो यह बंद पाया गया। इसके लिए विवि प्रशासन को नोटिस जारी किया गया है।
विवि ने भेजा जवाब, जल्द एसटीपी चलाने का किया दावा
इधर, विवि प्रशासन ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजे जवाब में एसटीपी को जल्द सुचारु रूप से चलाए जाने का दावा किया है। विवि का दावा है कि पुराने ठेकेदार से किसी मामले में विवाद हो गया। यह मुद्दा अदालत में विचाराधीन है। इस कारण डेढ़ साल से एसटीपी बंद है। इसे चलाने के लिए नए सिरे से टेंडर किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। कोर्ट के फैसले के अनुसार अगला कदम उठाया जाएगा।
ड्रेन में प्रदूषित पानी पर नजर रख रही कमेटी
सरकार ने ड्रेन में प्रदूषित पानी पर निगरानी के लिए समिति गठित की है। यह समिति इलाके की कंपनी या संस्थाओं पर नजर रखे हुए है। इस संबंध में फरवरी में डिविजनल कमिश्नर की चेयरमैनशिप में प्रदेशस्तरीय बैठक हुई थी। सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर एसके यादव को समिति का नोडल अधिकारी बनाया गया।
वर्जन
एसटीपी प्लांट फिलहाल बंद है। ठेकेदार के कोर्ट में केस करने के कारण यह स्थिति बनी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जल्द प्लांट शुरू करने के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया चलाने की कार्रवाई से अवगत करा दिया गया है। जल्द ही प्लांट चालू हो जाएगा।
- जेएस दहिया, एक्सईएन, एमडीयू
वर्जन
एमडीयू का एसटीपी काम नहीं कर रहा है। यहां से वेस्ट बगैर ट्रीटमेंट ड्रेन नंबर आठ में डाला जा रहा है। ड्रेन के सैंपल की रिपोर्ट में मानक अनुसार वेस्ट नहीं मिला है इसलिए विवि प्रशासन को नोटिस जारी किया गया है।
- दिनेश कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण विभाग

17-एमडीयू का बंद पड़ा एसटीपी। अमर उजाला