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Sirsa News: झींगा पालन से खारे पानी में खोजा खुशहाली का खजाना, रघुआना के प्रगतिशील किसान गुरदीप का सालाना कारोबार 65 लाख रुपये तक पहुंचा

Wed, 14 Oct 2026 10:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Wed, 14 Oct 2026 10:44 PM IST
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Shrimp farming uncovered a treasure of prosperity in salty water, Raghua's progressive farmer Gurdeep's annual business reached up to 6.5 million rupees
झींगा मछली से भरे रैक। 
सिरसा। खारा भूजल और नहरी सिंचाई की कमी जो कभी खेती में बाधा थी उसे रघुआना गांव के किसान गुरदीप सिंह ने सफलता का रास्ता बना लिया। परंपरागत खेती में कम पैदावार और आर्थिक अस्थिरता से जूझते हुए उन्होंने झींगा पालन अपनाया। सरकारी अनुदान, तकनीकी प्रशिक्षण और वैज्ञानिक तरीकों के सहारे उन्होंने अपना कारोबार खड़ा किया। वर्ष 2019 में शुरू हुआ उनका यह सफर अब 65 लाख रुपये के सालाना कारोबार तक पहुंच चुका है।
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गुरदीप सिंह ने वैकल्पिक खेती की तलाश के दौरान कृषि सेमिनारों, यूट्यूब वीडियो और हरियाणा राज्य मत्स्य विभाग से झींगा पालन की जानकारी जुटाई। इसके बाद उन्होंने इस व्यवसाय को अपनाने का निर्णय लिया।
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वर्ष 2019 में गुरदीप सिंह ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत सहायता के लिए आवेदन किया। करीब 14 लाख रुपये की परियोजना लागत से एक हेक्टेयर क्षेत्र में दो झींगा पालन तालाब बनाए। परियोजना के लिए उन्हें 3,93,445 रुपये का सरकारी अनुदान मिला।
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वर्ष 2021-22 में उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत दो और तालाब बनवाकर कारोबार का विस्तार किया। मत्स्य विभाग और हिसार स्थित जलीय कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान से मिले प्रशिक्षण ने उन्हें वैज्ञानिक तरीके अपनाने में मदद की।
वैज्ञानिक तकनीकों से बढ़ा उत्पादन
गुरदीप सिंह ने अपने फार्म पर सफेद झींगा (लिटोपेनियस वैनामी) का पालन शुरू किया। उन्होंने झींगों के उचित घनत्व, गुणवत्तापूर्ण आहार और पानी की लवणता की नियमित निगरानी पर ध्यान दिया। रोगों से बचाव के लिए जैव-सुरक्षा उपायों और प्रोबायोटिक्स का भी इस्तेमाल किया।शुरुआती वर्ष में उन्होंने 12 टन झींगा उत्पादन कर करीब 22 लाख रुपये का लाभ अर्जित किया। वित्त वर्ष 2023-24 में उनका वार्षिक उत्पादन 21 टन तक पहुंच गया। इस दौरान सालाना कारोबार लगभग 65 लाख रुपये रहा।
रोजगार के साथ किसानों को मार्गदर्शन
झींगा पालन से गुरदीप सिंह के परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। उनके व्यवसाय से 10 लोगों को प्रत्यक्ष और 15 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला। वह झींगा बीज, आहार और दवाइयों के वितरण से भी जुड़े हैं। उनके माध्यम से क्षेत्र के लगभग 80 से 100 किसानों को तकनीकी सलाह और जरूरी सहायता मिल रही है।


चुनौतियों के बीच विस्तार की तैयारी
शुरुआती दौर में उन्हें रोगों के प्रकोप और बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बेहतर जल प्रबंधन, जैव-सुरक्षा और बिक्री के विभिन्न माध्यमों से उन्होंने इनसे निपटने का प्रयास किया। अब उनकी योजना तालाबों का क्षेत्र बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने और सिरसा में कोल्ड स्टोरेज व प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की है। वह सीधे निर्यात के विकल्प भी तलाशना चाहते हैं।
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