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Rohtak News: पीजीआई में एचआईवी मरीजों के लिए बनाया जाएगा अलग कमरा
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अभिषेक कीरत
रोहतक। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआई में चार अप्रैल को स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के दौरे के बाद व्यवस्थाएं बदलने की आस जगी है। संस्थान ने दौरे के दौरान मिलीं खामियों पर स्वास्थ्य मंत्री आरती राव को लंबा जवाब भेजा है। पीजीआई में एचआईवी मरीजों के लिए अलग कमरा बनाया जाएगा। पेशेंट क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना की जाएगी।
दौरे के दौरान एक मरीज ने अल्ट्रासाउंड में देरी की शिकायत की थी। इस पर संस्थान ने विभाग में स्टाफ की कमी बताते हुए सहयोग की मांग की है। विभाग में फैकल्टी की कमी के कारण पीजी सीटें आधी रह गई हैं।
मरीजों को जल्द इलाज देने के लिए संस्थान की ओर से पेशेंट क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना की जाएगी। इससे मरीजाें के इलाज में लगने वाले अधिक समय में कमी आएगी। मरीजों के बैठने के लिए बैंचों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
दौरे के दौरान एक क्षेत्र में मरीजों की लंबी कतारें देखी गई थी। यहां मरीजों की भीड़ कम करने के लिए संस्थान ने सैंपल काउंटरों को भूतल पर जन औषधि केंद्र के सामने खुले क्षेत्र में स्थानांतरित करने का फैसला लिया है। संवाद
एचआईवी मरीजों के लिए कमरा बनाने की प्रक्रिया शुरू
ओपीडी के समय कर्मचारियों की निगरानी के लिए कमरा नंबर 99 में एक सीसीटीवी कैमरा स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त एचआईवी ओपीडी में रोजाना लगभग 200 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसको देखते हुए दो खिड़कियों के माध्यम से परामर्श की सुविधा के लिए एक अतिरिक्त कमरा व खिड़की बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक टेक्नीशियन व काउंसलर की भर्ती भी की जाएगी।
जवाब में संस्थान ने अपने ही फार्मासिस्ट के जवाब को गलत बताया
दौरे के दौरान ओपीडी के मुख्य फार्मासिस्ट ने स्वास्थ्य मंत्री को बताया था कि ओपीडी में मरीजों के लिए लगभग 200 वीईडी दवाएं उपलब्ध हैं। वेड अप्रूव सामान में कुल 1501 तरह का सामान शामिल है। इनमें से 700 तरह की दवाई व सर्जिकल सामान की पीजीआई के पास रेट काॅन्ट्रेक्ट है। 154 सर्जिकल सामान के लिए रेट कांट्रेक्ट प्रक्रिया में है। संस्थान का कहना है कि सेंट्रल स्टोर से सत्यापन कराने पर यह तथ्य गलत पाया गया। संस्थान के पास वीईडी सूची में 571 दवाएं उपलब्ध है। 172 प्रकार की दवाएं व सर्जिकल सामान की आपूर्ति कई रिमाइंडर भेजने के बाद भी लंबित है।
नर्सिंग अधिकारी शौचालय का इस्तेमाल स्टोरेज के लिए करती मिलीं
दौरे के दौरान गायनी विभाग में एक शौचालय का उपयोग वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी स्टोरेज के लिए कर रही थीं। स्वास्थ्य मंत्री ने इस पर आपत्ति जताई थी। संस्थान की ओर से शौचालय को मरीजों के लिए खोल दिया गया है। दोबारा गलती न होे इसलिए संबंधित अधिकारी को एडवाइजरी जारी की है। सफाई कर्मचारियों व पर्यवेक्षकों को चेतावनी जारी कर दोबारा गलती होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। दौरे के दौराण पेयजल के पास व शौचालयों की सफाई व्यवस्था बदहाल मिली थी।
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रोहतक। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआई में चार अप्रैल को स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के दौरे के बाद व्यवस्थाएं बदलने की आस जगी है। संस्थान ने दौरे के दौरान मिलीं खामियों पर स्वास्थ्य मंत्री आरती राव को लंबा जवाब भेजा है। पीजीआई में एचआईवी मरीजों के लिए अलग कमरा बनाया जाएगा। पेशेंट क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना की जाएगी।
दौरे के दौरान एक मरीज ने अल्ट्रासाउंड में देरी की शिकायत की थी। इस पर संस्थान ने विभाग में स्टाफ की कमी बताते हुए सहयोग की मांग की है। विभाग में फैकल्टी की कमी के कारण पीजी सीटें आधी रह गई हैं।
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मरीजों को जल्द इलाज देने के लिए संस्थान की ओर से पेशेंट क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना की जाएगी। इससे मरीजाें के इलाज में लगने वाले अधिक समय में कमी आएगी। मरीजों के बैठने के लिए बैंचों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
दौरे के दौरान एक क्षेत्र में मरीजों की लंबी कतारें देखी गई थी। यहां मरीजों की भीड़ कम करने के लिए संस्थान ने सैंपल काउंटरों को भूतल पर जन औषधि केंद्र के सामने खुले क्षेत्र में स्थानांतरित करने का फैसला लिया है। संवाद
एचआईवी मरीजों के लिए कमरा बनाने की प्रक्रिया शुरू
ओपीडी के समय कर्मचारियों की निगरानी के लिए कमरा नंबर 99 में एक सीसीटीवी कैमरा स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त एचआईवी ओपीडी में रोजाना लगभग 200 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसको देखते हुए दो खिड़कियों के माध्यम से परामर्श की सुविधा के लिए एक अतिरिक्त कमरा व खिड़की बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक टेक्नीशियन व काउंसलर की भर्ती भी की जाएगी।
जवाब में संस्थान ने अपने ही फार्मासिस्ट के जवाब को गलत बताया
दौरे के दौरान ओपीडी के मुख्य फार्मासिस्ट ने स्वास्थ्य मंत्री को बताया था कि ओपीडी में मरीजों के लिए लगभग 200 वीईडी दवाएं उपलब्ध हैं। वेड अप्रूव सामान में कुल 1501 तरह का सामान शामिल है। इनमें से 700 तरह की दवाई व सर्जिकल सामान की पीजीआई के पास रेट काॅन्ट्रेक्ट है। 154 सर्जिकल सामान के लिए रेट कांट्रेक्ट प्रक्रिया में है। संस्थान का कहना है कि सेंट्रल स्टोर से सत्यापन कराने पर यह तथ्य गलत पाया गया। संस्थान के पास वीईडी सूची में 571 दवाएं उपलब्ध है। 172 प्रकार की दवाएं व सर्जिकल सामान की आपूर्ति कई रिमाइंडर भेजने के बाद भी लंबित है।
नर्सिंग अधिकारी शौचालय का इस्तेमाल स्टोरेज के लिए करती मिलीं
दौरे के दौरान गायनी विभाग में एक शौचालय का उपयोग वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी स्टोरेज के लिए कर रही थीं। स्वास्थ्य मंत्री ने इस पर आपत्ति जताई थी। संस्थान की ओर से शौचालय को मरीजों के लिए खोल दिया गया है। दोबारा गलती न होे इसलिए संबंधित अधिकारी को एडवाइजरी जारी की है। सफाई कर्मचारियों व पर्यवेक्षकों को चेतावनी जारी कर दोबारा गलती होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। दौरे के दौराण पेयजल के पास व शौचालयों की सफाई व्यवस्था बदहाल मिली थी।
