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Rohtak News: 50 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में पाउडर कोटिंग व बॉयलर का काम प्रभावित
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10-अंशु ऐरन, अनरेस हेल्थकेयर, आईएमटी रोहतक।
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रोहित राठौर
रोहतक। खाड़ी देशों में युद्ध का असर उद्योगों पर पड़ने लगा है। रोहतक की 50 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में पाउडर कोटिंग, बॉयलर में काम प्रभावित होने से कारोबार पर सीधा असर पड़ने लगा है। मजदूर भी खाली हाथ बैठ गए हैं।
सत्या इंटरप्राइज प्रबंध के निदेशक जतिन विरमानी का कहना है कि इंडस्ट्री में स्टील ऑफिस के फर्नीचर तैयार होते हैं। इनका 31 मार्च से पहले तक सरकार की ओर से टेंडर किया जाता है। पहले होली की छुट्टियां होने से मशीन और काम बंद रहा। चार दिन बाद काम शुरू किया तो पाउडर कोटिंग के लिए पीएनजी (पाइप नैचुरल गैस) की सप्लाई बंद हो गई। 50 हजार रुपये खर्च कर एलपीजी में काम शुरू करने का प्रयास किया तो सप्लाई बंद हो गई।
विरमानी का कहना है कि छुट्टी के बाद जिस दिन काम शुरू किया, उस दिन गैस सुचारु न होने से ओवन भी खराब हो गया। इसमें 190 डिग्री तापमान में अलमारी को गर्म किया जाता है लेकिन गैस न होने से पाउडर कोटिंग झड़कर गिर गया और नया काम भी जारी नहीं किया। इससे 70 हजार रुपये का नुकसान हो गया है। संवाद
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इंडस्ट्री में 70 मजदूर खाली बैठे
इंडस्ट्री में काम सुचारु रखने के लिए पीएनजी सेटअप को एलपीजी में तबदील करने में 50-60 हजार रुपये का खर्चा आया था। इसके बाद एलपीजी की सप्लाई बंद हो गई। पहले 1 से 4 मार्च तक होली की छुट्टियां रहीं। इसके बाद कॉमर्शियल सिलिंडरों की सप्लाई बंद हो गई। इंडस्ट्री में करीब 70 मजदूर खाली बैठ गए हैं। व्यापार तो ठप हो ही गया है। - जतिन विरमानी, सत्या इंटरप्राइज, आईएमटी रोहतक
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दो दिन काम बंद रहा, अनिवार्य मेडिकल उपकरण होने से मिली कुछ राहत
इंडस्ट्री में व्हीलचेयर बनते हैं जिनमें पाउडर कोटिंग किया जाता है। गैस सिलिंडर न होने से करीब दो दिन काम बंद रहा है। हालांकि, अब कॉमर्शियल सिलिंडरों का जुगाड़ किया है। बीपीसीएल ने भी अनिवार्य मेडिकल उपकरण होने के कारण कुछ राहत दी है। इंडस्ट्री में मांग की अपेक्षा पूर्ति कम है। अभी स्थिति नियंत्रण में है। इंडस्ट्री में दो दिन काम प्रभावित होने करीब एक लाख रुपये के कारोबार पर असर पड़ा है। - अंशु ऐरन, अनरेस हेल्थकेयर, आईएमटी रोहतक
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कॉमर्शियल सिलिंडरों पर रोक से बढ़ रही चिंता
होटल की खिड़कियों व दरवाजों पर कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की सहायता से पाउडर कोटिंग की जाती है। बनियानी गांव में प्लांट में पाउडर कोटिंग का काम सिलिंडरों की सप्लाई न होने से चार दिन बंद रहा। मजदूरों का कार्य भी ठप रहा। अब 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से अतिरिक्त खर्च के साथ कॉमर्शियल गैस सिलिंडर खरीदने पड़ रहे हैं। इंडस्ट्री में प्रतिदिन 10 किलो गैस इस्तेमाल की जाती है। 10 लाख रुपये में खरीदी जाने वाली एलपीजी गैस अब 12 लाख रुपये में खरीदी जा रही है। लेबर, उपभोक्ता व सप्लाई चेन से काफी नुकसान बढ़ रहा है। - राजेश सैनी, उद्यमी रोहतक
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रोहतक। खाड़ी देशों में युद्ध का असर उद्योगों पर पड़ने लगा है। रोहतक की 50 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में पाउडर कोटिंग, बॉयलर में काम प्रभावित होने से कारोबार पर सीधा असर पड़ने लगा है। मजदूर भी खाली हाथ बैठ गए हैं।
सत्या इंटरप्राइज प्रबंध के निदेशक जतिन विरमानी का कहना है कि इंडस्ट्री में स्टील ऑफिस के फर्नीचर तैयार होते हैं। इनका 31 मार्च से पहले तक सरकार की ओर से टेंडर किया जाता है। पहले होली की छुट्टियां होने से मशीन और काम बंद रहा। चार दिन बाद काम शुरू किया तो पाउडर कोटिंग के लिए पीएनजी (पाइप नैचुरल गैस) की सप्लाई बंद हो गई। 50 हजार रुपये खर्च कर एलपीजी में काम शुरू करने का प्रयास किया तो सप्लाई बंद हो गई।
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विरमानी का कहना है कि छुट्टी के बाद जिस दिन काम शुरू किया, उस दिन गैस सुचारु न होने से ओवन भी खराब हो गया। इसमें 190 डिग्री तापमान में अलमारी को गर्म किया जाता है लेकिन गैस न होने से पाउडर कोटिंग झड़कर गिर गया और नया काम भी जारी नहीं किया। इससे 70 हजार रुपये का नुकसान हो गया है। संवाद
इंडस्ट्री में 70 मजदूर खाली बैठे
इंडस्ट्री में काम सुचारु रखने के लिए पीएनजी सेटअप को एलपीजी में तबदील करने में 50-60 हजार रुपये का खर्चा आया था। इसके बाद एलपीजी की सप्लाई बंद हो गई। पहले 1 से 4 मार्च तक होली की छुट्टियां रहीं। इसके बाद कॉमर्शियल सिलिंडरों की सप्लाई बंद हो गई। इंडस्ट्री में करीब 70 मजदूर खाली बैठ गए हैं। व्यापार तो ठप हो ही गया है। - जतिन विरमानी, सत्या इंटरप्राइज, आईएमटी रोहतक
दो दिन काम बंद रहा, अनिवार्य मेडिकल उपकरण होने से मिली कुछ राहत
इंडस्ट्री में व्हीलचेयर बनते हैं जिनमें पाउडर कोटिंग किया जाता है। गैस सिलिंडर न होने से करीब दो दिन काम बंद रहा है। हालांकि, अब कॉमर्शियल सिलिंडरों का जुगाड़ किया है। बीपीसीएल ने भी अनिवार्य मेडिकल उपकरण होने के कारण कुछ राहत दी है। इंडस्ट्री में मांग की अपेक्षा पूर्ति कम है। अभी स्थिति नियंत्रण में है। इंडस्ट्री में दो दिन काम प्रभावित होने करीब एक लाख रुपये के कारोबार पर असर पड़ा है। - अंशु ऐरन, अनरेस हेल्थकेयर, आईएमटी रोहतक
कॉमर्शियल सिलिंडरों पर रोक से बढ़ रही चिंता
होटल की खिड़कियों व दरवाजों पर कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की सहायता से पाउडर कोटिंग की जाती है। बनियानी गांव में प्लांट में पाउडर कोटिंग का काम सिलिंडरों की सप्लाई न होने से चार दिन बंद रहा। मजदूरों का कार्य भी ठप रहा। अब 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से अतिरिक्त खर्च के साथ कॉमर्शियल गैस सिलिंडर खरीदने पड़ रहे हैं। इंडस्ट्री में प्रतिदिन 10 किलो गैस इस्तेमाल की जाती है। 10 लाख रुपये में खरीदी जाने वाली एलपीजी गैस अब 12 लाख रुपये में खरीदी जा रही है। लेबर, उपभोक्ता व सप्लाई चेन से काफी नुकसान बढ़ रहा है। - राजेश सैनी, उद्यमी रोहतक

10-अंशु ऐरन, अनरेस हेल्थकेयर, आईएमटी रोहतक।

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