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वीडियो कॉल पर अंतिम दर्शन: बेटियों ने मोबाइल पर देखी पिता की जलती चिता, ₹5100 भेजकर बोलीं- अस्थियां बहा देना

Thu, 06 Aug 2026 10:33 PM IST
विकास कुमार माई सिटी रिपोर्टर, सोनीपत
माई सिटी रिपोर्टर, सोनीपत Published by: विकास कुमार Updated Thu, 06 Aug 2026 10:33 PM IST
सार

आश्रम में पत्नी मीना के साथ डेढ़ वर्ष से रह रहे शिवचरण गुप्ता की 20 दिन पहले तबीयत बिगड़ गई थी। इसके चलते उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत के बाद बारे में उनकी बेटियों को सूचना दी गई। इसके बाद वह आते हैं-आते हैं, कहती रहीं। उनकी पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है। बेटियों का इंतजार करते करते शिवचरण गुप्ता ने भी तीन अगस्त की रात को आखिर सांस ले ली।

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father funeral via video call Daughters watched mobile phone sent 5100 rupees asked ashes to be immersed
बेटियों ने वीडियो कॉल पर देखी पिता की जलती चिता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुंबई के कपड़ा करोबारी शिवचरण रामरतन गुप्ता संसार से सारे बंधन तोड़ कर चले गए। पिता की बीमार हालत का पता लगने के बाद से आते हैं-आते हैं कहती रही बेटियां उनकी अंत्येष्टि में भी नहीं आईं। ऑनलाइन वीडियो कॉल पर ही पिता की अंतिम विदाई देखने वाली बेटियों ने अस्थियां तक लेने से इनकार कर दिया। यह रिश्तों के पतन का असर था या उनकी विवशता, पता नहीं। कारण चाहे जो भी एक पिता अपने जिगर के टुकड़ों को आखिरी बार देख तक नहीं सके। उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार भी वेस्ट रामनगर में वृद्ध आश्रम चलाने वाली समाज कल्याण शिक्षा समिति के पदाधिकारियों ने किया। समिति अध्यक्ष आनंद कुमार से बातचीत में यह सच सामने आया।

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20 दिन से थी शिवचरण गुप्ता की तबीयत खराब
समिति अध्यक्ष आनंद ने कहा कि आश्रम में पत्नी मीना के साथ डेढ़ वर्ष से रह रहे शिवचरण गुप्ता की 20 दिन पहले तबीयत बिगड़ गई थी। इसके चलते उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत के बाद बारे में उनकी बेटियों को सूचना दी गई। इसके बाद वह आते हैं-आते हैं, कहती रहीं। उनकी पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है। बेटियों का इंतजार करते करते शिवचरण गुप्ता ने भी तीन अगस्त की रात को आखिर सांस ले ली। इस बारे में भी उनकी बेटियों को सूचित किया गया। इसके बाद बावजूद कोई नहीं आया।

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अंतिम संस्कार के लिए बेटियों ने भेजे 5100 रुपये
नेपाल में रहने वाली बड़ी बेटी अनीता से छोटी व मुंबई निवासी प्रिया से बड़ी यूपी के आजमगढ़ निवासी निशा वर्मा ने 5100 रुपये पिता के अंतिम संस्कार के लिए भेजते हुए कहा कि अंतिम दर्शन मोबाइल पर करा देना। उन्हें उनके पिता की देहदान की अंतिम इच्छा के बारे में बताया तो साफ मना कर दिया। बेटियों ने सिर्फ नेत्रदान की अनुमति दी। यही नहीं दूरी का हवाला देते हुए अपने नहीं आने की बात कहते हुए पिता की अस्थियां भी समिति को ही प्रवाहित करने के लिए कह दिया। समिति सदस्य प्रवीण वर्मा, आनंद कुमार, शिव शंकर शर्मा, यश बंसल, जगत सिंह व अन्य ने शिवचरण गुप्ता की पार्थिव देह का अंतिम संस्कार किया।

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