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Rohtak News: 16 हजार की आबादी पर केवल छह सफाईकर्मी, कैसे होगा गांव स्वच्छ
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18 : गिरीश बतरा, एसडीओ ।
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रोहतक। बहुअकबरपुर गांव में सोमवार को अमर उजाला की ओर से आयोजित चौपाल में जिला विकास एवं पंचायत विभाग के एसडीओ गिरीश बतरा ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने कहा कि गांव की आबादी 16,000 है लेकिन यहां केवल छह सफाईकर्मी हैं। आबादी के अनुसार सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए, तभी स्वच्छता बेहतर हो पाएगी।
रोहतक शहर से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस गांव में सीवर व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग भी ग्रामीणों ने उठाई। उनका कहना है कि गांव में नालों की भी सफाई नहीं हो रही है। इनका गंदा पानी तालाबों में जा रहा है। यह पशुओं की सेहत खराब कर रहा है।
पानी निकासी की बेहतर व्यवस्था के लिए नालों की सफाई भी कराई जानी चाहिए। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाए जाने के लिए गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र यानी पीएचसी बनाए जाने व गांव में युवाओं की खेल के प्रति रुझान को देखते हुए खेल सुविधाएं भी बढ़ाई जाएं।
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मांग प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार तक पहुंचाई जानी चाहिए ताकि गांव के समुचित विकास का खाका तैयार हो सके। एसडीओ गिरीश बतरा ने ग्रामीणों की इन समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
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रोहतक शहर के नजदीक का यह बड़ा गांव है। इसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जरूरत है। अगर गांव को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मिल जाता है तो ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य सुविधा के रूप में यह बड़ी सौगात होगी।
- दलबीर सिंह, बहुअकबरपुर
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गर्मी के समय में लोगों को पानी की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। हालांकि, गांव में पानी की पाइपलाइन और तालाब का निर्माण चल रहा है लेकिन उसकी गति तेज होनी चाहिए ताकि लोगों को जल्द स्वच्छ पेयजल मुहैया हो सके।
- धर्मवीर, बहुअकबरपुर
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गांव में ड्रेन से पानी निकासी के उपयुक्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। ड्रेन का लेवल ठीक नहीं है। इससे बारिश में ड्रेन ओवरफ्लो हो जाती है और ग्रामीणों को फसलें डूब जाती हैं। गांव में सफाईकर्मी भी बढ़ाए जाएं।
- राजेंद्र, बहुअकबरपुर
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गांव में सड़क पर ताऊ देवीलाल पार्क है। इसमें काफी समय से लाइट नहीं है और देखरेख के अभाव में झाड़ियां भी उगी हुई हैं। परिवार वालों को इससे यहां घूमने में असुविधा हो रही है। इन समस्याओं को दूर किया जाए।
- महावीर, बहुअकबरपुर
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काहनौर माइनर से गांव के तालाब में पानी आता है लेकिन इसमें 40 दिन बाद आता है। तीन दिन तक ही नहर में पूरा पानी चलता है। बाकी दिनों में पानी की कमी होती है। केवल पेयजल नहीं, फसलों में सिंचाई की भी दिक्कत है।
- राकेश बल्हारा, बहुअकबरपुर
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सफाई का अभाव है। गंदे पानी की निकासी नहीं है। नालों का पानी गांव के तालाबों में जा रहा है। तालाबों का यही गंदा पानी पशु पीते हैं और बीमार हो सकते हैं। गांव से गंदे पानी की निकासी का इंतजाम किया जाए।
- सितारे हिंद, बहुअकबरपुर
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वर्जन
विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर जोर दिया जा रहा है। बहुअकबरपुर में भी तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। चौपाल कार्यक्रम में ग्रामीणों की जो समस्याएं आई हैं, उनके समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
- गिरीश बतरा, एसडीओ, जिला विकास एवं पंचायत विभाग
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पानी निकासी की बेहतर व्यवस्था के लिए नालों की सफाई भी कराई जानी चाहिए। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाए जाने के लिए गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र यानी पीएचसी बनाए जाने व गांव में युवाओं की खेल के प्रति रुझान को देखते हुए खेल सुविधाएं भी बढ़ाई जाएं।
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मांग प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार तक पहुंचाई जानी चाहिए ताकि गांव के समुचित विकास का खाका तैयार हो सके। एसडीओ गिरीश बतरा ने ग्रामीणों की इन समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
रोहतक शहर के नजदीक का यह बड़ा गांव है। इसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जरूरत है। अगर गांव को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मिल जाता है तो ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य सुविधा के रूप में यह बड़ी सौगात होगी।
- दलबीर सिंह, बहुअकबरपुर
गर्मी के समय में लोगों को पानी की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। हालांकि, गांव में पानी की पाइपलाइन और तालाब का निर्माण चल रहा है लेकिन उसकी गति तेज होनी चाहिए ताकि लोगों को जल्द स्वच्छ पेयजल मुहैया हो सके।
- धर्मवीर, बहुअकबरपुर
गांव में ड्रेन से पानी निकासी के उपयुक्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। ड्रेन का लेवल ठीक नहीं है। इससे बारिश में ड्रेन ओवरफ्लो हो जाती है और ग्रामीणों को फसलें डूब जाती हैं। गांव में सफाईकर्मी भी बढ़ाए जाएं।
- राजेंद्र, बहुअकबरपुर
गांव में सड़क पर ताऊ देवीलाल पार्क है। इसमें काफी समय से लाइट नहीं है और देखरेख के अभाव में झाड़ियां भी उगी हुई हैं। परिवार वालों को इससे यहां घूमने में असुविधा हो रही है। इन समस्याओं को दूर किया जाए।
- महावीर, बहुअकबरपुर
काहनौर माइनर से गांव के तालाब में पानी आता है लेकिन इसमें 40 दिन बाद आता है। तीन दिन तक ही नहर में पूरा पानी चलता है। बाकी दिनों में पानी की कमी होती है। केवल पेयजल नहीं, फसलों में सिंचाई की भी दिक्कत है।
- राकेश बल्हारा, बहुअकबरपुर
सफाई का अभाव है। गंदे पानी की निकासी नहीं है। नालों का पानी गांव के तालाबों में जा रहा है। तालाबों का यही गंदा पानी पशु पीते हैं और बीमार हो सकते हैं। गांव से गंदे पानी की निकासी का इंतजाम किया जाए।
- सितारे हिंद, बहुअकबरपुर
वर्जन
विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर जोर दिया जा रहा है। बहुअकबरपुर में भी तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। चौपाल कार्यक्रम में ग्रामीणों की जो समस्याएं आई हैं, उनके समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
- गिरीश बतरा, एसडीओ, जिला विकास एवं पंचायत विभाग

18 : गिरीश बतरा, एसडीओ ।

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