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Sirsa News: श्रमिक की अकाल मृत्यु पर परिवार को मिलेगी वित्तीय सहायता
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 27 Mar 2026 11:07 PM IST
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सिरसा। हरियाणा श्रम विभाग की ओर से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के परिवारों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण योजना चलाई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य श्रमिक की अकाल मृत्यु के बाद उसके परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करना है, ताकि वे कठिन परिस्थितियों में भी अपनी आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।
जिला जनसूचना व जनसंपर्क अधिकारी रामनाथ ने बताया कि इसके अंतर्गत शिक्षा, विवाह, अशक्तता तथा स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए नियमानुसार वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। योजना के तहत पंजीकृत निर्माण कर्मकार की अकाल मृत्यु (60 वर्ष की आयु पूरी करने से पूर्व) होने पर उसके आश्रितों को सहायता दी जाती है। यह सहायता केवल उन्हीं परिवारों को मिलेगा, जिनका श्रमिक श्रम विभाग में विधिवत पंजीकृत रहा हो।
उन्होंने बताया कि यह पहल श्रमिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में आर्थिक सहायता स्वत: समाप्त हो जाती है। यदि मृतक श्रमिक की पत्नी या पति पुनर्विवाह कर लेते हैं, तो इस योजना के तहत मिलने वाली सहायता बंद कर दी जाएगी। इसके अलावा, यदि मृतक के पति या पत्नी किसी अन्य योजना जैसे बीओसीडब्ल्यू बोर्ड के लाभार्थी सदस्य बन जाते हैं और वहां से लाभ प्राप्त करने के पात्र हो जाते हैं, तो भी यह सहायता समाप्त हो जाती है। साथ ही, यदि पंजीकरण रिकॉर्ड के अनुसार श्रमिक की आयु 60 वर्ष पूर्ण हो चुकी होती है, तो इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
हरियाणा सरकार की यह योजना श्रमिक वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर रही है। इससे न केवल श्रमिकों के परिवारों को आर्थिक मदद मिलती है, बल्कि उन्हें भविष्य के प्रति एक भरोसा भी मिलता है।
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जिला जनसूचना व जनसंपर्क अधिकारी रामनाथ ने बताया कि इसके अंतर्गत शिक्षा, विवाह, अशक्तता तथा स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए नियमानुसार वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। योजना के तहत पंजीकृत निर्माण कर्मकार की अकाल मृत्यु (60 वर्ष की आयु पूरी करने से पूर्व) होने पर उसके आश्रितों को सहायता दी जाती है। यह सहायता केवल उन्हीं परिवारों को मिलेगा, जिनका श्रमिक श्रम विभाग में विधिवत पंजीकृत रहा हो।
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उन्होंने बताया कि यह पहल श्रमिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में आर्थिक सहायता स्वत: समाप्त हो जाती है। यदि मृतक श्रमिक की पत्नी या पति पुनर्विवाह कर लेते हैं, तो इस योजना के तहत मिलने वाली सहायता बंद कर दी जाएगी। इसके अलावा, यदि मृतक के पति या पत्नी किसी अन्य योजना जैसे बीओसीडब्ल्यू बोर्ड के लाभार्थी सदस्य बन जाते हैं और वहां से लाभ प्राप्त करने के पात्र हो जाते हैं, तो भी यह सहायता समाप्त हो जाती है। साथ ही, यदि पंजीकरण रिकॉर्ड के अनुसार श्रमिक की आयु 60 वर्ष पूर्ण हो चुकी होती है, तो इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
हरियाणा सरकार की यह योजना श्रमिक वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर रही है। इससे न केवल श्रमिकों के परिवारों को आर्थिक मदद मिलती है, बल्कि उन्हें भविष्य के प्रति एक भरोसा भी मिलता है।