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Sirsa News: शेल्टर होम में कुत्तों की देखभाल की जांच के लिए एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन
Tue, 28 Jul 2026 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 28 Jul 2026 11:49 PM IST
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डबवाली। एसडीएम कार्यालय के बाहर बैठे पशु प्रेमी। संस्था।
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बीमार व कमजोर कुत्तों की देखभाल में लापरवाही का आरोप, एसडीएम ने जांच कमेटी गठित करने का दिया आश्वासन
फोटो-- 5
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। नगर परिषद मंडी डबवाली की ओर से संचालित कुत्तों के शेल्टर होम की व्यवस्था पर विवाद गहरा गया है। वार्ड नंबर-7 के पार्षद समनदीप बराड़ और पशु कल्याण स्वयंसेवकों ने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के बाद उप-जिलाधिकारी पारस भगौरिया ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने शिकायतें सुनीं और जल्द ही एक समिति गठित कर निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया। पशु प्रेमियों ने शेल्टर होम के निरीक्षण में अधिकांश कुत्तों को बीमार, कमजोर और बदहाल पाया। उनके शरीर पर बड़ी संख्या में चीचड़ थे जो नियमित देखभाल की कमी दर्शाते हैं।
आरोप है कि पशुओं को पर्याप्त भोजन, स्वच्छ पेयजल और समय पर चिकित्सकीय उपचार नहीं मिल रहा। यह पशु कल्याण मानकों और एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) नियम-2023 का उल्लंघन है। शिकायत मिलने पर सामान्य कुत्तों को बिना चिकित्सकीय जांच के पकड़कर शेल्टर होम में रखा जा रहा है। यह नगर परिषद की ओर से जारी निविदा शर्तों का भी उल्लंघन है।
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पार्षद की मांगें
पार्षद समनदीप बराड़ ने तत्काल जांच व दोषियों पर कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने शेल्टर होम का प्रशासनिक व चिकित्सकीय निरीक्षण कराने की मांग की। कुत्तों का तत्काल उपचार और एंटी रेबीज टीकाकरण सुनिश्चित करने को भी कहा। निविदा की सभी शर्तों के पालन की जांच और कुत्तों को पकड़ने-छोड़ने की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) सार्वजनिक करने की मांग की गई।
निगरानी पर सवाल और परिषद का पक्ष
शिकायतकर्ताओं ने नगर परिषद की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अब तक हुए निरीक्षणों की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। नगर परिषद के उपाध्यक्ष अमनदीप बांसल ने कहा कि आवारा कुत्तों को पकड़ने का ठेका एजेंसी को दिया गया है। उनकी देखरेख की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। बांसल ने बताया कि निरीक्षण में अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। नगर परिषद मंडी डबवाली की ओर से संचालित कुत्तों के शेल्टर होम की व्यवस्था पर विवाद गहरा गया है। वार्ड नंबर-7 के पार्षद समनदीप बराड़ और पशु कल्याण स्वयंसेवकों ने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के बाद उप-जिलाधिकारी पारस भगौरिया ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने शिकायतें सुनीं और जल्द ही एक समिति गठित कर निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया। पशु प्रेमियों ने शेल्टर होम के निरीक्षण में अधिकांश कुत्तों को बीमार, कमजोर और बदहाल पाया। उनके शरीर पर बड़ी संख्या में चीचड़ थे जो नियमित देखभाल की कमी दर्शाते हैं।
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आरोप है कि पशुओं को पर्याप्त भोजन, स्वच्छ पेयजल और समय पर चिकित्सकीय उपचार नहीं मिल रहा। यह पशु कल्याण मानकों और एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) नियम-2023 का उल्लंघन है। शिकायत मिलने पर सामान्य कुत्तों को बिना चिकित्सकीय जांच के पकड़कर शेल्टर होम में रखा जा रहा है। यह नगर परिषद की ओर से जारी निविदा शर्तों का भी उल्लंघन है।
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पार्षद की मांगें
पार्षद समनदीप बराड़ ने तत्काल जांच व दोषियों पर कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने शेल्टर होम का प्रशासनिक व चिकित्सकीय निरीक्षण कराने की मांग की। कुत्तों का तत्काल उपचार और एंटी रेबीज टीकाकरण सुनिश्चित करने को भी कहा। निविदा की सभी शर्तों के पालन की जांच और कुत्तों को पकड़ने-छोड़ने की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) सार्वजनिक करने की मांग की गई।
निगरानी पर सवाल और परिषद का पक्ष
शिकायतकर्ताओं ने नगर परिषद की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अब तक हुए निरीक्षणों की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। नगर परिषद के उपाध्यक्ष अमनदीप बांसल ने कहा कि आवारा कुत्तों को पकड़ने का ठेका एजेंसी को दिया गया है। उनकी देखरेख की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। बांसल ने बताया कि निरीक्षण में अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।