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Rohtak News: पीजीआईडीएस में ओरल कैंसर क्लीनिक शुरू, अब जल्द हो सकेगी पहचान
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30-पीजीआईडीएस के डेंटल क्लीनिक में मरीज की जांच करते चिकित्सक व इंटर्न। संवाद
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रोहतक। ओरल कैंसर (मुंह का कैंसर) की जल्द पहचान व इलाज के लिए पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज (पीजीआईडीएस) में ओरल प्री कैंसर व कैंसर क्लीनिक की शुरूआत की गई है। इसमें शुरुआती लक्षणों की जांच, बायोप्सी की सुविधा प्रदान की जाएगी। ओपीडी में रोजाना लगभग 800 मरीज पहुंचते हैं।
ढ़ाई करोड़ की लागत से तैयार क्लीनिक का शुभारंभ सोमवार को स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने किया। उन्होंने कहा कि ओरल कैंसर एक ऐसा भयावह कैंसर है जिसकी स्टेज बढ़ जाने से पीड़ित को चेहरे के खराब होने के साथ खाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कहा कि हर साल भारत में लगभग एक लाख लोग ओरल कैंसर से प्रभावित होते हैं। स्पेशल क्लीनिक में जल्द ही एआई तकनीक का भी प्रयोग किया जाएगा। निदेशक डॉ. एसके सिंघल ने कहा कि यह क्लीनिक डेंटल कॉलेज की उपलब्धि है। यह मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगा।
डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉक्टर एमजी वशिष्ठ ने कहा कि यह क्लीनिक छात्रों को कैंसर के बारे में शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने में भी मदद करेगा। प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी ने कहा कि यह क्लीनिक मरीजों को जानलेवा बीमारी से निजात दिलाने में मददगार साबित होगा।
डॉ. हरनीत सिंह ने कहा कि क्लीनिक में मरीजों को परामर्श और शिक्षा भी प्रदान की जाएगी ताकि वे अपने स्वास्थ्य के बारे में जागरूक रहें। इस अवसर पर एमएस डॉ. कुंदन मित्तल, डॉ. लवीना, डॉ. चीना, डॉ. कोमल, डॉ. संजीव प्रसाद, डॉ मन्नू राठी व अन्य उपस्थित रहे।
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ओरल कैंसर के प्रमुख लक्षण
मुंह में सफेद या लाल धब्बे
मुंह में दर्द या जलन
गले में गांठ या सूजन
दांतों का ढीलापन
खाने या पीने में कठिनाई
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इसका उद्देश्य जल्द ओरल कैंसर की पहचान कर मरीज को इलाज उपलब्ध कराना है। ओपीडी में रोजाना लगभग 800 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत नए उपकरण लाए गए हैं। लेजर व इंजेक्टेबल थेरेपी की जा रही है। आने वाले महीने में और उपकरण आने वाले हैं। - डॉ. अंबिका गुप्ता, इंचार्ज, ओरल कैंसर क्लीनिक
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ढ़ाई करोड़ की लागत से तैयार क्लीनिक का शुभारंभ सोमवार को स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने किया। उन्होंने कहा कि ओरल कैंसर एक ऐसा भयावह कैंसर है जिसकी स्टेज बढ़ जाने से पीड़ित को चेहरे के खराब होने के साथ खाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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कहा कि हर साल भारत में लगभग एक लाख लोग ओरल कैंसर से प्रभावित होते हैं। स्पेशल क्लीनिक में जल्द ही एआई तकनीक का भी प्रयोग किया जाएगा। निदेशक डॉ. एसके सिंघल ने कहा कि यह क्लीनिक डेंटल कॉलेज की उपलब्धि है। यह मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगा।
डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉक्टर एमजी वशिष्ठ ने कहा कि यह क्लीनिक छात्रों को कैंसर के बारे में शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने में भी मदद करेगा। प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी ने कहा कि यह क्लीनिक मरीजों को जानलेवा बीमारी से निजात दिलाने में मददगार साबित होगा।
डॉ. हरनीत सिंह ने कहा कि क्लीनिक में मरीजों को परामर्श और शिक्षा भी प्रदान की जाएगी ताकि वे अपने स्वास्थ्य के बारे में जागरूक रहें। इस अवसर पर एमएस डॉ. कुंदन मित्तल, डॉ. लवीना, डॉ. चीना, डॉ. कोमल, डॉ. संजीव प्रसाद, डॉ मन्नू राठी व अन्य उपस्थित रहे।
ओरल कैंसर के प्रमुख लक्षण
मुंह में सफेद या लाल धब्बे
मुंह में दर्द या जलन
गले में गांठ या सूजन
दांतों का ढीलापन
खाने या पीने में कठिनाई
इसका उद्देश्य जल्द ओरल कैंसर की पहचान कर मरीज को इलाज उपलब्ध कराना है। ओपीडी में रोजाना लगभग 800 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत नए उपकरण लाए गए हैं। लेजर व इंजेक्टेबल थेरेपी की जा रही है। आने वाले महीने में और उपकरण आने वाले हैं। - डॉ. अंबिका गुप्ता, इंचार्ज, ओरल कैंसर क्लीनिक