सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Abha ID will have the complete record of the patient, ease in treatment

Sonipat News: आभा आईडी में मरीज का होगा पूरा रिकॉर्ड, उपचार में होगी आसानी

संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Mon, 09 Feb 2026 02:02 AM IST
विज्ञापन
Abha ID will have the complete record of the patient, ease in treatment
विज्ञापन
गोहाना। बरसों से लटकी आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी मजबूती के साथ शुरू हो चुकी है। लोगों को सही समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके इसके लिए गोहाना सिविल अस्पताल में रोज 50 लोगों की आभा आईडी बनाई जा रही हैं। इससे मरीज का रिकॉर्ड एक ही जगह दर्ज रहेगा। डॉक्टर को बीमारी और पुराने इलाज की जानकारी तुरंत मिल जाएगी।
Trending Videos

हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और आसान बनाने के लिए सरकार ने आभा आईडी को अनिवार्य कर दिया है। अब सरकार हो या निजी अस्पताल सभी में आभा आईडी जरूरी होगी। इलाज तो दूर की बात इसके बिना ओपीडी की पर्ची ही नहीं बनेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

दूसरी ओर इस बात से भी इन्कार नहीं किया जा सकता कि बरसों से सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना किसी न किसी तरह की खामी की वजह सिर चढ़ ही नहीं सकी।
अब इसे हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कोशिशें युद्धस्तर पर शुरू हो चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि अपने और परिवार के सभी सदस्यों की आभा आईडी जल्द से जल्द बनवा लें ताकि भविष्य में इलाज में कोई परेशानी न आए।
क्या है आभा आईडी
आभा आईडी भारत सरकार की डिजिटल हेल्थ योजना के तहत बनाई गई एक हेल्थ पहचान है। 14 अंकों की इस आईडी के जरिए मरीज के इलाज से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाता है। इलाज का रिकॉर्ड एक जगह सुरक्षित रहेगा। बार-बार फाइल और पर्ची दिखाने की जरूरत नहीं होगी। डॉक्टर तुरंत मरीज की बीमारी और इलाज का इतिहास देख सकेंगे। स्वास्थ्य सेवाएं तेज और आसान होंगी।

कैसे बनवाएं
आभा आईडी आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस के जरिए बनाई जा सकती है। इसे किसी भी अटल सेवा केंद्र, नजदीकी सरकारी अस्पताल या आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल से आसानी से बनवाया जा सकता है।
सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि जो भी रोगी अस्पताल में आएं पहले उसकी आभा पहचान बनाई जाए। नागरिक अस्पताल गोहाना में प्रतिदिन 50 से अधिक लोगों की आभा आईडी बनाई जा रही है। आभा आईडी परिवार की नहीं बल्कि हर व्यक्ति की व्यक्तिगत पहचान होगी। लोगों से अपील है कि अपनी आभा आईडी जरूर बनवाएं ताकि भविष्य में इलाज, जांच और टीकाकरण में कोई परेशानी न हो। -डॉ. संजय छिक्कारा, एसएमओ, गोहाना खंड।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed