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Sonipat News: नगर निगम की हाउस बैठक में अब नहीं चलेगी ‘प्रॉक्सी राजनीति’
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 04 Jun 2026 07:57 AM IST
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फोटो मेयर राजीव जैन।
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सोनीपत। नगर निगम की हाउस बैठक में अब किसी भी प्रकार की प्रॉक्सी व्यवस्था पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बैठक में केवल निर्वाचित महापौर (मेयर) और निर्वाचित पार्षद ही व्यक्तिगत रूप से भाग ले सकेंगे। इनके स्थान पर पति, परिवार का सदस्य, निजी सहायक (पीए), समर्थक अथवा कोई अन्य प्रतिनिधि न तो बैठक में प्रवेश कर सकेगा और न ही कार्यवाही का हिस्सा बन पाएगा।
नगर निगम सचिवालय की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 के तहत निगम की कार्यवाही और निर्णय प्रक्रिया केवल निर्वाचित सदस्यों के माध्यम से ही संचालित की जा सकती है। इसी के मद्देनजर शहरी स्थानीय निकाय विभाग, हरियाणा की तरफ से 20 फरवरी को जारी आदेशों को पुन: लागू करते हुए सभी निकायों को नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार ने नगर निकायों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों की बैठकों में कम उपस्थिति को गंभीरता से लिया है। विभागीय समीक्षा में यह सामने आया कि कुछ स्थानों पर महिला पार्षदों की जगह उनके परिजन या प्रतिनिधि बैठकों में शामिल होते रहे हैं जबकि कानून के अनुसार निर्वाचित सदस्य का स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य है।
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सरकार का मानना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की वास्तविक भागीदारी तभी सुनिश्चित होगी जब वह स्वयं बैठकों में शामिल होकर निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनें।
नियमित बैठकों को लेकर भी सख्त हुआ विभाग
शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने हाउस बैठकों के आयोजन को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने कहा है कि कई नगर निकायों में निर्धारित समय पर बैठकें आयोजित नहीं की जा रही हैं जो नियमों का उल्लंघन है। प्रत्येक माह कम से कम एक सामान्य बैठक तथा प्रत्येक छह माह में तीन दिवसीय विशेष बैठक आयोजित की जानी चाहिए। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी पाई जाती है तो इसे प्रशासनिक चूक मानते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। नगर निगम प्रशासन ने सुरक्षा और रिसेप्शन स्टाफ को भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
नगर निगम में शहर की नई सरकार बनने के बाद 5 जून को पहली हाउस बैठक आयोजित होने जा रही है। ऐसे में प्रशासन ने बैठक की पारदर्शिता और गरिमा बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के आदेशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। बैठक में केवल निर्वाचित सदस्यों को ही प्रवेश मिलेगा।
- राजीव जैन, मेयर
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निर्देशों के अनुसार हाउस बैठकों में केवल निर्वाचित महापौर और निर्वाचित पार्षदों को ही भाग लेने की अनुमति होगी। किसी भी प्रतिनिधि, परिजन, पीए या अन्य व्यक्ति को बैठक में शामिल नहीं होने दिया जाएगा। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावी, जवाबदेह और पारदर्शी बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों की व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक है।
- हर्षित कुमार, आयुक्त, नगर निगम
नगर निगम सचिवालय की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 के तहत निगम की कार्यवाही और निर्णय प्रक्रिया केवल निर्वाचित सदस्यों के माध्यम से ही संचालित की जा सकती है। इसी के मद्देनजर शहरी स्थानीय निकाय विभाग, हरियाणा की तरफ से 20 फरवरी को जारी आदेशों को पुन: लागू करते हुए सभी निकायों को नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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सरकार ने नगर निकायों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों की बैठकों में कम उपस्थिति को गंभीरता से लिया है। विभागीय समीक्षा में यह सामने आया कि कुछ स्थानों पर महिला पार्षदों की जगह उनके परिजन या प्रतिनिधि बैठकों में शामिल होते रहे हैं जबकि कानून के अनुसार निर्वाचित सदस्य का स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य है।
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नियमित बैठकों को लेकर भी सख्त हुआ विभाग
शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने हाउस बैठकों के आयोजन को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने कहा है कि कई नगर निकायों में निर्धारित समय पर बैठकें आयोजित नहीं की जा रही हैं जो नियमों का उल्लंघन है। प्रत्येक माह कम से कम एक सामान्य बैठक तथा प्रत्येक छह माह में तीन दिवसीय विशेष बैठक आयोजित की जानी चाहिए। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी पाई जाती है तो इसे प्रशासनिक चूक मानते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। नगर निगम प्रशासन ने सुरक्षा और रिसेप्शन स्टाफ को भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
नगर निगम में शहर की नई सरकार बनने के बाद 5 जून को पहली हाउस बैठक आयोजित होने जा रही है। ऐसे में प्रशासन ने बैठक की पारदर्शिता और गरिमा बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के आदेशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। बैठक में केवल निर्वाचित सदस्यों को ही प्रवेश मिलेगा।
- राजीव जैन, मेयर
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निर्देशों के अनुसार हाउस बैठकों में केवल निर्वाचित महापौर और निर्वाचित पार्षदों को ही भाग लेने की अनुमति होगी। किसी भी प्रतिनिधि, परिजन, पीए या अन्य व्यक्ति को बैठक में शामिल नहीं होने दिया जाएगा। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावी, जवाबदेह और पारदर्शी बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों की व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक है।
- हर्षित कुमार, आयुक्त, नगर निगम