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Rohtak News: मनीषा हत्याकांड के दोनों शूटर सात दिन के रिमांड पर, खुल सकते हैं हत्या के राज
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शिमला/रोहतक। सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड के मामले में गिरफ्तार दोनों शूटरों को पुलिस अदालत ने सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को दोनों आरोपियों को शिमला की चक्कर अदालत में पेश किया गया।
अब पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ करके हत्या की इस गुत्थी को सुलझाने की कोशिश करेगी जिससे पता चल सके कि आखिरकार मनीषा की हत्या के पीछे की वजह क्या है। पुलिस ने सोमवार को झज्जर जिले के दुजाना गांव निवासी आशीष अहलावत (22) और रोहतक जिले के सुनारिया खुर्द निवासी दीपक (25) को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के मुताबिक, दोनों ने रोहतक निवासी मनीषा मित्तल की स्कूल गेट पर गोलियां चलाकर हत्या कर दी थी। आरोपियों के खिलाफ इससे पहले भी अवैध वसूली और आर्म्स एक्ट समेत आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसे में पुलिस इस मामले को सुपारी किलिंग और आपसी रंजिश से जोड़कर भी देख रही है।
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जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सफेद रंग की हरियाणा नंबर की स्विफ्ट कार का इस्तेमाल किया था और पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए हिमाचल की 10 सीरीज की नंबर प्लेट लगाई थी। पुलिस ने उस गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया है।
मनीषा मित्तल ने हत्या से पहले सोशल मीडिया पर कई वीडियो जारी किए थे जिसमें उन्होंने अपनी जान को खतरा भी बताया था। पुलिस अब इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आरोपियों से पूछताछ कर हत्या की इस पहेली को सुलझाने की कोशिश कर रही है। मनीषा के पति, भाई समेत कई लोगों से पूछताछ की जा चुका है। वहीं, शक के दायरे में आए अन्य लोगों को भी जांच में शामिल किया है।
बेटी ने पिता के साथ जाने से किया इन्कार, प्रशासन करेगा देखभाल
मनीषा मित्तल की 17 वर्षीय नाबालिग बेटी ने अपने पिता के साथ जाने से इन्कार कर दिया है। अब नियमों तहत प्रशासन उसकी देखभाल करेगा। पुलिस ने नाबालिग को सुरक्षा मुहैया करवा दी है। मनीषा की हत्या के बाद रविवार को उनके पति शिमला पहुंचे थे और बेटी की मौजूदगी में शव का आईजीएमसी में पोस्टमार्टम करवाया था। इस दौरान पुलिस ने जब नाबालिग को पिता के साथ जाने के लिए कहा तो उसने इन्कार कर दिया। मनीषा की हत्या के बाद बेटी की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे थे। इसको देखते हुए नियमों के तहत पुलिस ने उन्हें प्रशासन के सुपुर्द कर दिया है और उनकी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। एएसपी अभिषेक ने बताया कि आरोपियों को अदालत ने सात दिन के रिमांड पर भेजा है। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है।
शिमला/रोहतक। सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड के मामले में गिरफ्तार दोनों शूटरों को पुलिस अदालत ने सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को दोनों आरोपियों को शिमला की चक्कर अदालत में पेश किया गया।
अब पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ करके हत्या की इस गुत्थी को सुलझाने की कोशिश करेगी जिससे पता चल सके कि आखिरकार मनीषा की हत्या के पीछे की वजह क्या है। पुलिस ने सोमवार को झज्जर जिले के दुजाना गांव निवासी आशीष अहलावत (22) और रोहतक जिले के सुनारिया खुर्द निवासी दीपक (25) को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के मुताबिक, दोनों ने रोहतक निवासी मनीषा मित्तल की स्कूल गेट पर गोलियां चलाकर हत्या कर दी थी। आरोपियों के खिलाफ इससे पहले भी अवैध वसूली और आर्म्स एक्ट समेत आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसे में पुलिस इस मामले को सुपारी किलिंग और आपसी रंजिश से जोड़कर भी देख रही है।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सफेद रंग की हरियाणा नंबर की स्विफ्ट कार का इस्तेमाल किया था और पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए हिमाचल की 10 सीरीज की नंबर प्लेट लगाई थी। पुलिस ने उस गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया है।
मनीषा मित्तल ने हत्या से पहले सोशल मीडिया पर कई वीडियो जारी किए थे जिसमें उन्होंने अपनी जान को खतरा भी बताया था। पुलिस अब इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आरोपियों से पूछताछ कर हत्या की इस पहेली को सुलझाने की कोशिश कर रही है। मनीषा के पति, भाई समेत कई लोगों से पूछताछ की जा चुका है। वहीं, शक के दायरे में आए अन्य लोगों को भी जांच में शामिल किया है।
बेटी ने पिता के साथ जाने से किया इन्कार, प्रशासन करेगा देखभाल
मनीषा मित्तल की 17 वर्षीय नाबालिग बेटी ने अपने पिता के साथ जाने से इन्कार कर दिया है। अब नियमों तहत प्रशासन उसकी देखभाल करेगा। पुलिस ने नाबालिग को सुरक्षा मुहैया करवा दी है। मनीषा की हत्या के बाद रविवार को उनके पति शिमला पहुंचे थे और बेटी की मौजूदगी में शव का आईजीएमसी में पोस्टमार्टम करवाया था। इस दौरान पुलिस ने जब नाबालिग को पिता के साथ जाने के लिए कहा तो उसने इन्कार कर दिया। मनीषा की हत्या के बाद बेटी की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे थे। इसको देखते हुए नियमों के तहत पुलिस ने उन्हें प्रशासन के सुपुर्द कर दिया है और उनकी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। एएसपी अभिषेक ने बताया कि आरोपियों को अदालत ने सात दिन के रिमांड पर भेजा है। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है।
अब पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ करके हत्या की इस गुत्थी को सुलझाने की कोशिश करेगी जिससे पता चल सके कि आखिरकार मनीषा की हत्या के पीछे की वजह क्या है। पुलिस ने सोमवार को झज्जर जिले के दुजाना गांव निवासी आशीष अहलावत (22) और रोहतक जिले के सुनारिया खुर्द निवासी दीपक (25) को गिरफ्तार किया था।
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पुलिस के मुताबिक, दोनों ने रोहतक निवासी मनीषा मित्तल की स्कूल गेट पर गोलियां चलाकर हत्या कर दी थी। आरोपियों के खिलाफ इससे पहले भी अवैध वसूली और आर्म्स एक्ट समेत आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसे में पुलिस इस मामले को सुपारी किलिंग और आपसी रंजिश से जोड़कर भी देख रही है।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सफेद रंग की हरियाणा नंबर की स्विफ्ट कार का इस्तेमाल किया था और पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए हिमाचल की 10 सीरीज की नंबर प्लेट लगाई थी। पुलिस ने उस गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया है।
मनीषा मित्तल ने हत्या से पहले सोशल मीडिया पर कई वीडियो जारी किए थे जिसमें उन्होंने अपनी जान को खतरा भी बताया था। पुलिस अब इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आरोपियों से पूछताछ कर हत्या की इस पहेली को सुलझाने की कोशिश कर रही है। मनीषा के पति, भाई समेत कई लोगों से पूछताछ की जा चुका है। वहीं, शक के दायरे में आए अन्य लोगों को भी जांच में शामिल किया है।
बेटी ने पिता के साथ जाने से किया इन्कार, प्रशासन करेगा देखभाल
मनीषा मित्तल की 17 वर्षीय नाबालिग बेटी ने अपने पिता के साथ जाने से इन्कार कर दिया है। अब नियमों तहत प्रशासन उसकी देखभाल करेगा। पुलिस ने नाबालिग को सुरक्षा मुहैया करवा दी है। मनीषा की हत्या के बाद रविवार को उनके पति शिमला पहुंचे थे और बेटी की मौजूदगी में शव का आईजीएमसी में पोस्टमार्टम करवाया था। इस दौरान पुलिस ने जब नाबालिग को पिता के साथ जाने के लिए कहा तो उसने इन्कार कर दिया। मनीषा की हत्या के बाद बेटी की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे थे। इसको देखते हुए नियमों के तहत पुलिस ने उन्हें प्रशासन के सुपुर्द कर दिया है और उनकी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। एएसपी अभिषेक ने बताया कि आरोपियों को अदालत ने सात दिन के रिमांड पर भेजा है। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है।
शिमला/रोहतक। सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड के मामले में गिरफ्तार दोनों शूटरों को पुलिस अदालत ने सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को दोनों आरोपियों को शिमला की चक्कर अदालत में पेश किया गया।
अब पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ करके हत्या की इस गुत्थी को सुलझाने की कोशिश करेगी जिससे पता चल सके कि आखिरकार मनीषा की हत्या के पीछे की वजह क्या है। पुलिस ने सोमवार को झज्जर जिले के दुजाना गांव निवासी आशीष अहलावत (22) और रोहतक जिले के सुनारिया खुर्द निवासी दीपक (25) को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के मुताबिक, दोनों ने रोहतक निवासी मनीषा मित्तल की स्कूल गेट पर गोलियां चलाकर हत्या कर दी थी। आरोपियों के खिलाफ इससे पहले भी अवैध वसूली और आर्म्स एक्ट समेत आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसे में पुलिस इस मामले को सुपारी किलिंग और आपसी रंजिश से जोड़कर भी देख रही है।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सफेद रंग की हरियाणा नंबर की स्विफ्ट कार का इस्तेमाल किया था और पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए हिमाचल की 10 सीरीज की नंबर प्लेट लगाई थी। पुलिस ने उस गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया है।
मनीषा मित्तल ने हत्या से पहले सोशल मीडिया पर कई वीडियो जारी किए थे जिसमें उन्होंने अपनी जान को खतरा भी बताया था। पुलिस अब इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आरोपियों से पूछताछ कर हत्या की इस पहेली को सुलझाने की कोशिश कर रही है। मनीषा के पति, भाई समेत कई लोगों से पूछताछ की जा चुका है। वहीं, शक के दायरे में आए अन्य लोगों को भी जांच में शामिल किया है।
बेटी ने पिता के साथ जाने से किया इन्कार, प्रशासन करेगा देखभाल
मनीषा मित्तल की 17 वर्षीय नाबालिग बेटी ने अपने पिता के साथ जाने से इन्कार कर दिया है। अब नियमों तहत प्रशासन उसकी देखभाल करेगा। पुलिस ने नाबालिग को सुरक्षा मुहैया करवा दी है। मनीषा की हत्या के बाद रविवार को उनके पति शिमला पहुंचे थे और बेटी की मौजूदगी में शव का आईजीएमसी में पोस्टमार्टम करवाया था। इस दौरान पुलिस ने जब नाबालिग को पिता के साथ जाने के लिए कहा तो उसने इन्कार कर दिया। मनीषा की हत्या के बाद बेटी की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे थे। इसको देखते हुए नियमों के तहत पुलिस ने उन्हें प्रशासन के सुपुर्द कर दिया है और उनकी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। एएसपी अभिषेक ने बताया कि आरोपियों को अदालत ने सात दिन के रिमांड पर भेजा है। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है।