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Sirsa News: बिजली कर्मचारियों ने मनाया काला दिवस, की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 01 Apr 2026 11:59 PM IST
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फोटो -- -- 8
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र फेडरेशनों और एसोसिएशनों के मंच ने 1 अप्रैल को काला दिवस मनाया। कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी की।
इस मौके पर यूनियन के मुख्य सलाहकार एसएस बेदी, ललित सोलंकी व अजय पासी ने संयुक्त रूप से कहा कि 1926 के ट्रेड यूनियन अधिनियम के माध्यम से यूनियन बनाने के अधिकार को वैधानिक मान्यता मिली। ब्रिटिश काल में हमारे पूर्वजों के संघर्ष से कई श्रम कानून बने और स्वतंत्र भारत में संसद की ओर से कुल 44 केंद्रीय श्रम कानून तथा राज्यों द्वारा लगभग 150 कानून बनाए गए क्योंकि श्रम भारतीय संविधान की समवर्ती सूची में शामिल हैं।
ये सभी उपलब्धियां लगभग 150 वर्षों के संघर्ष का परिणाम हैं। सरकार अपनी हठधर्मिता से जनता पर जबरन कानून थोपे जा रही है जो कत्तई बर्दाश्त नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगर इन कानूनों को वापस नहीं लिया तो भविष्य में बड़े संघर्ष की रूपरेखा बनाई जाएगी।
इस मौके पर ललित सोलंकी, अजय पासी, सुरेंद्र आर्य, मीत चावला, संदीप वर्मा, परमजीत कौर, कृष्णा, वंदना, प्रवीन तनेजा, सोना, उग्रसेन सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
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सिरसा। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र फेडरेशनों और एसोसिएशनों के मंच ने 1 अप्रैल को काला दिवस मनाया। कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी की।
इस मौके पर यूनियन के मुख्य सलाहकार एसएस बेदी, ललित सोलंकी व अजय पासी ने संयुक्त रूप से कहा कि 1926 के ट्रेड यूनियन अधिनियम के माध्यम से यूनियन बनाने के अधिकार को वैधानिक मान्यता मिली। ब्रिटिश काल में हमारे पूर्वजों के संघर्ष से कई श्रम कानून बने और स्वतंत्र भारत में संसद की ओर से कुल 44 केंद्रीय श्रम कानून तथा राज्यों द्वारा लगभग 150 कानून बनाए गए क्योंकि श्रम भारतीय संविधान की समवर्ती सूची में शामिल हैं।
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ये सभी उपलब्धियां लगभग 150 वर्षों के संघर्ष का परिणाम हैं। सरकार अपनी हठधर्मिता से जनता पर जबरन कानून थोपे जा रही है जो कत्तई बर्दाश्त नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगर इन कानूनों को वापस नहीं लिया तो भविष्य में बड़े संघर्ष की रूपरेखा बनाई जाएगी।
इस मौके पर ललित सोलंकी, अजय पासी, सुरेंद्र आर्य, मीत चावला, संदीप वर्मा, परमजीत कौर, कृष्णा, वंदना, प्रवीन तनेजा, सोना, उग्रसेन सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।