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Sonipat News: कर्मचारी आवास पर लगवाएं आरटीएस, बिजली निगम करेगा सहायता
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 19 Feb 2026 05:45 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। बिजली निगम की ओर से सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना (एसयूपीवाई) लागू की गई है। इसके तहत राज्य सरकार के कर्मचारी, निगम, बोर्ड, कॉरपोरेशन के कर्मचारी व एचकेआरएन कर्मचारी (जिनकी नौकरी सुरक्षित है) अपने आवास पर 5 किलोवाट तक रूफ टॉप सोलर (आरटीएस) सिस्टम लगवा सकते हैं।
योजना का लाभ उन उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनका पिछले बिलिंग चक्र में कोई बकाया राशि नहीं है। उपायुक्त ने बताया कि योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को बिजली निगम की ओर से ब्याजमुक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इसे बिजली बिलों के माध्यम से मासिक, द्विमासिक बिलिंग के अनुसार वसूला जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को एकमुश्त बड़ी राशि खर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी। सौर ऊर्जा अपनाना आसान होगा।
सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना के तहत एक से 5 किलोवाट तक की क्षमता पर निर्धारित बेंचमार्क लागत तय की गई है। एक किलोवाट सोलर सिस्टम की लागत 55 हजार रुपये निर्धारित की गई है। इसमें उपभोक्ता को केवल 5500 रुपये अग्रिम भुगतान करना होगा। 30 हजार रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा बिजली की ओर से 19,500 रुपये की ब्याज मुक्त सहायता प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार दो किलोवाट सोलर सिस्टम की लागत 1.10 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसमें उपभोक्ता को 11 हजार रुपये अग्रिम भुगतान करना होगा। 60 हजार रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा बिजली विभाग की ओर से 39 हजार रुपये की ब्याज मुक्त सहायता प्रदान की जाएगी।
तीन किलोवाट सोलर सिस्टम की लागत 1.65 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसके लिए उपभोक्ता को 16500 रुपये अग्रिम भुगतान करना होगा। 78 हजार रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा बिजली विभाग की ओर से 58,500 रुपये की ब्याज मुक्त सहायता प्रदान की जाएगी।
इसके साथ ही उपभोक्ता को 12 हजार रुपये वहन करने होंगे। चार किलोवाट सोलर सिस्टम की लागत 2.20 लाख रुपये रुपये निर्धारित की गई है। उपभोक्ता को 22 हजार रुपये अग्रिम भुगतान करना होगा। 78 हजार रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा बिजली निगम की ओर से 78 हजार रुपये की ब्याज मुक्त सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही उपभोक्ता को 42 हजार रुपये वहन करने होंगे।
पांच किलोवाट सोलर सिस्टम की लागत 2.75 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसके लिए उपभोक्ता को 27500 रुपये अग्रिम भुगतान करना होगा। 78 हजार रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा बिजली निगम की ओर से 97,500 रुपये की ब्याज मुक्त सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही उपभोक्ता को 72 हजार रुपये वहन करने होंगे।
उपायुक्त ने कहा कि इस योजना के माध्यम से राज्य कर्मचारी उपभोक्ता अपनी बिजली लागत में कमी ला सकेंगे और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देंगे।
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सोनीपत। बिजली निगम की ओर से सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना (एसयूपीवाई) लागू की गई है। इसके तहत राज्य सरकार के कर्मचारी, निगम, बोर्ड, कॉरपोरेशन के कर्मचारी व एचकेआरएन कर्मचारी (जिनकी नौकरी सुरक्षित है) अपने आवास पर 5 किलोवाट तक रूफ टॉप सोलर (आरटीएस) सिस्टम लगवा सकते हैं।
योजना का लाभ उन उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनका पिछले बिलिंग चक्र में कोई बकाया राशि नहीं है। उपायुक्त ने बताया कि योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को बिजली निगम की ओर से ब्याजमुक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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इसे बिजली बिलों के माध्यम से मासिक, द्विमासिक बिलिंग के अनुसार वसूला जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को एकमुश्त बड़ी राशि खर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी। सौर ऊर्जा अपनाना आसान होगा।
सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना के तहत एक से 5 किलोवाट तक की क्षमता पर निर्धारित बेंचमार्क लागत तय की गई है। एक किलोवाट सोलर सिस्टम की लागत 55 हजार रुपये निर्धारित की गई है। इसमें उपभोक्ता को केवल 5500 रुपये अग्रिम भुगतान करना होगा। 30 हजार रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा बिजली की ओर से 19,500 रुपये की ब्याज मुक्त सहायता प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार दो किलोवाट सोलर सिस्टम की लागत 1.10 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसमें उपभोक्ता को 11 हजार रुपये अग्रिम भुगतान करना होगा। 60 हजार रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा बिजली विभाग की ओर से 39 हजार रुपये की ब्याज मुक्त सहायता प्रदान की जाएगी।
तीन किलोवाट सोलर सिस्टम की लागत 1.65 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसके लिए उपभोक्ता को 16500 रुपये अग्रिम भुगतान करना होगा। 78 हजार रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा बिजली विभाग की ओर से 58,500 रुपये की ब्याज मुक्त सहायता प्रदान की जाएगी।
इसके साथ ही उपभोक्ता को 12 हजार रुपये वहन करने होंगे। चार किलोवाट सोलर सिस्टम की लागत 2.20 लाख रुपये रुपये निर्धारित की गई है। उपभोक्ता को 22 हजार रुपये अग्रिम भुगतान करना होगा। 78 हजार रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा बिजली निगम की ओर से 78 हजार रुपये की ब्याज मुक्त सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही उपभोक्ता को 42 हजार रुपये वहन करने होंगे।
पांच किलोवाट सोलर सिस्टम की लागत 2.75 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसके लिए उपभोक्ता को 27500 रुपये अग्रिम भुगतान करना होगा। 78 हजार रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा बिजली निगम की ओर से 97,500 रुपये की ब्याज मुक्त सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही उपभोक्ता को 72 हजार रुपये वहन करने होंगे।
उपायुक्त ने कहा कि इस योजना के माध्यम से राज्य कर्मचारी उपभोक्ता अपनी बिजली लागत में कमी ला सकेंगे और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देंगे।