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Sirsa News: 10% कोरम भी नहीं जुटा सकी रोड़ी ग्रामसभा, 12 लोगों की मौजूदगी में छठी बैठक रद्द
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 14 May 2026 11:38 PM IST
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ग्राम सभा के दौरान मौजूद सरपंच, सचिव, पंच व सफाईकर्मी_____ग्रामीण।
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पहुंचने वालों में सरपंच, सचिव, छह सफाईकर्मी, दो पंच, एक पूर्व नंबरदार और दो ग्रामीण शामिल रहे
फोटो-- - 43,44
संवाद न्यूज़ एजेंसी
रोड़ी। गांव रोड़ी में वीरवार को आयोजित की गई छठी ग्रामसभा भी आवश्यक कोरम पूरा न होने के कारण रद्द करनी पड़ी। बैठक में मात्र 12 लोग ही पहुंचे।
गांव स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल में सुबह 10 बजे ग्रामसभा बुलाई गई थी लेकिन इसमें महज 12 लोग ही पहुंचे। इनमें सरपंच, सचिव, छह सफाईकर्मी, दो पंच, एक पूर्व नंबरदार और दो ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों की बेहद कम भागीदारी के चलते बैठक को औपचारिक रूप से निरस्त कर दिया गया।
नियमों के अनुसार, ग्रामसभा की बैठक के लिए गांव के कुल मतदाताओं में से कम से कम 10 प्रतिशत लोगों की उपस्थिति अनिवार्य होती है। निर्धारित संख्या पूरी न होने पर ग्रामसभा की कार्रवाई नहीं की जा सकती। ऐसे में अधिकारियों को बैठक रद्द करनी पड़ी। खास बात यह रही कि ग्रामसभा के आयोजन के लिए पहले से 150 कुर्सियां और चार मैट तक मंगवाए गए थे लेकिन अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी रहीं।
इससे पहले 20 फरवरी को आयोजित पांचवीं ग्रामसभा भी कम उपस्थिति के कारण रद्द हो गई थी। लगातार दूसरी बार ग्रामसभा रद्द होने से गांव में जनभागीदारी को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं और जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए ग्रामसभा को सबसे महत्वपूर्ण मंच माना जाता है लेकिन ग्रामीणों की बेरुखी के चलते इसका उद्देश्य अधूरा रह जा रहा है।
ग्रामसभा का मुख्य उद्देश्य गांव में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करना, नई योजनाओं पर चर्चा करना, पंचायत की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाना तथा आमजन से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक निर्णय लेना होता है। बावजूद इसके, ग्रामीणों की कम मौजूदगी से पंचायत व्यवस्था की सक्रियता प्रभावित होती दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामसभा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पंचायत प्रशासन को विशेष प्रयास करने होंगे ताकि गांव के विकास से जुड़े निर्णयों में आमजन की सीधी भागीदारी बढ़ सके।
कोट्स
मैंने दो दिन पहले ही क्षेत्र का चार्ज संभाला है। हमारे द्वारा पिछले दो दिनों से गांव में ग्राम सभा के बारे में लगातार मुनादी करवाई गई थी लेकिन ग्राम सभा में ग्रामीणों की संख्या नाममात्र रही। हम अगली ग्राम सभा में इस संख्या को बढ़ाने और कोरम पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगे।
-गुरप्रीत सिंह, पंचायत सचिव, बड़ागुढ़ा।
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रोड़ी। गांव रोड़ी में वीरवार को आयोजित की गई छठी ग्रामसभा भी आवश्यक कोरम पूरा न होने के कारण रद्द करनी पड़ी। बैठक में मात्र 12 लोग ही पहुंचे।
गांव स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल में सुबह 10 बजे ग्रामसभा बुलाई गई थी लेकिन इसमें महज 12 लोग ही पहुंचे। इनमें सरपंच, सचिव, छह सफाईकर्मी, दो पंच, एक पूर्व नंबरदार और दो ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों की बेहद कम भागीदारी के चलते बैठक को औपचारिक रूप से निरस्त कर दिया गया।
नियमों के अनुसार, ग्रामसभा की बैठक के लिए गांव के कुल मतदाताओं में से कम से कम 10 प्रतिशत लोगों की उपस्थिति अनिवार्य होती है। निर्धारित संख्या पूरी न होने पर ग्रामसभा की कार्रवाई नहीं की जा सकती। ऐसे में अधिकारियों को बैठक रद्द करनी पड़ी। खास बात यह रही कि ग्रामसभा के आयोजन के लिए पहले से 150 कुर्सियां और चार मैट तक मंगवाए गए थे लेकिन अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी रहीं।
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इससे पहले 20 फरवरी को आयोजित पांचवीं ग्रामसभा भी कम उपस्थिति के कारण रद्द हो गई थी। लगातार दूसरी बार ग्रामसभा रद्द होने से गांव में जनभागीदारी को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं और जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए ग्रामसभा को सबसे महत्वपूर्ण मंच माना जाता है लेकिन ग्रामीणों की बेरुखी के चलते इसका उद्देश्य अधूरा रह जा रहा है।
ग्रामसभा का मुख्य उद्देश्य गांव में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करना, नई योजनाओं पर चर्चा करना, पंचायत की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाना तथा आमजन से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक निर्णय लेना होता है। बावजूद इसके, ग्रामीणों की कम मौजूदगी से पंचायत व्यवस्था की सक्रियता प्रभावित होती दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामसभा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पंचायत प्रशासन को विशेष प्रयास करने होंगे ताकि गांव के विकास से जुड़े निर्णयों में आमजन की सीधी भागीदारी बढ़ सके।
कोट्स
मैंने दो दिन पहले ही क्षेत्र का चार्ज संभाला है। हमारे द्वारा पिछले दो दिनों से गांव में ग्राम सभा के बारे में लगातार मुनादी करवाई गई थी लेकिन ग्राम सभा में ग्रामीणों की संख्या नाममात्र रही। हम अगली ग्राम सभा में इस संख्या को बढ़ाने और कोरम पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगे।
-गुरप्रीत सिंह, पंचायत सचिव, बड़ागुढ़ा।