{"_id":"6a31afe40130bd9d6f012522","slug":"sneha-an-athlete-from-kharawar-and-skater-nikhil-are-shining-bright-with-their-medals-rohtak-news-c-17-roh1020-873543-2026-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: खरावड़ की एथलीट बेटी स्नेहा और स्केटिंग खिलाड़ी निखिल बिखेर रहे मेडल की चमक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: खरावड़ की एथलीट बेटी स्नेहा और स्केटिंग खिलाड़ी निखिल बिखेर रहे मेडल की चमक
विज्ञापन
16-गांव खरावड़ में उपस्थित ग्रामीण। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
रोहतक। सैनिकों के लिए मशहूर गांव खरावड़ एथलेटिक्स, हॉकी, वेटरन दौड़ व अन्य खिलाड़ियों के लिए भी जाना जाता है। गांव से सूबेदार रामधन सिंह पहलवान जैसे बड़े खिलड़ी होने के बाद अब नई पीढ़ी के खिलाड़ी एथलीट बेटी स्नेहा व स्केटिंग खिलाड़ी निखिल मेडल जीतकर नाम रोशन कर रहे हैं।
गांव की एथलीट बेटी स्नेहा 15 पदक अपने नाम कर चुकी हैं। देश के बाद अब विदेशों में भी नाम रोशन करने के लिए एशियार्ड प्रतियोगिता को जीतने का लक्ष्य लेकर तैयारी में जुटी हैं। वह मुंबई रेलवे में टिकट परीक्षक पद (टीटीई) कार्यरत हैं।
स्नेहा के पिता धर्मपाल मलिक ने बताया कि बेटी 15 मेडल जीत चुकी हैं। 10 साल से अधिक समय तैयारी करते हो गए हैं। 2020 में तेलंगाना में आयोजित 54वीं नेशनल क्रॉस कंट्री की दो किमी दौड़ प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं।
विज्ञापन
इसके बाद 2020 में ही खेलो इंडिया यूथ गेम्स 1500 मीटर असम में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। 2023 में बंगलूरू में आयोजित 62वीं ओपन नेशनल 1500 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता था। इसी साल तमिलनाडु में आयोजित 38वीं जूनियर नेशनल 1500 मीटर प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था।
पिता धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि 22 वर्षीय बेटा निखिल स्केटिंग में अलग-अलग गेम्स जैसे रोल बास्केटबॉल, स्पीड व आईस्केटिंग प्रतियोगिताओं में नाम रोशन किया है। वह चंडीगढ़ में 2023 में आयोजित नेशनल रोलर बास्केटबाॅल में गोल्ड मेडल, तीन सिल्वर मेडल, एक ग्राम गौरव अवाॅर्ड व दो दादा घासीराम अवाॅर्ड जीत चुके हैं। वह कुल 50 पदक जीत चुके हैं। संवाद
-- -- -- -- -
रणबीर सिंह 26 साल के सफर में 793 पदक कर चुके अपने नाम
प्रदेश से ही 1967 में प्रथम बार हरियाणा केसरी बनने वाले सूबेदार रामधन सिंह पहलवान भी हुए हैं। 19 अप्रैल 1931 को इनका जन्म हुआ था। बचपन से ही कुश्ती का शौक रखते थे। 20 वर्ष की आयु में सेना की राजपूताना राइफल्स में रेजिमेंट भर्ती हुए थे। पोते दीपक मलिक ने बताया कि उनके दादा खुद तो अच्छे पहलवान थे ही। उन्होंने कई अच्छे पहलवान भी तैयार किए हैं। इनमें मुख्य महाबली सतपाल करतार पहलवान, सुभाष पहलवान, भगत पहलवान, अनुज चौधरी, नवीन मोर पहलवान, संदीप राठी व अन्य के नाम शामिल हैं। आमतौर पर जिस उम्र में लोग आराम की जिंदगी चुनते हैं, उस उम्र में रणबीर सिंह वेटरन ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिताओं में नाम रोशन कर रहे हैं। वह 26 साल के सफर में 793 पदक अपने नाम कर चुके हैं।
-- -- -- -
गांव के स्टेडियम में नई पीढ़ी से उभर रहे खिलाड़ी
कोच राजेश कुमार ने बताया कि गांव में ऋषि च्यवन के नाम पर एक स्टेडियम बना हुआ है। इसमें रोजाना 50 से 60 बच्चे फौज, सरकारी नौकरी, दौड़ व अन्य तैयारियों के लिए पहुंचते हैं।
-- -- --
ये बोले ग्रामीण
सूबेदार रामधन सिंह ने पहली बार हरियाणा केसरी बनकर गांव का नाम रोशन किया था। अब भी हर व्यक्ति गांव में उनको जानता है। इस पर गर्व है।
- दीपक, ग्रामीण
-- -- -- --
गांव से स्नेहा जैसी खिलाड़ी भी उभर रही हैं। रोजाना स्टेडियम में जाकर तैयारी भी करते हैं। पुराने समय में रामधन पहलवान ने नाम रोशन किया था।
- राकुमार, ग्रामीण
-- -- --
गांव में पहले रामधन पहलवान और अब निखिल व स्नेहा जैसे बच्चे गांव का नाम रोशन कर रहे हैं। गांव को इन पर गर्व है।
- प्रकाश, ग्रामीण
-- -- -
गांव से रामधन पहलवान, वेटरन खिलाड़ी रणबीर, नई पीढ़ी में स्नेहा व निखिल जैसे खिलाड़ी गांव का नाम रोशन कर रहे हैं। इनके अलावा भी अन्य खिलाड़ी खेलों में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
- कैप्टन जगवीर मलिक, ग्रामीण
गांव की एथलीट बेटी स्नेहा 15 पदक अपने नाम कर चुकी हैं। देश के बाद अब विदेशों में भी नाम रोशन करने के लिए एशियार्ड प्रतियोगिता को जीतने का लक्ष्य लेकर तैयारी में जुटी हैं। वह मुंबई रेलवे में टिकट परीक्षक पद (टीटीई) कार्यरत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्नेहा के पिता धर्मपाल मलिक ने बताया कि बेटी 15 मेडल जीत चुकी हैं। 10 साल से अधिक समय तैयारी करते हो गए हैं। 2020 में तेलंगाना में आयोजित 54वीं नेशनल क्रॉस कंट्री की दो किमी दौड़ प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं।
इसके बाद 2020 में ही खेलो इंडिया यूथ गेम्स 1500 मीटर असम में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। 2023 में बंगलूरू में आयोजित 62वीं ओपन नेशनल 1500 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता था। इसी साल तमिलनाडु में आयोजित 38वीं जूनियर नेशनल 1500 मीटर प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था।
पिता धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि 22 वर्षीय बेटा निखिल स्केटिंग में अलग-अलग गेम्स जैसे रोल बास्केटबॉल, स्पीड व आईस्केटिंग प्रतियोगिताओं में नाम रोशन किया है। वह चंडीगढ़ में 2023 में आयोजित नेशनल रोलर बास्केटबाॅल में गोल्ड मेडल, तीन सिल्वर मेडल, एक ग्राम गौरव अवाॅर्ड व दो दादा घासीराम अवाॅर्ड जीत चुके हैं। वह कुल 50 पदक जीत चुके हैं। संवाद
रणबीर सिंह 26 साल के सफर में 793 पदक कर चुके अपने नाम
प्रदेश से ही 1967 में प्रथम बार हरियाणा केसरी बनने वाले सूबेदार रामधन सिंह पहलवान भी हुए हैं। 19 अप्रैल 1931 को इनका जन्म हुआ था। बचपन से ही कुश्ती का शौक रखते थे। 20 वर्ष की आयु में सेना की राजपूताना राइफल्स में रेजिमेंट भर्ती हुए थे। पोते दीपक मलिक ने बताया कि उनके दादा खुद तो अच्छे पहलवान थे ही। उन्होंने कई अच्छे पहलवान भी तैयार किए हैं। इनमें मुख्य महाबली सतपाल करतार पहलवान, सुभाष पहलवान, भगत पहलवान, अनुज चौधरी, नवीन मोर पहलवान, संदीप राठी व अन्य के नाम शामिल हैं। आमतौर पर जिस उम्र में लोग आराम की जिंदगी चुनते हैं, उस उम्र में रणबीर सिंह वेटरन ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिताओं में नाम रोशन कर रहे हैं। वह 26 साल के सफर में 793 पदक अपने नाम कर चुके हैं।
गांव के स्टेडियम में नई पीढ़ी से उभर रहे खिलाड़ी
कोच राजेश कुमार ने बताया कि गांव में ऋषि च्यवन के नाम पर एक स्टेडियम बना हुआ है। इसमें रोजाना 50 से 60 बच्चे फौज, सरकारी नौकरी, दौड़ व अन्य तैयारियों के लिए पहुंचते हैं।
ये बोले ग्रामीण
सूबेदार रामधन सिंह ने पहली बार हरियाणा केसरी बनकर गांव का नाम रोशन किया था। अब भी हर व्यक्ति गांव में उनको जानता है। इस पर गर्व है।
- दीपक, ग्रामीण
गांव से स्नेहा जैसी खिलाड़ी भी उभर रही हैं। रोजाना स्टेडियम में जाकर तैयारी भी करते हैं। पुराने समय में रामधन पहलवान ने नाम रोशन किया था।
- राकुमार, ग्रामीण
गांव में पहले रामधन पहलवान और अब निखिल व स्नेहा जैसे बच्चे गांव का नाम रोशन कर रहे हैं। गांव को इन पर गर्व है।
- प्रकाश, ग्रामीण
गांव से रामधन पहलवान, वेटरन खिलाड़ी रणबीर, नई पीढ़ी में स्नेहा व निखिल जैसे खिलाड़ी गांव का नाम रोशन कर रहे हैं। इनके अलावा भी अन्य खिलाड़ी खेलों में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
- कैप्टन जगवीर मलिक, ग्रामीण

16-गांव खरावड़ में उपस्थित ग्रामीण। संवाद

16-गांव खरावड़ में उपस्थित ग्रामीण। संवाद

16-गांव खरावड़ में उपस्थित ग्रामीण। संवाद