{"_id":"6a26e0aab96453c8e702b5f3","slug":"pledge-for-a-dowry-free-marriage-women-took-an-oath-neither-to-give-nor-accept-dowry-sonipat-news-c-197-1-snp1014-155180-2026-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: दहेज मुक्त विवाह का संकल्प, महिलाओं ने ली दहेज न लेने-देने की शपथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: दहेज मुक्त विवाह का संकल्प, महिलाओं ने ली दहेज न लेने-देने की शपथ
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 09 Jun 2026 06:02 AM IST
विज्ञापन
दहेज न लेने और न देने की शपथ लेतीं गांव गढ़ी उजाले खां की महिलाएं। स्रोत : प्रवक्ता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोहाना। दहेज मुक्त हरियाणा अभियान के तहत गांव गढ़ी उजाले खां में दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता शिविर लगाया गया। शिविर की अध्यक्षता सर्कल सुपरवाइजर इंद्रावती ने की। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और दहेज जैसी सामाजिक कुरीति को खत्म करने का संकल्प लिया।
शिविर में महिलाओं को दहेज प्रथा के सामाजिक, आर्थिक और कानूनी पहलुओं की जानकारी दी गई। इंद्रावती ने कहा कि दहेज प्रथा परिवारों पर आर्थिक बोझ डालती है और कई बार घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद तथा महिलाओं के उत्पीड़न का कारण बनती है। समाज को आगे बढ़ाने के लिए दहेज प्रथा का पूरी तरह खत्म होना जरूरी है।
महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा गया कि बेटियों को अच्छी शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए ताकि विवाह के समय दहेज देने की जरूरत न पड़े। साथ ही बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति या परिवार दहेज की मांग करता है तो इसकी शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों या एसडीएम कार्यालय में की जा सकती है।
विज्ञापन
गोहाना के दहेज निषेध अधिकारी एसडीएम अंकित कुमार हैं और शिकायतों का समाधान उनकी देखरेख में किया जाता है।शिविर में महिलाओं से अपने परिवार, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों को भी दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूक करने का आह्वान किया गया। इस दौरान सभी महिलाओं ने दहेज न लेने और न देने की शपथ ली।
शिविर में महिलाओं को दहेज प्रथा के सामाजिक, आर्थिक और कानूनी पहलुओं की जानकारी दी गई। इंद्रावती ने कहा कि दहेज प्रथा परिवारों पर आर्थिक बोझ डालती है और कई बार घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद तथा महिलाओं के उत्पीड़न का कारण बनती है। समाज को आगे बढ़ाने के लिए दहेज प्रथा का पूरी तरह खत्म होना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा गया कि बेटियों को अच्छी शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए ताकि विवाह के समय दहेज देने की जरूरत न पड़े। साथ ही बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति या परिवार दहेज की मांग करता है तो इसकी शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों या एसडीएम कार्यालय में की जा सकती है।
Trending Videos
गोहाना के दहेज निषेध अधिकारी एसडीएम अंकित कुमार हैं और शिकायतों का समाधान उनकी देखरेख में किया जाता है।शिविर में महिलाओं से अपने परिवार, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों को भी दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूक करने का आह्वान किया गया। इस दौरान सभी महिलाओं ने दहेज न लेने और न देने की शपथ ली।