{"_id":"69c6c378e1fe861560049e84","slug":"rumors-of-lockdown-led-to-a-rush-of-motorists-at-petrol-pumps-sirsa-news-c-128-1-sir1004-155500-2026-03-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: लॉकडाउन की अफवाह से पेट्रोल पंपों पर रही वाहन चालकों की भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: लॉकडाउन की अफवाह से पेट्रोल पंपों पर रही वाहन चालकों की भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 27 Mar 2026 11:20 PM IST
विज्ञापन
सिरसा में पेट्रोल पंपों के बाहर लगी हुई लाइन।
विज्ञापन
सिरसा। लॉकडाउन की अफवाह ने शुक्रवार को भी शहर के पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ दिनभर लगी रही। कई स्थानों पर भीड़ के कारण बहस और नोकझोंक की स्थिति भी देखने को मिली। हालात ऐसे बन गए कि लोगों को कई-कई घंटे इंतजार करना पड़ा। स्थिति उस समय गंभीर हो गई जब वीरवार रात को कुछ पेट्रोल पंप संचालकों ने पेट्रोल-डीजल की बिक्री अस्थायी रूप से रोक दी। उनका मानना था कि सरकार अगले दिन तेल की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती है, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालांकि, केंद्र सरकार ने कीमतें बढ़ाने के बजाय पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में करीब 10 रुपये तक की कटौती कर दी, जिससे कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका खत्म हो गई। इसके बावजूद शुक्रवार सुबह भी कई पेट्रोल पंप बंद रहे, जबकि खुले पंपों पर पूरे दिन भारी भीड़ बनी रही।
तेल की जमाखोरी को रोकने के लिए पंप संचालकों ने सख्ती दिखाते हुए प्रति वाहन अधिकतम 300 रुपये तक ही पेट्रोल-डीजल देने का निर्णय लिया। कुछ जगहों पर यह सीमा घटाकर 100 रुपये तक कर दी गई। इस निर्णय के कारण दोपहिया और चार पहिया वाहन चालक अपनी टंकियां फुल नहीं करवा सके। वाहन चालक राहुल, मनोज व दीपक ने बताया कि कि वे एहतियात के तौर पर अधिक तेल भरवाना चाहते हैं ताकि यदि लॉकडाउन लागू होता है तो उनके दैनिक कार्यों पर कम से कम एक महीने तक असर न पड़े।
30 प्रतिशत पंपों पर तेल हुआ खत्म
वीरवार रात पेट्रोल पंपों पर तेल डलवाने उमड़ी भीड़ के कारण जिला के 30 प्रतिशत पेट्रोल पंपों पर शुक्रवार सुबह तेल खत्म हो गया। जिस कारण संचालकों ने पंप के आगे अवरोधक लगा दिया ताकि कोई वाहन चालक तेल डलवाने न आए। बता दें कि जिले में करीब 305 पेट्रोल पंप हैं। पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार तेल की कमी अचानक लोग की मांग बढ़ने के कारण हो गई है। गाड़ियां लगातार भेजकर डीजल और पेट्रोल मंगवाया जा रहा है। लोग पैनिक हो गए हैं। जो लोग 100 से 200 का पेट्रोल लेते थे अब सभी दुपहिया वाहनों की टंकी भरवा रहे हैं। गाड़ियों तक की टंकी भरवाने में लगे हुए हैं। इस कारण खपत दो गुणा से ज्यादा हो गई है।
ग्रामीण एरिया से लेकर शहरी क्षेत्र में कई पंपों पर तेल की आई कमी
शहर के कुछ पंप देर रात तक खाली हो गए थे। इनमें से कुछ पंपों के पास सुबह सप्लाई आ गई। उपभोक्ता को सप्लाई देने के लिए संचालकों ने किराये पर गाड़ी कर भी तेल मंगवाया। एजेंसियों से लगातार पंप संचालक वाहन भेजकर तेल की मांग कर रहे हैं। किसी पंप पर डीजल खत्म हुआ तो किसी पर पेट्रोल खत्म हो गया। अलग-अलग समय में अलग तरह की समस्या रहीं। शहर के बाहरी क्षेत्र के पंप संचालकों ने रात को समय रहते ही अपने पंप बंद कर दिए।
पेट्रोल पंप संचालकों को सुरक्षा को सता रहा खतरा
शहर के बीचों बीच मौजूद एक पंप संचालक ने बताया कि रात 10 बजे तक लोगों को पेट्रोल पंप से सप्लाई दी थी। इस दौरान भारी भीड़ थी और अव्यवस्था का माहौल पैदा हो गया। शहर थाना पुलिस को सूचित किया गया कि वे एक या दो राउंड कर ले। ताकि कोई व्यक्ति विवाद पैदा न करें। लेकिन किसी राइडर ने आकर पंप पर निरीक्षण करना गंवारा नहीं समझा। पैनिक हालत में पंप संचालकों को अपनी सुरक्षा का डर सताने लगा है।
पेट्रोल और डीजल की कोई कमी है। निरंतर पंप संचालकों से संपर्क साधा जा रहा है। लोगों के अचानक पैनिक होने पर अव्यवस्था का माहौल बन गया है। इसलिए जिले के लोग धैर्य बनाकर रखे और अफवाहों पर ध्यान न दें।
-हरवीर सिंह, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक
Trending Videos
तेल की जमाखोरी को रोकने के लिए पंप संचालकों ने सख्ती दिखाते हुए प्रति वाहन अधिकतम 300 रुपये तक ही पेट्रोल-डीजल देने का निर्णय लिया। कुछ जगहों पर यह सीमा घटाकर 100 रुपये तक कर दी गई। इस निर्णय के कारण दोपहिया और चार पहिया वाहन चालक अपनी टंकियां फुल नहीं करवा सके। वाहन चालक राहुल, मनोज व दीपक ने बताया कि कि वे एहतियात के तौर पर अधिक तेल भरवाना चाहते हैं ताकि यदि लॉकडाउन लागू होता है तो उनके दैनिक कार्यों पर कम से कम एक महीने तक असर न पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन
30 प्रतिशत पंपों पर तेल हुआ खत्म
वीरवार रात पेट्रोल पंपों पर तेल डलवाने उमड़ी भीड़ के कारण जिला के 30 प्रतिशत पेट्रोल पंपों पर शुक्रवार सुबह तेल खत्म हो गया। जिस कारण संचालकों ने पंप के आगे अवरोधक लगा दिया ताकि कोई वाहन चालक तेल डलवाने न आए। बता दें कि जिले में करीब 305 पेट्रोल पंप हैं। पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार तेल की कमी अचानक लोग की मांग बढ़ने के कारण हो गई है। गाड़ियां लगातार भेजकर डीजल और पेट्रोल मंगवाया जा रहा है। लोग पैनिक हो गए हैं। जो लोग 100 से 200 का पेट्रोल लेते थे अब सभी दुपहिया वाहनों की टंकी भरवा रहे हैं। गाड़ियों तक की टंकी भरवाने में लगे हुए हैं। इस कारण खपत दो गुणा से ज्यादा हो गई है।
ग्रामीण एरिया से लेकर शहरी क्षेत्र में कई पंपों पर तेल की आई कमी
शहर के कुछ पंप देर रात तक खाली हो गए थे। इनमें से कुछ पंपों के पास सुबह सप्लाई आ गई। उपभोक्ता को सप्लाई देने के लिए संचालकों ने किराये पर गाड़ी कर भी तेल मंगवाया। एजेंसियों से लगातार पंप संचालक वाहन भेजकर तेल की मांग कर रहे हैं। किसी पंप पर डीजल खत्म हुआ तो किसी पर पेट्रोल खत्म हो गया। अलग-अलग समय में अलग तरह की समस्या रहीं। शहर के बाहरी क्षेत्र के पंप संचालकों ने रात को समय रहते ही अपने पंप बंद कर दिए।
पेट्रोल पंप संचालकों को सुरक्षा को सता रहा खतरा
शहर के बीचों बीच मौजूद एक पंप संचालक ने बताया कि रात 10 बजे तक लोगों को पेट्रोल पंप से सप्लाई दी थी। इस दौरान भारी भीड़ थी और अव्यवस्था का माहौल पैदा हो गया। शहर थाना पुलिस को सूचित किया गया कि वे एक या दो राउंड कर ले। ताकि कोई व्यक्ति विवाद पैदा न करें। लेकिन किसी राइडर ने आकर पंप पर निरीक्षण करना गंवारा नहीं समझा। पैनिक हालत में पंप संचालकों को अपनी सुरक्षा का डर सताने लगा है।
पेट्रोल और डीजल की कोई कमी है। निरंतर पंप संचालकों से संपर्क साधा जा रहा है। लोगों के अचानक पैनिक होने पर अव्यवस्था का माहौल बन गया है। इसलिए जिले के लोग धैर्य बनाकर रखे और अफवाहों पर ध्यान न दें।
-हरवीर सिंह, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक