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Sonipat News: सोनीपत में साइबर ठगी का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 24 Jan 2026 02:14 AM IST
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फोटो :07: सोनीपत की साइबर थाना पुलिस की गिरफ्त में ठगी के आरोपी। संवाद
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सोनीपत। साइबर थाना पुलिस ने ठगी के नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स रिडीम कराने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले पांच आरोपियों धर्मेंद्र, अभय, आर्यन, दिव्यांशु और वेद प्रकाश उर्फ कालू को गिरफ्तार किया है।
आरोपी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित वैशाली में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर लोगों से ठगी करते थे। पुलिस ने पांच आरोपियों को उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पानीपत से दबोचा है। यह जानकारी एसीपी राजदीप सिंह मोर ने पत्रकारों से बातचीत में दी।
उन्होंने बताया कि नरेंद्र नगर निवासी राहुल सैनी ने 5 दिसंबर 2025 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उनके पास मोनिका नाम की युवती की कॉल आई थी। कॉलर ने फोन कर क्रेडिट कार्ड के पॉइंट्स रिडीम करवाने का झांसा दिया था।
व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर ठगों ने उनसे मोबाइल को एक्सेस कर लिया था और कुछ ही मिनटों में 1,83,549 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए थे। बाद में राहुल ने दोबारा बयान दर्ज कराए थे और 1.27 लाख की ठगी की बात कही थी।
फर्जी कॉल सेंटर से चल रहा था ठगी का खेल
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित वैशाली क्षेत्र में एक फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। मामले में आरोपी पानीपत की हनुमान कॉलोनी निवासी आर्यन, मूलरूप से यूपी के कासगंज के सिढ़पुरा हॉल दिल्ली के शकरपुर निवासी अभय, यूपी के गाजियाबाद निवासी धर्मेंद्र, यूपी के सिकंदराबाद हॉल दिल्ली के शाहदरा के रामनगर निवासी दिव्यांशु और मध्य प्रदेश के भिंड हॉल दिल्ली के मंडोली एक्सटेंशन निवासी वेद प्रकाश उर्फ कालू हैं। आरोपी धर्मेंद्र गिरोह को लीड कर रहा था। पुलिस ने पांचों आरोपियों से 14,200 रुपये, 16 मोबाइल, 6 सिम कार्ड, एक लैपटॉप और दो रिकॉर्ड बुक बरामद की हैं।
डेढ़ साल में करीब डेढ़ करोड़ की ठगी का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि पांचों आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में आकर वैशाली से ही देश के विभिन्न राज्यों में लोगों को कॉल कर क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड प्वाइंट्स कैश कराने का झांसा देते थे। व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी लिंक भेजकर वह पीड़ितों के क्रेडिट कार्ड और बैंक खातों से रकम उड़ा लेते थे। शुरुआती जांच में गिरोह की तरफ से डेढ़ साल में सैकड़ों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये ठगी किए जाने की जानकारी मिली है।
तकनीकी जांच से की गिरफ्तारी
थाना साइबर के प्रभारी निरीक्षक बसंत कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और विश्लेषण के आधार पर जाल बिछाया और एक-एक कर पूरे नेटवर्क को दबोच लिया। पुलिस का कहना है कि ठगी की शेष राशि की रिकवरी और अन्य पीड़ितों की पहचान को लेकर जांच जारी है।
झांसे में आने से बचें
किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या संदेश पर भरोसा न करें। क्रेडिट कार्ड रिडीम या निवेश से जुड़े ऑफर्स की स्वयं पुष्टि करें। केवल आधिकारिक और विश्वसनीय वेबसाइट व एप का ही उपयोग करें। लालच में आकर निजी या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।
- राजदीप सिंह मोर, एसीपी सोनीपत
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आरोपी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित वैशाली में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर लोगों से ठगी करते थे। पुलिस ने पांच आरोपियों को उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पानीपत से दबोचा है। यह जानकारी एसीपी राजदीप सिंह मोर ने पत्रकारों से बातचीत में दी।
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उन्होंने बताया कि नरेंद्र नगर निवासी राहुल सैनी ने 5 दिसंबर 2025 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उनके पास मोनिका नाम की युवती की कॉल आई थी। कॉलर ने फोन कर क्रेडिट कार्ड के पॉइंट्स रिडीम करवाने का झांसा दिया था।
व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर ठगों ने उनसे मोबाइल को एक्सेस कर लिया था और कुछ ही मिनटों में 1,83,549 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए थे। बाद में राहुल ने दोबारा बयान दर्ज कराए थे और 1.27 लाख की ठगी की बात कही थी।
फर्जी कॉल सेंटर से चल रहा था ठगी का खेल
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित वैशाली क्षेत्र में एक फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। मामले में आरोपी पानीपत की हनुमान कॉलोनी निवासी आर्यन, मूलरूप से यूपी के कासगंज के सिढ़पुरा हॉल दिल्ली के शकरपुर निवासी अभय, यूपी के गाजियाबाद निवासी धर्मेंद्र, यूपी के सिकंदराबाद हॉल दिल्ली के शाहदरा के रामनगर निवासी दिव्यांशु और मध्य प्रदेश के भिंड हॉल दिल्ली के मंडोली एक्सटेंशन निवासी वेद प्रकाश उर्फ कालू हैं। आरोपी धर्मेंद्र गिरोह को लीड कर रहा था। पुलिस ने पांचों आरोपियों से 14,200 रुपये, 16 मोबाइल, 6 सिम कार्ड, एक लैपटॉप और दो रिकॉर्ड बुक बरामद की हैं।
डेढ़ साल में करीब डेढ़ करोड़ की ठगी का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि पांचों आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में आकर वैशाली से ही देश के विभिन्न राज्यों में लोगों को कॉल कर क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड प्वाइंट्स कैश कराने का झांसा देते थे। व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी लिंक भेजकर वह पीड़ितों के क्रेडिट कार्ड और बैंक खातों से रकम उड़ा लेते थे। शुरुआती जांच में गिरोह की तरफ से डेढ़ साल में सैकड़ों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये ठगी किए जाने की जानकारी मिली है।
तकनीकी जांच से की गिरफ्तारी
थाना साइबर के प्रभारी निरीक्षक बसंत कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और विश्लेषण के आधार पर जाल बिछाया और एक-एक कर पूरे नेटवर्क को दबोच लिया। पुलिस का कहना है कि ठगी की शेष राशि की रिकवरी और अन्य पीड़ितों की पहचान को लेकर जांच जारी है।
झांसे में आने से बचें
किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या संदेश पर भरोसा न करें। क्रेडिट कार्ड रिडीम या निवेश से जुड़े ऑफर्स की स्वयं पुष्टि करें। केवल आधिकारिक और विश्वसनीय वेबसाइट व एप का ही उपयोग करें। लालच में आकर निजी या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।
- राजदीप सिंह मोर, एसीपी सोनीपत

फोटो :07: सोनीपत की साइबर थाना पुलिस की गिरफ्त में ठगी के आरोपी। संवाद