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Sonipat News: प्राकृतिक खेती में महंगी रासायनिक खाद, कीटनाशकों का नहीं किया जाता उपयोग
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 13 Mar 2026 08:21 PM IST
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फोटो : सोनीपत के कृषि विज्ञान केंद्र, जगदीशपुर में शुरू हुए कार्यक्रम के दौरान किसानों को प्रश
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सोनीपत। कृषि विज्ञान केंद्र जगदीशपुर में शुक्रवार को प्राकृतिक खेती पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। प्रशिक्षण कार्यक्रम को हरियाणा कृषि प्रबंधन एवं विस्तार संस्थान, जींद के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा है।
जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित यह चौथा प्रशिक्षण कार्यक्रम है इसमें जिले के 22 गांवों के 50 किसान भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के संयोजक डॉ. परमिंदर सिंह ने बताया कि प्राकृतिक खेती में महंगी रासायनिक खाद, कीटनाशकों व अन्य महंगे कृषि उत्पादों का उपयोग नहीं किया जाता।
डॉ. परमिंदर सिंह ने बताया कि प्राकृतिक खेती से उगाई गई फसलें जहर मुक्त होती हैं और मानव स्वास्थ्य के लिए अधिक सुरक्षित व पौष्टिक मानी जाती हैं। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती मिशन वर्ष 2024 में शुरू किया गया है, जिसके लिए 2481 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
दो वर्ष में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन को इच्छुक ग्राम पंचायतों के लगभग 15 हजार समूहों में लागू किया जाएगा। इसे एक करोड़ किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रगतिशील किसान शैशन मलिक ने किसानों को प्राकृतिक खेती के मूल सिद्धांतों, इसकी आवश्यकता तथा कीट एवं रोग नियंत्रण के प्राकृतिक तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित यह चौथा प्रशिक्षण कार्यक्रम है इसमें जिले के 22 गांवों के 50 किसान भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के संयोजक डॉ. परमिंदर सिंह ने बताया कि प्राकृतिक खेती में महंगी रासायनिक खाद, कीटनाशकों व अन्य महंगे कृषि उत्पादों का उपयोग नहीं किया जाता।
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डॉ. परमिंदर सिंह ने बताया कि प्राकृतिक खेती से उगाई गई फसलें जहर मुक्त होती हैं और मानव स्वास्थ्य के लिए अधिक सुरक्षित व पौष्टिक मानी जाती हैं। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती मिशन वर्ष 2024 में शुरू किया गया है, जिसके लिए 2481 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
दो वर्ष में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन को इच्छुक ग्राम पंचायतों के लगभग 15 हजार समूहों में लागू किया जाएगा। इसे एक करोड़ किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रगतिशील किसान शैशन मलिक ने किसानों को प्राकृतिक खेती के मूल सिद्धांतों, इसकी आवश्यकता तथा कीट एवं रोग नियंत्रण के प्राकृतिक तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।