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हरियाणा में अब गांव-गांव तक स्किल की पहुंच: हारट्रॉन से बदलेगा युवाओं का भविष्य; ऐसे काम कर रही योजना
कुलदीप शुक्ला, चंडीगढ़
Published by: Naveen
Updated Sun, 22 Mar 2026 01:23 PM IST
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सार
केंद्रों, प्रशिक्षकों और छात्रों को प्रोत्साहन देने की भी योजना है। प्रदर्शन और परिणामों के आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए सफल फेलोशिप योजना भी शुरू की गई है।
हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड
- फोटो : संवाद
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विस्तार
प्रदेश में युवाओं को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर रोजगार के नए अवसर देने की दिशा में हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (हारट्रॉन) ने 79 अत्याधुनिक स्किल सेंटर का संचालन शुरू कर दिया है। इस उन्नत कौशल केंद्र योजना का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और अन्य उभरती तकनीकों में प्रशिक्षण देकर युवाओं को नौकरी के लिए तैयार करना है। यह पहल गांवों तक पहुंच बनाकर डिजिटल सशक्तिकरण को भी मजबूत कर रही है। सभी कोर्स राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं।
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प्रदेश में 100 से अधिक उन्नत कौशल केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। अब तक 86 केंद्र आवंटित हो चुके हैं जिनमें से 34 शहरी और 52 उपमंडल व ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। 79 केंद्र चालू हो चुके हैं और अगस्त 2025 से करीब 1,600 छात्र प्रशिक्षण ले रहे हैं। वर्ष 2024 में शुरू हुई इस पहल के तहत हारट्रॉन ने उन्नत कौशल केंद्रों की स्थापना शुरू की। योजना का लक्ष्य पारंपरिक कंप्यूटर शिक्षा से आगे बढ़कर युवाओं को नई तकनीकों में प्रशिक्षित करना है ताकि वे बदलते रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप तैयार हो सकें।
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ऐसे काम कर रही योजना
केंद्रों का आवंटन पारदर्शी निविदा प्रणाली से किया गया है। प्रशिक्षण के लिए आधुनिक पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं और प्रदर्शन के आधार पर संस्थानों, प्रशिक्षकों व छात्रों को प्रोत्साहन दिया जाता है। पूरी व्यवस्था डिजिटल प्रणाली से संचालित है जिससे निगरानी, गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहती है।
सीएसआर से वित्तपोषित योजना
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए योजना शुरू की गई है। यह काॅरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत वित्त पोषित है। वर्तमान में एक हजार विद्यार्थियों को सहायता मिल रही है।
प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना
केंद्रों, प्रशिक्षकों और छात्रों को प्रोत्साहन देने की भी योजना है। प्रदर्शन और परिणामों के आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए सफल फेलोशिप योजना भी शुरू की गई है। इसका लक्ष्य कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत वित्त पोषित तरीके से शिक्षा प्रदान करवाना है। इसके तहत विद्यार्थियों को सहायता मिल रही है। इसके साथ ही रोजगार संपर्क प्रकोष्ठ की स्थापना भी की गई है।
उन्नत कौशल केंद्रों में ये कोर्स कराए जा रहे
- सूचना एवं साइबर सुरक्षा
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता
- बिग डाटा विश्लेषण
- इंटरनेट ऑफ थिंग्स
- वेब एवं मोबाइल