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Sirsa News: तपिश और लू के थपेड़ों ने जनजीवन किया अस्त-व्यस्त
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 27 Apr 2026 12:56 AM IST
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गर्मी के मौसम में मुंह ढककर गुजरते हुए युवती। संवाद
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- सुबह व शाम के समय बादल छाए, डिंग के कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी
फोटो-- 38
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में लगातार तापमान 43 डिग्री के आसपास बना हुआ है। न्यूनतम तापमान में उछाल देखने को मिला है। यह 27 डिग्री पहुंच गया है। वहीं, लू चलने के कारण जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। हालांकि, सुबह व शाम के समय हलके बादल छाए रहे। डिंग क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी हुई।
तेज धूप और लू के कारण लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए हैं। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आ रहा है। गर्म हवा के कारण न केवल लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं।
नागरिक अस्पताल डबवाली के अतिरिक्त वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरसिमरन सिंह ने आमजन को इस भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की अत्यधिक गर्मी का प्रभाव शरीर पर गंभीर पड़ सकता है। ऐसे में समय रहते सतर्क रहना और उचित बचाव करना बेहद जरूरी है।
डॉ. सिंह ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ये वर्ग हीट वेव के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं इसलिए इनके स्वास्थ्य को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
पानी और जूस का सेवन अनिवार्य, डी हाईड्रेशन से बचें
डॉ. सिंह ने बताया कि गर्मी के मौसम में प्यास न लगने पर भी नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद आवश्यक है ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। उन्होंने हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी, जिससे शरीर को ठंडक मिलती है। बाहर निकलते समय सिर और चेहरे को ढकना चाहिए तथा चश्मा, छाता, टोपी या दुपट्टे का उपयोग करना चाहिए। साथ ही घर से बाहर निकलते समय अपने साथ पानी अवश्य रखें। उन्होंने कहा कि जो लोग बाहर काम करते हैं, वे समय-समय पर विश्राम करें और खुद को धूप से बचाने के उपाय अपनाएं। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए लस्सी, छाछ और नींबू पानी जैसे घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करना लाभदायक होता है।
बिजली की बढ़ी मांग, रात को लगने लगे कट
जिले में गेहूं की कटाई के बाद बिजली सुबह के समय में ग्रामीण क्षेत्र में शुरू हो गई है। इससे बिजली की मांग बढ़ गई है। शहरी क्षेत्रों में लोड निरंतर बढ़ रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ ही एसी शुरू होने 70 लाख यूनिट प्रतिदिन से ऊपर की मांग पहुंच गई है। इसी प्रकार तापमान बढ़ता गया तो लू चलने पर मांग कई गुना बढ़ जाएगी। हालांकि, स्थिति को कंट्रोल करने के लिए बिजली के कट लगाए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र हो या रिहायशी रात के समय छोटे-छोटे बिजली के कट लग रहे हैं ताकि सब स्टेशनों पर ज्यादा लोड न पड़े।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में लगातार तापमान 43 डिग्री के आसपास बना हुआ है। न्यूनतम तापमान में उछाल देखने को मिला है। यह 27 डिग्री पहुंच गया है। वहीं, लू चलने के कारण जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। हालांकि, सुबह व शाम के समय हलके बादल छाए रहे। डिंग क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी हुई।
तेज धूप और लू के कारण लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए हैं। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आ रहा है। गर्म हवा के कारण न केवल लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं।
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नागरिक अस्पताल डबवाली के अतिरिक्त वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरसिमरन सिंह ने आमजन को इस भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की अत्यधिक गर्मी का प्रभाव शरीर पर गंभीर पड़ सकता है। ऐसे में समय रहते सतर्क रहना और उचित बचाव करना बेहद जरूरी है।
डॉ. सिंह ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ये वर्ग हीट वेव के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं इसलिए इनके स्वास्थ्य को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
पानी और जूस का सेवन अनिवार्य, डी हाईड्रेशन से बचें
डॉ. सिंह ने बताया कि गर्मी के मौसम में प्यास न लगने पर भी नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद आवश्यक है ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। उन्होंने हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी, जिससे शरीर को ठंडक मिलती है। बाहर निकलते समय सिर और चेहरे को ढकना चाहिए तथा चश्मा, छाता, टोपी या दुपट्टे का उपयोग करना चाहिए। साथ ही घर से बाहर निकलते समय अपने साथ पानी अवश्य रखें। उन्होंने कहा कि जो लोग बाहर काम करते हैं, वे समय-समय पर विश्राम करें और खुद को धूप से बचाने के उपाय अपनाएं। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए लस्सी, छाछ और नींबू पानी जैसे घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करना लाभदायक होता है।
बिजली की बढ़ी मांग, रात को लगने लगे कट
जिले में गेहूं की कटाई के बाद बिजली सुबह के समय में ग्रामीण क्षेत्र में शुरू हो गई है। इससे बिजली की मांग बढ़ गई है। शहरी क्षेत्रों में लोड निरंतर बढ़ रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ ही एसी शुरू होने 70 लाख यूनिट प्रतिदिन से ऊपर की मांग पहुंच गई है। इसी प्रकार तापमान बढ़ता गया तो लू चलने पर मांग कई गुना बढ़ जाएगी। हालांकि, स्थिति को कंट्रोल करने के लिए बिजली के कट लगाए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र हो या रिहायशी रात के समय छोटे-छोटे बिजली के कट लग रहे हैं ताकि सब स्टेशनों पर ज्यादा लोड न पड़े।

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