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बुआई से पहले बीज का उपचार जरूरी : कृषि अधिकारी
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फोटो 02 महम के गांव सीसर खास में कपास की फसल का निरीक्षण करते कृषि अधिकारी ।स्रोत विभाग
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बीज उपचार से फसल को बीमारियों से बचाने में सहायक
फोटो 02 महम के गांव सीसर खास में कपास की फसल का निरीक्षण करते कृषि अधिकारी। स्रोत : विभाग
महम। फसल बुआई से पहले बीज उपचार करना जरूरी है। इससे धान और कपास की फसलों को बीमारियों व कीटों के प्रकोप से बचाया जा सकता है। यह जानकारी कृषि अधिकारियों ने मंगलवार को महम, सीसर खास सहित विभिन्न क्षेत्रों में कपास और धान की नर्सरी के सर्वेक्षण के दौरान किसानों को दी।
खंड कृषि अधिकारी डॉ. संदीप नांदल ने बताया कि केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के क्षेत्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, फरीदाबाद की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. वंदना पांडेय के निर्देशन में सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान किसानों को कपास और धान में लगने वाले कीटों व रोगों की रोकथाम के लिए बीज उपचार अपनाने की सलाह दी गई।
संयुक्त सर्वेक्षण के दौरान टीम ने पाया कि क्षेत्र में कीटों और रोगों का प्रकोप फिलहाल कम है। सर्वेक्षण में जिला कृषि विभाग के डॉ. बलवंत सिंह, कृषि विकास अधिकारी डॉ. मोनिका पाराशर, भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, फरीदाबाद से सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी डॉ. लक्ष्मीकांत और डॉ. केपी शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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फोटो 02 महम के गांव सीसर खास में कपास की फसल का निरीक्षण करते कृषि अधिकारी। स्रोत : विभाग
महम। फसल बुआई से पहले बीज उपचार करना जरूरी है। इससे धान और कपास की फसलों को बीमारियों व कीटों के प्रकोप से बचाया जा सकता है। यह जानकारी कृषि अधिकारियों ने मंगलवार को महम, सीसर खास सहित विभिन्न क्षेत्रों में कपास और धान की नर्सरी के सर्वेक्षण के दौरान किसानों को दी।
खंड कृषि अधिकारी डॉ. संदीप नांदल ने बताया कि केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के क्षेत्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, फरीदाबाद की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. वंदना पांडेय के निर्देशन में सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान किसानों को कपास और धान में लगने वाले कीटों व रोगों की रोकथाम के लिए बीज उपचार अपनाने की सलाह दी गई।
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संयुक्त सर्वेक्षण के दौरान टीम ने पाया कि क्षेत्र में कीटों और रोगों का प्रकोप फिलहाल कम है। सर्वेक्षण में जिला कृषि विभाग के डॉ. बलवंत सिंह, कृषि विकास अधिकारी डॉ. मोनिका पाराशर, भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, फरीदाबाद से सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी डॉ. लक्ष्मीकांत और डॉ. केपी शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।