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Sonipat News: फर्जी रजिस्ट्री के मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 17 Mar 2026 07:20 AM IST
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गन्नौर का उपमंडीय परिसर, जहां हुई थी जमीन की रजिस्ट्री। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
गन्नौर (सोनीपत)। फर्जी रजिस्ट्री के मामले में गन्नौर थाना पुलिस ने लंबी जांच के बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सुरेश, सुरेंद्र, खरीदार बलबीर, फर्जी जमीन मालिक प्रमोद तथा डीड राइटर दिनेश कुमार शामिल हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि सुरेश प्रॉपर्टी डीलर का काम करता है। उसी ने उत्तर प्रदेश निवासी सुरेंद्र को जमीन के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद सुरेंद्र ने जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। प्रमोद ने फर्जी जमीन मालिक बनकर जमीन बेची जबकि बलबीर ने खरीदार की भूमिका निभाई।
गन्नौर के डीड राइटर दिनेश कुमार पर भी फर्जी रजिस्ट्री प्रक्रिया में सहयोग करने का आरोप है। आरोप है कि सभी ने आपसी मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर भूमि की फर्जी रजिस्ट्री कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच गन्नौर थाना प्रभारी को सौंपी गई थी।
प्रारंभिक जांच में रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों में कई खामियां सामने आई थीं जिसके बाद पुलिस ने गहराई से छानबीन शुरू की। जांच में पुलिस ने सुरेश, सुरेंद्र, खरीदार बलबीर, फर्जी जमीन मालिक प्रमोद तथा डीड राइटर दिनेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपियों को पुलिस ने गन्नौर अदालत में पेश किया जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस आरोपियों से मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों के बारे में भी पता लगाने का प्रयास करेगी।
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यह है मामला
दिल्ली के शालीमार बाग के बी ब्लॉक के मकान नंबर 127 के रहने वाले विकास पाड़िया ने 12 जनवरी को गन्नौर के एसीपी को दी शिकायत में बताया कि उनकी फर्म सपाज एस्टेट प्रा. लि. की गन्नौर के बांय रोड पर वर्ष 2011 से दो रजिस्ट्रियों में 36 कनाल जमीन है। 10 जनवरी को उन्हें पता चला कि उनकी जमीन की फर्जी कागजों के आधार पर किसी ने रजिस्ट्री करा ली। जांच में उन्हें पता चला कि उनकी फर्म का फर्जी अथॉरिटी लेटर बनवाकर 6.16 करोड़ रुपये में जमीन बेची गई। 27 नवंबर को जमीन की रजिस्ट्री के दौरान गोहाना के गांव बरोदा के प्रवीन कुमार को गवाह और गांव बांय के रविंद्र को नंबरदार दिखाया गया है। विकास ने पुलिस को जमीन के फर्जी विक्रेता, फर्जी खरीदार बलबीर सिंह, गवाह रविंद्र व प्रवीन और डीड राइटर के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी। पुलिस ने मामले में एसआईटी गठित की थी। अब एसआईटी ने मामले में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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गन्नौर (सोनीपत)। फर्जी रजिस्ट्री के मामले में गन्नौर थाना पुलिस ने लंबी जांच के बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सुरेश, सुरेंद्र, खरीदार बलबीर, फर्जी जमीन मालिक प्रमोद तथा डीड राइटर दिनेश कुमार शामिल हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि सुरेश प्रॉपर्टी डीलर का काम करता है। उसी ने उत्तर प्रदेश निवासी सुरेंद्र को जमीन के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद सुरेंद्र ने जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। प्रमोद ने फर्जी जमीन मालिक बनकर जमीन बेची जबकि बलबीर ने खरीदार की भूमिका निभाई।
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गन्नौर के डीड राइटर दिनेश कुमार पर भी फर्जी रजिस्ट्री प्रक्रिया में सहयोग करने का आरोप है। आरोप है कि सभी ने आपसी मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर भूमि की फर्जी रजिस्ट्री कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच गन्नौर थाना प्रभारी को सौंपी गई थी।
प्रारंभिक जांच में रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों में कई खामियां सामने आई थीं जिसके बाद पुलिस ने गहराई से छानबीन शुरू की। जांच में पुलिस ने सुरेश, सुरेंद्र, खरीदार बलबीर, फर्जी जमीन मालिक प्रमोद तथा डीड राइटर दिनेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपियों को पुलिस ने गन्नौर अदालत में पेश किया जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस आरोपियों से मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों के बारे में भी पता लगाने का प्रयास करेगी।
यह है मामला
दिल्ली के शालीमार बाग के बी ब्लॉक के मकान नंबर 127 के रहने वाले विकास पाड़िया ने 12 जनवरी को गन्नौर के एसीपी को दी शिकायत में बताया कि उनकी फर्म सपाज एस्टेट प्रा. लि. की गन्नौर के बांय रोड पर वर्ष 2011 से दो रजिस्ट्रियों में 36 कनाल जमीन है। 10 जनवरी को उन्हें पता चला कि उनकी जमीन की फर्जी कागजों के आधार पर किसी ने रजिस्ट्री करा ली। जांच में उन्हें पता चला कि उनकी फर्म का फर्जी अथॉरिटी लेटर बनवाकर 6.16 करोड़ रुपये में जमीन बेची गई। 27 नवंबर को जमीन की रजिस्ट्री के दौरान गोहाना के गांव बरोदा के प्रवीन कुमार को गवाह और गांव बांय के रविंद्र को नंबरदार दिखाया गया है। विकास ने पुलिस को जमीन के फर्जी विक्रेता, फर्जी खरीदार बलबीर सिंह, गवाह रविंद्र व प्रवीन और डीड राइटर के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी। पुलिस ने मामले में एसआईटी गठित की थी। अब एसआईटी ने मामले में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।