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Sonipat News: मरम्मत कार्य से अस्त-व्यस्त हुई अस्पताल व्यवस्था, ओपीडी में मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 09 Jun 2026 05:00 AM IST
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फोटो :: सोनीपत में हड्डी रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर लगी भीड़। संवाद
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सोनीपत। नागरिक अस्पताल में चल रहे मरम्मत और निर्माण कार्य का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखाई देने लगा है। अस्पताल के कई ओपीडी कक्षों में मरम्मत कार्य जारी होने के कारण फिजिशियन की ओपीडी को अन्य कमरों में स्थानांतरित किया गया है। इससे मरीजों की भीड़ सीमित स्थानों पर केंद्रित हो गई है और अस्पताल परिसर में अव्यवस्था हो गई है।
मरीजों और उनके परिजनों को चिकित्सकों तक पहुंचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई लोग जानकारी के अभाव में इधर-उधर भटकते नजर आते हैं। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 1800 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। विभिन्न विभागों की ओपीडी में 200 से 300 मरीजों की संख्या दर्ज की जा रही है।
फिजिशियन विभाग में प्रतिदिन 600 से 700 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। कक्ष संख्या 7, 8, 9 और 10 में मरम्मत कार्य चलने के चलते सेवाओं को अन्य कमरों में शिफ्ट किया गया है जिससे व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। सोमवार को अस्पताल में भीड़ के बीच मरीजों को परेशानी हुई।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक व्यक्ति स्वयं को मानसिक रूप से परेशान बताते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा करने लगा। उसने कथित तौर पर डॉक्टर से मिलने नहीं दिए जाने पर लोगों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। उसके व्यवहार से कुछ समय के लिए मरीजों और परिजनों में दहशत का माहौल बन गया। बाद में कर्मचारियों ने स्थिति को संभाला।
इसी दौरान कक्ष संख्या 10 के बाहर एक और घटना ने लोगों का ध्यान खींचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक महिला अचानक ओपीडी कक्ष से बाहर आई और वहां खड़े एक व्यक्ति को थप्पड़ मार दिए। घटना से कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में आसपास मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।
मरीजों का कहना है कि अस्पताल में मरम्मत कार्य आवश्यक है लेकिन इसके दौरान वैकल्पिक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाए जाने की जरूरत है। ओपीडी कक्षों के स्थानांतरण की स्पष्ट जानकारी, दिशा-निर्देश बोर्ड और अतिरिक्त सहायता कर्मियों की व्यवस्था की जाए ताकि मरीजों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मरीजों और उनके परिजनों को चिकित्सकों तक पहुंचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई लोग जानकारी के अभाव में इधर-उधर भटकते नजर आते हैं। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 1800 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। विभिन्न विभागों की ओपीडी में 200 से 300 मरीजों की संख्या दर्ज की जा रही है।
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फिजिशियन विभाग में प्रतिदिन 600 से 700 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। कक्ष संख्या 7, 8, 9 और 10 में मरम्मत कार्य चलने के चलते सेवाओं को अन्य कमरों में शिफ्ट किया गया है जिससे व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। सोमवार को अस्पताल में भीड़ के बीच मरीजों को परेशानी हुई।
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इसी दौरान कक्ष संख्या 10 के बाहर एक और घटना ने लोगों का ध्यान खींचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक महिला अचानक ओपीडी कक्ष से बाहर आई और वहां खड़े एक व्यक्ति को थप्पड़ मार दिए। घटना से कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में आसपास मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।
मरीजों का कहना है कि अस्पताल में मरम्मत कार्य आवश्यक है लेकिन इसके दौरान वैकल्पिक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाए जाने की जरूरत है। ओपीडी कक्षों के स्थानांतरण की स्पष्ट जानकारी, दिशा-निर्देश बोर्ड और अतिरिक्त सहायता कर्मियों की व्यवस्था की जाए ताकि मरीजों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।