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Sirsa News: अपडेट..अटूट बंधन...एक दिन जन्म, गणित शिक्षक से सेवानिवृत्ति तक सफर
Thu, 30 Jul 2026 11:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 30 Jul 2026 11:56 PM IST
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रोहताश और रघुवीर दोनों भाई एक साथ। संवाद
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- गांव नाथूसरी कलां निवासी जुड़वां भाई रोहताश कुमार और रघुवीर सिंह 37 साल शिक्षा को समर्पित रहे
चोपटा। जीवन में कुछ संयोग ऐसे होते हैं जो हमेशा के लिए यादगार बन जाते हैं। नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव नाथूसरी कलां निवासी जुड़वां भाई रोहताश कुमार और रघुवीर सिंह की कहानी भी ऐसे ही है। दोनों भाई एक साथ जन्मे, साथ पढ़े, दोनों ने ही शिक्षा विभाग में गणित अध्यापक के रूप में सेवा शुरू की और 37 वर्ष की बेदाग सेवा के बाद दोनों वीरवार को सेवानिवृत्त हुए।
रोहताश कुमार और रघुवीर सिंह का जन्म 9 जुलाई 1968 को हुआ था। दोनों भाइयों ने प्रारंभिक शिक्षा गांव नाथूसरी कलां के राजकीय विद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद एक ही साथ राजकीय नेशनल कॉलेज से बीए और हिसार के साधु राम कॉलेज से बीएड की पढ़ाई पूरी की। रोहताश कुमार 28 जुलाई 1994 को शिक्षा विभाग में गणित अध्यापक के रूप में राजकीय विद्यालय चोपटा में नियुक्त हुए। इसके बाद तरकांवाली और शक्करमंदोरी के विद्यालयों में सेवाएं दीं। वर्ष 2021 में पदोन्नति के बाद उन्हें मुख्याध्यापक बनाया गया और राजकीय माध्यमिक विद्यालय रूपाणा बिश्नोइयां में सेवा पांच साल सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हो गए।
रघुवीर सिंह ने 1995 में शुरू की नौकरी
रघुवीर सिंह ने भी 16 अगस्त 1995 को गणित अध्यापक के रूप में राजकीय विद्यालय लुदेसर से नियुक्ति हासिल की। यहां छह वर्ष सेवाएं देने के बाद राजकीय विद्यालय शाहपुरिया में करीब 20 वर्षों तक कार्य किया। वर्ष 2021 में पदोन्नति के बाद उन्होंने रामपुरा ढिल्लो में मुख्याध्यापक के रूप में सेवा दी। इसी पद पर रहते हुए वे वीरवार को तरकांवाली विद्यालय से सेवानिवृत्त हो गए।
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अनुशासन और समय की पाबंदी रही पहचान
सहकर्मियों ने बताया कि दोनों भाइयों की कार्यशैली हमेशा प्रेरणादायक रही। समय की पाबंदी और सादगी सबसे बड़ी पहचान रही। वे कई वर्षों तक साइकिल से या पैदल विद्यालय पहुंचते रहे। आज भी दोनों भाई साइकिल चलाना पसंद करते हैं। इनसे पढ़ने वाले अनेक विद्यार्थी आज डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, अधिकारी और सेना सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
विद्यालयों को दिलाई कई उपलब्धियां
रघुवीर सिंह के नेतृत्व में विद्यालय ने विभिन्न विभागीय गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन किया। पिछले सत्र में विद्यालय के दो विद्यार्थियों का चयन इंस्पायर मानक अवार्ड के लिए हुआ। रोहताश कुमार के नेतृत्व में भी विद्यालय ने कई उपलब्धियां हासिल कीं। वर्ष 2024 में एक विद्यार्थी राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी तक पहुंचा जबकि विद्यालय ने खंड स्तर पर सुंदरीकरण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
भव्य विदाई समारोह का आयोजन
सेनानिवृत्ति पर वीरवार को शहीद कृष्ण कुमार राजकीय माध्यमिक विद्यालय तरकांवाली और राजकीय माध्यमिक विद्यालय रूपाणा बिश्नोइयां में विदाई समारोह आयोजित किए गए। स्कूल स्टाफ, विद्यार्थियों, ग्रामवासियों और स्कूल प्रबंधन समितियों ने दोनों शिक्षकों को भावभीनी विदाई दी। खंड शिक्षा अधिकारी सतबीर सिंह ढढ़ारिया ने कहा कि रोहताश कुमार और रघुवीर सिंह ने शिक्षा के क्षेत्र में मेहनत, अनुशासन और समर्पण से अलग पहचान बनाई है। क्लस्टर मुखिया प्रताप ढूकिया, रघुबीर कड़वासरा, स्कूल प्रबंधन समिति, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने दोनों शिक्षकों को सम्मानित कर उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों ने दोनों शिक्षकों को ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते हुए घर तक पहुंचाया।
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चोपटा। जीवन में कुछ संयोग ऐसे होते हैं जो हमेशा के लिए यादगार बन जाते हैं। नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव नाथूसरी कलां निवासी जुड़वां भाई रोहताश कुमार और रघुवीर सिंह की कहानी भी ऐसे ही है। दोनों भाई एक साथ जन्मे, साथ पढ़े, दोनों ने ही शिक्षा विभाग में गणित अध्यापक के रूप में सेवा शुरू की और 37 वर्ष की बेदाग सेवा के बाद दोनों वीरवार को सेवानिवृत्त हुए।
रोहताश कुमार और रघुवीर सिंह का जन्म 9 जुलाई 1968 को हुआ था। दोनों भाइयों ने प्रारंभिक शिक्षा गांव नाथूसरी कलां के राजकीय विद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद एक ही साथ राजकीय नेशनल कॉलेज से बीए और हिसार के साधु राम कॉलेज से बीएड की पढ़ाई पूरी की। रोहताश कुमार 28 जुलाई 1994 को शिक्षा विभाग में गणित अध्यापक के रूप में राजकीय विद्यालय चोपटा में नियुक्त हुए। इसके बाद तरकांवाली और शक्करमंदोरी के विद्यालयों में सेवाएं दीं। वर्ष 2021 में पदोन्नति के बाद उन्हें मुख्याध्यापक बनाया गया और राजकीय माध्यमिक विद्यालय रूपाणा बिश्नोइयां में सेवा पांच साल सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हो गए।
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रघुवीर सिंह ने 1995 में शुरू की नौकरी
रघुवीर सिंह ने भी 16 अगस्त 1995 को गणित अध्यापक के रूप में राजकीय विद्यालय लुदेसर से नियुक्ति हासिल की। यहां छह वर्ष सेवाएं देने के बाद राजकीय विद्यालय शाहपुरिया में करीब 20 वर्षों तक कार्य किया। वर्ष 2021 में पदोन्नति के बाद उन्होंने रामपुरा ढिल्लो में मुख्याध्यापक के रूप में सेवा दी। इसी पद पर रहते हुए वे वीरवार को तरकांवाली विद्यालय से सेवानिवृत्त हो गए।
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अनुशासन और समय की पाबंदी रही पहचान
सहकर्मियों ने बताया कि दोनों भाइयों की कार्यशैली हमेशा प्रेरणादायक रही। समय की पाबंदी और सादगी सबसे बड़ी पहचान रही। वे कई वर्षों तक साइकिल से या पैदल विद्यालय पहुंचते रहे। आज भी दोनों भाई साइकिल चलाना पसंद करते हैं। इनसे पढ़ने वाले अनेक विद्यार्थी आज डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, अधिकारी और सेना सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
विद्यालयों को दिलाई कई उपलब्धियां
रघुवीर सिंह के नेतृत्व में विद्यालय ने विभिन्न विभागीय गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन किया। पिछले सत्र में विद्यालय के दो विद्यार्थियों का चयन इंस्पायर मानक अवार्ड के लिए हुआ। रोहताश कुमार के नेतृत्व में भी विद्यालय ने कई उपलब्धियां हासिल कीं। वर्ष 2024 में एक विद्यार्थी राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी तक पहुंचा जबकि विद्यालय ने खंड स्तर पर सुंदरीकरण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
भव्य विदाई समारोह का आयोजन
सेनानिवृत्ति पर वीरवार को शहीद कृष्ण कुमार राजकीय माध्यमिक विद्यालय तरकांवाली और राजकीय माध्यमिक विद्यालय रूपाणा बिश्नोइयां में विदाई समारोह आयोजित किए गए। स्कूल स्टाफ, विद्यार्थियों, ग्रामवासियों और स्कूल प्रबंधन समितियों ने दोनों शिक्षकों को भावभीनी विदाई दी। खंड शिक्षा अधिकारी सतबीर सिंह ढढ़ारिया ने कहा कि रोहताश कुमार और रघुवीर सिंह ने शिक्षा के क्षेत्र में मेहनत, अनुशासन और समर्पण से अलग पहचान बनाई है। क्लस्टर मुखिया प्रताप ढूकिया, रघुबीर कड़वासरा, स्कूल प्रबंधन समिति, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने दोनों शिक्षकों को सम्मानित कर उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों ने दोनों शिक्षकों को ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते हुए घर तक पहुंचाया।