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Sonipat News: सौ अधिक चल रहीं कोचिंग, 10-12 के पास ही फायर एनओसी
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 23 Jun 2026 05:58 AM IST
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फोटो: सोनीपत रेलवे रोड पर स्थित नगर निगम कार्यालय।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित गेस्ट हाउस में 20 दिन पहले आग लगने से 22 और सोमवार को लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 बच्चों की मौत के बावजूद स्थानीय प्रशासन ने अब तक सबक नहीं लिया है।
500 वर्ग गज से अधिक की व्यवसायिक संपत्तियों को फायर एनओसी का प्रावधान है। दमकल विभाग का कहना है कि 10-12 कोचिंग संस्थान ने फायर एनओसी लिया है। यहां 100 से अधिक कोचिंग संस्थान है, लेकिन उनका एरिया 500 वर्ग गज से कम है।
एनसीआर क्षेत्र में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां कई कोचिंग संस्थान, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट और छोटे होटल सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे हैं जहां किसी भी आपात स्थिति में लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
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यहां आने-जाने के लिए केवल एक ही रास्ता है। दिल्ली हादसे के बाद नगर निगम की ओर से सर्वे अभियान चलाकर सुरक्षा मानकों की जांच करने का दावा किया था। उसके बाद भी धरातल पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
शिक्षा का हब माने जाने वाले सोनीपत में 10-12 कोचिंग संस्थान संचालकों ने फायर एनओसी ले रखी है। 100 से ज्यादा कोचिंग संस्थानों में रोजाना हजारों युवा कोचिंग लेने आ रहे हैं। दमकल विभाग का दावा है कि सभी कोचिंग संस्थानों में अग्निशमन यंत्र लगवा रखे है ताकि समय रहते आग बुझाई जा सके।
शहर में बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर भी संचालित हैं। इनमें विद्यार्थियों की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्नि सुरक्षा और भवन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होना बेहद आवश्यक है।
अधिकारियों का कहना है कि कई बार व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने, निकास मार्गों को अवरुद्ध रखने और अग्निशमन उपकरणों के रखरखाव में लापरवाही जैसी शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसी परिस्थितियां किसी हादसे की स्थिति में नुकसान को कई गुना बढ़ा सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए निगम प्रशासन सुरक्षा मानकों की वास्तविक स्थिति का आकलन करेगा।
सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी
तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है। होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल और कोचिंग सेंटर जैसे स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं। ऐसे में अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकास और सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच से संभावित हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
वर्जन
500 वर्ग गज से अधिक के करीब 100 होटल, मोटल और ढाबों को सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से केवल 20 प्रतिष्ठानों ने ही अग्निशमन अनुमति के लिए आवेदन किया जबकि 80 संचालकों ने अब तक आवेदन नहीं किया है। -रामेश्वर, जिला अग्निशमन अधिकारी।
सोनीपत। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित गेस्ट हाउस में 20 दिन पहले आग लगने से 22 और सोमवार को लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 बच्चों की मौत के बावजूद स्थानीय प्रशासन ने अब तक सबक नहीं लिया है।
500 वर्ग गज से अधिक की व्यवसायिक संपत्तियों को फायर एनओसी का प्रावधान है। दमकल विभाग का कहना है कि 10-12 कोचिंग संस्थान ने फायर एनओसी लिया है। यहां 100 से अधिक कोचिंग संस्थान है, लेकिन उनका एरिया 500 वर्ग गज से कम है।
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एनसीआर क्षेत्र में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां कई कोचिंग संस्थान, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट और छोटे होटल सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे हैं जहां किसी भी आपात स्थिति में लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
यहां आने-जाने के लिए केवल एक ही रास्ता है। दिल्ली हादसे के बाद नगर निगम की ओर से सर्वे अभियान चलाकर सुरक्षा मानकों की जांच करने का दावा किया था। उसके बाद भी धरातल पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
शिक्षा का हब माने जाने वाले सोनीपत में 10-12 कोचिंग संस्थान संचालकों ने फायर एनओसी ले रखी है। 100 से ज्यादा कोचिंग संस्थानों में रोजाना हजारों युवा कोचिंग लेने आ रहे हैं। दमकल विभाग का दावा है कि सभी कोचिंग संस्थानों में अग्निशमन यंत्र लगवा रखे है ताकि समय रहते आग बुझाई जा सके।
शहर में बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर भी संचालित हैं। इनमें विद्यार्थियों की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्नि सुरक्षा और भवन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होना बेहद आवश्यक है।
अधिकारियों का कहना है कि कई बार व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने, निकास मार्गों को अवरुद्ध रखने और अग्निशमन उपकरणों के रखरखाव में लापरवाही जैसी शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसी परिस्थितियां किसी हादसे की स्थिति में नुकसान को कई गुना बढ़ा सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए निगम प्रशासन सुरक्षा मानकों की वास्तविक स्थिति का आकलन करेगा।
सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी
तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है। होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल और कोचिंग सेंटर जैसे स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं। ऐसे में अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकास और सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच से संभावित हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
वर्जन
500 वर्ग गज से अधिक के करीब 100 होटल, मोटल और ढाबों को सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से केवल 20 प्रतिष्ठानों ने ही अग्निशमन अनुमति के लिए आवेदन किया जबकि 80 संचालकों ने अब तक आवेदन नहीं किया है। -रामेश्वर, जिला अग्निशमन अधिकारी।