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Sirsa News: गांव सालमखेड़ा में लाखों रुपये से बना शेड अधूरा, लोगों का सपना नहीं हुआ पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 09 Apr 2026 12:24 AM IST
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गांव सालमखेड़ा में अधूरा पड़ा शेड। संवाद
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कोई पशु बांध रहा, कोई उपले सुखा रहा, किसी ने कृषि यंत्र रखकर किया अतिक्रमण
फोटो-- -- 19 से 22
राजू
ओढ़ां। ओढ़ां खंड के गांव सालमखेड़ा में पंचायत विभाग ने लाखों रुपये की लागत से शेड बनवाया है। इसका कोई लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। इसका इस्तेमाल कुछ लोग पशु बांधने, उपले सुखाने व कृषि यंत्र खड़े करने के लिए कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की लाखों रुपये की संपत्ति अतिक्रमण का शिकार हो रही है।
सालमखेड़ा में गांव के बाहरी छोर पर एक पुरानी मस्जिद की जगह थी। पूर्व सरपंच सर्वजीत कौर के कार्यकाल में पांच साल पहले उस जगह पर लोगों के साझे कार्य के लिए बड़े शेड का निर्माण कराया गया। ग्रामीणों के अनुसार, इस शेड पर 6 से 7 लाख रुपये खर्च हुए थे। शेड निर्माण के साथ-साथ चहारदीवारी भी ऊंची उठा दी गई। गेट व फर्श सहित कुछ अन्य कार्य नहीं हो पाए। ये कार्य आज भी अधूरे हैं। इसलिए इसका कोई सार्वजनिक प्रयोग नहीं हो पा रहा है। संवाद
कोटस
पूर्व पंचायत ने इस शेड का निर्माण करवाया था। अगर यह कार्य पूरा होता तो सभी के साझे कार्य के लिए काम आता लेकिन इस कार्य को अधर में छोड़ दिया गया। इससे यह अतिक्रमण का शिकार हो गया है। सरकार गांवों में जो विकास कार्य करवाती है उनका लोगों को लाभ मिलना चाहिए। इस शेड का फर्श और दीवार बनाने के साथ ही गेट भी लगना चाहिए।
- भूरा सिंह, ग्रामीण।
पिछले कई सालों से शेड ऐसे ही पड़ा है। न तो फर्श लगा न ही पूरी चहारदीवारी हुई और न गेट लगा। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद इसका किसी को लाभ नहीं मिल रहा है। कुछ लोगों ने अवैध रूप से इस पर अतिक्रमण कर रखा है। गांव में महिलाओं के सेल्फ हेल्प ग्रुप चल रहे हैं। अगर इस शेड का कार्य पूरा हो जाए तो महिलाओं की बैठक के लिए काम आएगा।
- दलीप कौर, ग्रामीण।
मेरे घर के निकट शेड बना हुआ है। यह सभी ग्रामीणों के काम आता लेकिन कार्य अधूरा होने के चलते कुछ लोग इसका अपने निजी कार्यों के लिए प्रयोग कर रहे हैं। यहां पर पानी की एक बंबी लगी हुई थी वह भी पशु बांधकर उखड़वा दी गई। मांग है कि यहां फर्श व गेट लगाकर सफाई करवाई जाए और कार्य को सिरे चढ़ाया जाए।
- ज्ञान कौर, ग्रामीण।
वर्जन
हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि शेड कहां है और किस स्थिति में है। मौका देखकर इस बारे में पूरी जानकारी ली जाएगी। जिस उद्देश्य से विभाग ने यह कार्य करवाया है वह पूरा किया जाएगा।
- तरसेम, ग्राम सचिव।
वर्जन
इस बारे हमें कोई जानकारी नहीं है लेकिन पता करवाएंगे कि आखिर समस्या कहां और कैसी है। अगर कार्य अधूरा है तो मौका देखेंगे और ग्राम पंचायत से प्रस्ताव लेकर कार्य पूरा करवाया जाएगा। किसी को भी अतिक्रमण नहीं करने दिया जाएगा।
- सुभाष चंद्र, पंचायत अधिकारी, खंड ओढ़ां
कोट्स
अब मुझे पूरा तो याद नहीं कि कितनी राशि खर्च हुई थी। मेरे हिसाब से 6-7 लाख रुपये हो सकती है। यह शेड पंचायत फंड से बनाया था ताकि लोगों को लाभ मिल सके। जितनी राशि आई थी उससे जितना कार्य हुआ वह करवा दिया गया। बाद में पंचायतों से चार्ज ले लिया गया था। फर्श, गेट व दीवार का कार्य नहीं हो पाया।
- जगमीत सिंह, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि, गांव सालमखेड़ा
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राजू
ओढ़ां। ओढ़ां खंड के गांव सालमखेड़ा में पंचायत विभाग ने लाखों रुपये की लागत से शेड बनवाया है। इसका कोई लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। इसका इस्तेमाल कुछ लोग पशु बांधने, उपले सुखाने व कृषि यंत्र खड़े करने के लिए कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की लाखों रुपये की संपत्ति अतिक्रमण का शिकार हो रही है।
सालमखेड़ा में गांव के बाहरी छोर पर एक पुरानी मस्जिद की जगह थी। पूर्व सरपंच सर्वजीत कौर के कार्यकाल में पांच साल पहले उस जगह पर लोगों के साझे कार्य के लिए बड़े शेड का निर्माण कराया गया। ग्रामीणों के अनुसार, इस शेड पर 6 से 7 लाख रुपये खर्च हुए थे। शेड निर्माण के साथ-साथ चहारदीवारी भी ऊंची उठा दी गई। गेट व फर्श सहित कुछ अन्य कार्य नहीं हो पाए। ये कार्य आज भी अधूरे हैं। इसलिए इसका कोई सार्वजनिक प्रयोग नहीं हो पा रहा है। संवाद
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कोटस
पूर्व पंचायत ने इस शेड का निर्माण करवाया था। अगर यह कार्य पूरा होता तो सभी के साझे कार्य के लिए काम आता लेकिन इस कार्य को अधर में छोड़ दिया गया। इससे यह अतिक्रमण का शिकार हो गया है। सरकार गांवों में जो विकास कार्य करवाती है उनका लोगों को लाभ मिलना चाहिए। इस शेड का फर्श और दीवार बनाने के साथ ही गेट भी लगना चाहिए।
- भूरा सिंह, ग्रामीण।
पिछले कई सालों से शेड ऐसे ही पड़ा है। न तो फर्श लगा न ही पूरी चहारदीवारी हुई और न गेट लगा। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद इसका किसी को लाभ नहीं मिल रहा है। कुछ लोगों ने अवैध रूप से इस पर अतिक्रमण कर रखा है। गांव में महिलाओं के सेल्फ हेल्प ग्रुप चल रहे हैं। अगर इस शेड का कार्य पूरा हो जाए तो महिलाओं की बैठक के लिए काम आएगा।
- दलीप कौर, ग्रामीण।
मेरे घर के निकट शेड बना हुआ है। यह सभी ग्रामीणों के काम आता लेकिन कार्य अधूरा होने के चलते कुछ लोग इसका अपने निजी कार्यों के लिए प्रयोग कर रहे हैं। यहां पर पानी की एक बंबी लगी हुई थी वह भी पशु बांधकर उखड़वा दी गई। मांग है कि यहां फर्श व गेट लगाकर सफाई करवाई जाए और कार्य को सिरे चढ़ाया जाए।
- ज्ञान कौर, ग्रामीण।
वर्जन
हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि शेड कहां है और किस स्थिति में है। मौका देखकर इस बारे में पूरी जानकारी ली जाएगी। जिस उद्देश्य से विभाग ने यह कार्य करवाया है वह पूरा किया जाएगा।
- तरसेम, ग्राम सचिव।
वर्जन
इस बारे हमें कोई जानकारी नहीं है लेकिन पता करवाएंगे कि आखिर समस्या कहां और कैसी है। अगर कार्य अधूरा है तो मौका देखेंगे और ग्राम पंचायत से प्रस्ताव लेकर कार्य पूरा करवाया जाएगा। किसी को भी अतिक्रमण नहीं करने दिया जाएगा।
- सुभाष चंद्र, पंचायत अधिकारी, खंड ओढ़ां
कोट्स
अब मुझे पूरा तो याद नहीं कि कितनी राशि खर्च हुई थी। मेरे हिसाब से 6-7 लाख रुपये हो सकती है। यह शेड पंचायत फंड से बनाया था ताकि लोगों को लाभ मिल सके। जितनी राशि आई थी उससे जितना कार्य हुआ वह करवा दिया गया। बाद में पंचायतों से चार्ज ले लिया गया था। फर्श, गेट व दीवार का कार्य नहीं हो पाया।
- जगमीत सिंह, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि, गांव सालमखेड़ा