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Rohtak News: पीड़ित युवती गवाही से पलटी, दुष्कर्म का आरोपी बरी
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माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। डेढ़ साल पहले पड़ोस के युवक पर अपहरण व दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती अदालत में अपने बयानों से पलट गई। युवती ने कहा, वह मर्जी से अपने गांव गई थी। साक्ष्यों के अभाव में एएसजे शैलेंद्र सिंह की अदालत ने वीरवार को आरोपी अमित को बरी कर दिया।
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक, जुलाई 2024 में एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि वह परिवार सहित दो साल से रोहतक में रहता है। उनके पड़ोस में बाहर का एक व्यक्ति भी रहता है। उसका साला कुछ दिन पहले भी यहां आकर रहने लगा।
रोज की तरह वह पत्नी के साथ नौकरी पर चला गया। वापस आए तो 16 साल की बेटी गायब मिली। पड़ोसी का साला भी घर पर नहीं था। पुलिस ने नाबालिग के अपहरण की एफआईआर दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की।
अगस्त में लड़की को उसके पिता ने थाने में पेश किया। अदालत में जज के सामने पीड़िता के बीएनएसएस की धारा 183 के तहत बयान दर्ज कराए। पीड़िता ने कहा कि आरोपी युवक उसका अपहरण करके ले गया था। 15 दिन तक उसके साथ गलत काम किया।
पुलिस ने पॉक्सो एक्ट छह के अलावा दुष्कर्म की धारा जोड़कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी। गवाही के समय पीड़िता ने कहा कि वह मर्जी से गांव गई थी। पिता उसे वापस ले आए।
युवती का आरोप है कि थाने में पुलिस ने उससे कोरे कागजात पर हस्ताक्षर करवाए थे। आरोपी पड़ोस में रहता था, इसलिए उसे पहले से जानते थे। पीड़ित युवती के माता-पिता भी पूर्व में पुलिस को दिए गए बयानों से पलट गए। साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।
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रोहतक। डेढ़ साल पहले पड़ोस के युवक पर अपहरण व दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती अदालत में अपने बयानों से पलट गई। युवती ने कहा, वह मर्जी से अपने गांव गई थी। साक्ष्यों के अभाव में एएसजे शैलेंद्र सिंह की अदालत ने वीरवार को आरोपी अमित को बरी कर दिया।
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक, जुलाई 2024 में एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि वह परिवार सहित दो साल से रोहतक में रहता है। उनके पड़ोस में बाहर का एक व्यक्ति भी रहता है। उसका साला कुछ दिन पहले भी यहां आकर रहने लगा।
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रोज की तरह वह पत्नी के साथ नौकरी पर चला गया। वापस आए तो 16 साल की बेटी गायब मिली। पड़ोसी का साला भी घर पर नहीं था। पुलिस ने नाबालिग के अपहरण की एफआईआर दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की।
अगस्त में लड़की को उसके पिता ने थाने में पेश किया। अदालत में जज के सामने पीड़िता के बीएनएसएस की धारा 183 के तहत बयान दर्ज कराए। पीड़िता ने कहा कि आरोपी युवक उसका अपहरण करके ले गया था। 15 दिन तक उसके साथ गलत काम किया।
पुलिस ने पॉक्सो एक्ट छह के अलावा दुष्कर्म की धारा जोड़कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी। गवाही के समय पीड़िता ने कहा कि वह मर्जी से गांव गई थी। पिता उसे वापस ले आए।
युवती का आरोप है कि थाने में पुलिस ने उससे कोरे कागजात पर हस्ताक्षर करवाए थे। आरोपी पड़ोस में रहता था, इसलिए उसे पहले से जानते थे। पीड़ित युवती के माता-पिता भी पूर्व में पुलिस को दिए गए बयानों से पलट गए। साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।