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प्रोजेक्ट अक्षर : कथूरा ब्लॉक के पांचवी कक्षा तक के बच्चे 63 फीसदी गणित व अंग्रेजी में निपुण
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 18 Mar 2026 02:13 AM IST
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फोटो : सोनीपत के कथूरा ब्लॉक में चलाए गए प्रोजेक्ट अक्षर शैक्षणिक अभियान को लेकर एसीयूटी योगेश
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सोनीपत। डॉ. बीआर आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय राई के 15 असेसर की ओर से विद्यार्थियों के मूल्यांकन की टीम ने 2 व 3 फरवरी को जब बच्चों का आकलन किया गया तो 21 फीसदी बच्चे गणित व अंग्रेजी विषय में निपुण थे। 9 व 10 मार्च को दोबारा आकलन किया गया तो 63 फीसदी बच्चे निपुण मिले।
शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनित गर्ग के समक्ष सोमवार को जब एसीयूटी योगेश दिल्हौर व जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने प्रेजेंटेंशन दी तो उन्होंने इस बेहतरीन कार्य की सराहना की। बताया गया कि जिला प्रशासन की ओर से सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट अक्षर नामक विशेष शैक्षणिक अभियान चलाया गया है।
इसके माध्यम से बच्चों में पढ़ने, समझने और गणित की बुनियादी दक्षता को विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे प्रारंभिक कक्षाओं में ही उनकी शिक्षा की मजबूत नींव तैयार हो सकेगी। यह अभियान निपुण हरियाणा मिशन के लक्ष्यों को लागू करने की दिशा में शुरू किया गया है। मिशन का उद्देश्य बालवाटिका से लेकर कक्षा-5 तक के विद्यार्थियों को पढ़ने-लिखने और बुनियादी गणित में दक्ष बनाना है।
उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट अक्षर के तहत कथूरा ब्लॉक को पायलट ब्लॉक के रूप में चयनित किया गया जहां इस अभियान को योजनाबद्ध तरीके से लागू किया गया। अभियान के तहत कथूरा ब्लॉक के 24 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को परियोजना में शामिल किया गया। इसमें 2 व 3 फरवरी को 246 कक्षा-2 के विद्यार्थियों का सीखने के स्तर का विस्तृत आकलन किया गया।
इसके लिए एक महीना पहले ही स्कूलों को सूचित कर दिया था कि बच्चों का गणित व अंग्रेजी विषय का आकलन किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन का सहयोग लिया गया। सभी बच्चों की वन-टू-वन असेसमेंट के माध्यम से पढ़ने व गणितीय दक्षता की जांच की गई। मोबाइल, टैबलेट और डिजिटल माध्यमों के जरिए डेटा संग्रह किया गया।
क्लोज-लूप लर्निंग मॉडल अपनाया
परियोजना में क्लोज-लूप लर्निंग मॉडल अपनाया गया है। इसके तहत पहले विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया गया फिर उनकी कमजोरियों की पहचान कर शिक्षकों की ओर से विशेष शिक्षण गतिविधियां करवाई गईं और उसके बाद पुन: मूल्यांकन कर प्रगति का आकलन किया गया।
मूल्यांकन में दिखा उल्लेखनीय सुधार
प्रोजेक्ट अक्षर के पहले आकलन में पाया गया कि 246 विद्यार्थियों में से केवल 52 विद्यार्थी ही निपुण स्तर तक पहुंच पाए थे। इसके बाद जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और शिक्षकों ने मिलकर विशेष शिक्षण गतिविधियां और अतिरिक्त अभ्यास सत्र आयोजित किए। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप दूसरे चरण के मूल्यांकन में विद्यार्थियों के प्रदर्शन में महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया। हिंदी में वर्ण पहचान, शब्द पठन और वाक्य पठन की क्षमता में वृद्धि हुई। वहीं गणित में संख्या पहचान, जोड़ और घटाव जैसी बुनियादी दक्षताओं में भी बच्चों की प्रगति देखने को मिली।
कक्षा-2 के 75 फीसदी विद्यार्थियों को निपुण बनाना लक्ष्य
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि कक्षा-2 के कम से कम 75 फीसदी विद्यार्थी निपुण लक्ष्यों के अनुरूप दक्षता प्राप्त करें। प्रोजेक्ट अक्षर केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला है। आने वाले समय में विद्यार्थियों की प्रगति का पुन: मूल्यांकन किया जाएगा और लक्ष्य रखा गया है कि कथूरा ब्लॉक को पूर्ण रूप से निपुण ब्लॉक बनाया जाए।
इन पांच शिक्षकों की सराहनीय योगदान के लिए हुई प्रशंसा
एसीयूटी योगेश दिल्हौर ने बताया कि प्रोजेक्ट अक्षर के अंतर्गत कथूरा ब्लॉक के जिन विद्यालयों में सात या उससे अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और जहां 75 फीसदी से अधिक विद्यार्थी निपुण स्तर तक पहुंच चुके हैं। वहां कार्यरत शिक्षकों ने उल्लेखनीय कार्य किया है। इस उपलब्धि में प्रमुख रूप से योगदान देने वाले शिक्षकों में संत राम, राजकीय प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर खेड़ी, सुनील राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय गुड्ढा, जोगेंद्र राजकीय प्राथमिक विद्यालय बनवासा, संजय कुमार राजकीय प्राथमिक विद्यालय धनाना और ज्योति रानी राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय आहुलाना का बेहतरीन व उल्लेखनीय कार्य रहा है।
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शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनित गर्ग के समक्ष सोमवार को जब एसीयूटी योगेश दिल्हौर व जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने प्रेजेंटेंशन दी तो उन्होंने इस बेहतरीन कार्य की सराहना की। बताया गया कि जिला प्रशासन की ओर से सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट अक्षर नामक विशेष शैक्षणिक अभियान चलाया गया है।
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इसके माध्यम से बच्चों में पढ़ने, समझने और गणित की बुनियादी दक्षता को विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे प्रारंभिक कक्षाओं में ही उनकी शिक्षा की मजबूत नींव तैयार हो सकेगी। यह अभियान निपुण हरियाणा मिशन के लक्ष्यों को लागू करने की दिशा में शुरू किया गया है। मिशन का उद्देश्य बालवाटिका से लेकर कक्षा-5 तक के विद्यार्थियों को पढ़ने-लिखने और बुनियादी गणित में दक्ष बनाना है।
उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट अक्षर के तहत कथूरा ब्लॉक को पायलट ब्लॉक के रूप में चयनित किया गया जहां इस अभियान को योजनाबद्ध तरीके से लागू किया गया। अभियान के तहत कथूरा ब्लॉक के 24 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को परियोजना में शामिल किया गया। इसमें 2 व 3 फरवरी को 246 कक्षा-2 के विद्यार्थियों का सीखने के स्तर का विस्तृत आकलन किया गया।
इसके लिए एक महीना पहले ही स्कूलों को सूचित कर दिया था कि बच्चों का गणित व अंग्रेजी विषय का आकलन किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन का सहयोग लिया गया। सभी बच्चों की वन-टू-वन असेसमेंट के माध्यम से पढ़ने व गणितीय दक्षता की जांच की गई। मोबाइल, टैबलेट और डिजिटल माध्यमों के जरिए डेटा संग्रह किया गया।
क्लोज-लूप लर्निंग मॉडल अपनाया
परियोजना में क्लोज-लूप लर्निंग मॉडल अपनाया गया है। इसके तहत पहले विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया गया फिर उनकी कमजोरियों की पहचान कर शिक्षकों की ओर से विशेष शिक्षण गतिविधियां करवाई गईं और उसके बाद पुन: मूल्यांकन कर प्रगति का आकलन किया गया।
मूल्यांकन में दिखा उल्लेखनीय सुधार
प्रोजेक्ट अक्षर के पहले आकलन में पाया गया कि 246 विद्यार्थियों में से केवल 52 विद्यार्थी ही निपुण स्तर तक पहुंच पाए थे। इसके बाद जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और शिक्षकों ने मिलकर विशेष शिक्षण गतिविधियां और अतिरिक्त अभ्यास सत्र आयोजित किए। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप दूसरे चरण के मूल्यांकन में विद्यार्थियों के प्रदर्शन में महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया। हिंदी में वर्ण पहचान, शब्द पठन और वाक्य पठन की क्षमता में वृद्धि हुई। वहीं गणित में संख्या पहचान, जोड़ और घटाव जैसी बुनियादी दक्षताओं में भी बच्चों की प्रगति देखने को मिली।
कक्षा-2 के 75 फीसदी विद्यार्थियों को निपुण बनाना लक्ष्य
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि कक्षा-2 के कम से कम 75 फीसदी विद्यार्थी निपुण लक्ष्यों के अनुरूप दक्षता प्राप्त करें। प्रोजेक्ट अक्षर केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला है। आने वाले समय में विद्यार्थियों की प्रगति का पुन: मूल्यांकन किया जाएगा और लक्ष्य रखा गया है कि कथूरा ब्लॉक को पूर्ण रूप से निपुण ब्लॉक बनाया जाए।
इन पांच शिक्षकों की सराहनीय योगदान के लिए हुई प्रशंसा
एसीयूटी योगेश दिल्हौर ने बताया कि प्रोजेक्ट अक्षर के अंतर्गत कथूरा ब्लॉक के जिन विद्यालयों में सात या उससे अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और जहां 75 फीसदी से अधिक विद्यार्थी निपुण स्तर तक पहुंच चुके हैं। वहां कार्यरत शिक्षकों ने उल्लेखनीय कार्य किया है। इस उपलब्धि में प्रमुख रूप से योगदान देने वाले शिक्षकों में संत राम, राजकीय प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर खेड़ी, सुनील राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय गुड्ढा, जोगेंद्र राजकीय प्राथमिक विद्यालय बनवासा, संजय कुमार राजकीय प्राथमिक विद्यालय धनाना और ज्योति रानी राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय आहुलाना का बेहतरीन व उल्लेखनीय कार्य रहा है।