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भारतीय ज्ञान परंपरा केवल अतीत की धरोहर नहीं : प्राचार्य
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 06 Apr 2026 05:15 PM IST
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फोटो : सोनीपत के हिंदू कन्या महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्राएं व प्राध्यापिकाए
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। हिंदू कन्या महाविद्यालय में संस्कृत परिषद की ओर से संस्कार, संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा : समकालीन परिप्रेक्ष्य विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। अकादमिक कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं ज्ञान परंपरा के प्रति जागरूक करना था।
प्राचार्य डॉ. विपाशा अग्रवाल की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. नवीन ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल अतीत की धरोहर नहीं बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शक शक्ति है। उन्होंने संस्कार और संस्कृति के महत्व को रेखांकित किया।
डॉ. नवीन ने बताया कि भारतीय जीवन पद्धति व्यक्ति के बौद्धिकता, नैतिक एवं आध्यात्मिकता को आधार प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि आज के वैश्वीकरण एवं आधुनिकता के दौर में भारतीय संस्कृति के मूल्यों को समझना और उन्हें जीवन में आत्मसात करना अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान प्रवक्ता डॉ. रेणु, अन्नू व प्रीति मौजूद रहीं।
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सोनीपत। हिंदू कन्या महाविद्यालय में संस्कृत परिषद की ओर से संस्कार, संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा : समकालीन परिप्रेक्ष्य विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। अकादमिक कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं ज्ञान परंपरा के प्रति जागरूक करना था।
प्राचार्य डॉ. विपाशा अग्रवाल की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. नवीन ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल अतीत की धरोहर नहीं बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शक शक्ति है। उन्होंने संस्कार और संस्कृति के महत्व को रेखांकित किया।
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डॉ. नवीन ने बताया कि भारतीय जीवन पद्धति व्यक्ति के बौद्धिकता, नैतिक एवं आध्यात्मिकता को आधार प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि आज के वैश्वीकरण एवं आधुनिकता के दौर में भारतीय संस्कृति के मूल्यों को समझना और उन्हें जीवन में आत्मसात करना अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान प्रवक्ता डॉ. रेणु, अन्नू व प्रीति मौजूद रहीं।