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Sirsa News: जांच में स्वास्थ्य विभाग का स्टॉक मिला पूरा, अब शिक्षा विभाग पर नजर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 18 Mar 2026 01:03 AM IST
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हाईवे किनारे गवर्नमेंट सप्लाई की दवाइयां मिलने का मामला
-- बीईओ ओढ़ां व डबवाली का जवाब संतोषजनक नहीं : एसएमओ
-- स्वास्थ्य विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारी को भी पत्र भेज मांगा जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
ओढ़ां। गांव ओढ़ां में नेशनल हाईवे नंबर 9 के किनारे ओढ़ां माइनर के निकट काफी मात्रा में गवर्नमेंट सप्लाई की एक्सपायर डेट की दवाइयां मिलने के मामले में गठित की गई टीम ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सीएमओ को दी है। जांच में स्वास्थ्य विभाग का स्टॉक सही मिला। अब शिक्षा विभाग पर सवाल उठ रहे हैं।
टीम ने सीएचसी ओढ़ां, पीएचसी पन्नीवाला मोटा, पीएचसी देसुमलकाना व आरबीएस टीम से जानकारी लेने के अलावा यह भी जांचा कि उन्हें कितनी गोलियां दी गईं और उन्होंने आगे कहां-कहां और कितनी वितरित कीं। जांच में स्वास्थ्य विभाग का स्टॉक पूरा एवं सही पाया गया है। इसके बाद अब सवाल शिक्षा विभाग पर उठ रहे हैं। कयास लगाया जा रहा है कि किसी सरकारी स्कूल में उक्त दवाइयां बच्चों में वितरित करने के लिए भेजी गई थीं लेकिन स्कूल प्रबंधन ने इनकी कोई परवाह नहीं की और अब एक्सपायर होने पर यहां फेंक दीं।
ओढ़ां सीएचसी की ओर से ओढ़ां बीईओ कार्यालय को 1 लाख 44 हजार व डबवाली बीईओ कार्यालय को 90 हजार गोलियां भेजी गई थीं। एसएमओ ओढ़ां की तरफ से इस विषय में बीईओ ओढ़ां व बीईओ डबवाली को पत्र भेजकर जवाब मांगा था। बताया जा रहा है कि दोनों बीईओ कार्यालयों की तरफ से जो जवाब आया है वह संतोषजनक नहीं है।
पास में ही पड़ी थीं अन्य दवाइयां, मेडिकल संचालक पर भी संदेह
हाईवे के किनारे जिस जगह गवर्नमेंट सप्लाई की आयरन फोलिक एसिड की एक्सपायर डेट की गोलियां मिली थीं उसके नजदीक ही कुछ अन्य प्राइवेट कंपनी की आई ड्रॉप्स, मल्टी विटामिन इंजेक्शन, कुछ क्रीम व रेविटाल सहित अन्य एक्सपायर डेट की दवाइयां भी फेंकी पड़ी थी। इससे ये कयास लग रहे हैं कि हो सकता है कि गवर्नमेंट सप्लाई की ये गोलियां किसी स्कूल संचालक द्वारा किसी मेडिकल संचालक को दे दी गई हों। इसके बाद एक दिन पहले पूरे जिले में मेडिकल स्टोरों पर छापा मारा गया था। हो सकता है मेडिकल संचालक ने भयवश अपने पास पड़ी गवर्नमेंट सप्लाई की दवाइयों व अन्य एक्सपायर डेट की दवाइयों को यहां फेंक दिया हो।
बॉक्स
हमने हमारे विभाग से संबंधित स्टॉक एवं रिकॉर्ड चेक करवा लिया जो सही है। हमने बीईओ को पत्र भेजकर स्कूलों का वितरण रिकॉर्ड चेक कर रिपोर्ट भेजने की बात कही थी। इनकी अभी तक रिपोर्ट हमारे पास नहीं आई है। इसके अतिरिक्त हमने जिला शिक्षा अधिकारी को भी इस बारे लिखा है कि वे सभी ब्लॉकों के बीईओ से रिकॉर्ड मांगें कि कहां-कहां कितनी दवाइयां रिसीव हुईं और कितनी वितरित हुईं। अब तक हमारे पास डीईओ कार्यालय की तरफ से भी कोई जवाब नहीं आया है। अगर शीघ्र जवाब नहीं आया तो पुन: पत्र भेजकर रिकॉर्ड रजिस्टर मांगा जाएगा।
- डॉ. प्रमोद शर्मा, सिविल सर्जन (सिरसा)
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ओढ़ां। गांव ओढ़ां में नेशनल हाईवे नंबर 9 के किनारे ओढ़ां माइनर के निकट काफी मात्रा में गवर्नमेंट सप्लाई की एक्सपायर डेट की दवाइयां मिलने के मामले में गठित की गई टीम ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सीएमओ को दी है। जांच में स्वास्थ्य विभाग का स्टॉक सही मिला। अब शिक्षा विभाग पर सवाल उठ रहे हैं।
टीम ने सीएचसी ओढ़ां, पीएचसी पन्नीवाला मोटा, पीएचसी देसुमलकाना व आरबीएस टीम से जानकारी लेने के अलावा यह भी जांचा कि उन्हें कितनी गोलियां दी गईं और उन्होंने आगे कहां-कहां और कितनी वितरित कीं। जांच में स्वास्थ्य विभाग का स्टॉक पूरा एवं सही पाया गया है। इसके बाद अब सवाल शिक्षा विभाग पर उठ रहे हैं। कयास लगाया जा रहा है कि किसी सरकारी स्कूल में उक्त दवाइयां बच्चों में वितरित करने के लिए भेजी गई थीं लेकिन स्कूल प्रबंधन ने इनकी कोई परवाह नहीं की और अब एक्सपायर होने पर यहां फेंक दीं।
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ओढ़ां सीएचसी की ओर से ओढ़ां बीईओ कार्यालय को 1 लाख 44 हजार व डबवाली बीईओ कार्यालय को 90 हजार गोलियां भेजी गई थीं। एसएमओ ओढ़ां की तरफ से इस विषय में बीईओ ओढ़ां व बीईओ डबवाली को पत्र भेजकर जवाब मांगा था। बताया जा रहा है कि दोनों बीईओ कार्यालयों की तरफ से जो जवाब आया है वह संतोषजनक नहीं है।
पास में ही पड़ी थीं अन्य दवाइयां, मेडिकल संचालक पर भी संदेह
हाईवे के किनारे जिस जगह गवर्नमेंट सप्लाई की आयरन फोलिक एसिड की एक्सपायर डेट की गोलियां मिली थीं उसके नजदीक ही कुछ अन्य प्राइवेट कंपनी की आई ड्रॉप्स, मल्टी विटामिन इंजेक्शन, कुछ क्रीम व रेविटाल सहित अन्य एक्सपायर डेट की दवाइयां भी फेंकी पड़ी थी। इससे ये कयास लग रहे हैं कि हो सकता है कि गवर्नमेंट सप्लाई की ये गोलियां किसी स्कूल संचालक द्वारा किसी मेडिकल संचालक को दे दी गई हों। इसके बाद एक दिन पहले पूरे जिले में मेडिकल स्टोरों पर छापा मारा गया था। हो सकता है मेडिकल संचालक ने भयवश अपने पास पड़ी गवर्नमेंट सप्लाई की दवाइयों व अन्य एक्सपायर डेट की दवाइयों को यहां फेंक दिया हो।
बॉक्स
हमने हमारे विभाग से संबंधित स्टॉक एवं रिकॉर्ड चेक करवा लिया जो सही है। हमने बीईओ को पत्र भेजकर स्कूलों का वितरण रिकॉर्ड चेक कर रिपोर्ट भेजने की बात कही थी। इनकी अभी तक रिपोर्ट हमारे पास नहीं आई है। इसके अतिरिक्त हमने जिला शिक्षा अधिकारी को भी इस बारे लिखा है कि वे सभी ब्लॉकों के बीईओ से रिकॉर्ड मांगें कि कहां-कहां कितनी दवाइयां रिसीव हुईं और कितनी वितरित हुईं। अब तक हमारे पास डीईओ कार्यालय की तरफ से भी कोई जवाब नहीं आया है। अगर शीघ्र जवाब नहीं आया तो पुन: पत्र भेजकर रिकॉर्ड रजिस्टर मांगा जाएगा।
- डॉ. प्रमोद शर्मा, सिविल सर्जन (सिरसा)